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उत्तराखंड : क्या आप इस खास तितली का नाम और खासियत जानते हैं ?

उत्तराखंड के पांच राज्य प्रतीक जिनमें शामिल हैं हिमालयी प्राय लुप्त जीव-वनस्पतियों की प्रजातियां। Five state symbols of Uttarakhand which include the endangered species Himalaya's fauna.

जैव विविधता को लेकर भारत का उत्तराखंड एक समृद्ध राज्य माना जाता है। पहाड़ों से घिरा यह राज्य प्राय लुप्त जीवों के साथ असंख्य वन्य प्राणियों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है। चारों तरफ फैली हरियाली, खूबसूरत नदी घाटियां, देवदार-चीड़ जैसे हिमालयी वृक्षों के घने जंगल उत्तराखंड को खास बनाने का काम करते हैं। उत्तराखंड कभी उत्तर प्रदेश का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन बाद में इसे (सन् 2000) एक अलग राज्य का दर्जा दे दिया गया।

आज यह राज्य प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवन के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। 'नेटिव प्लानेट' की इस जंगल सफारी में आज हमारे साथ जानिए उन हिमालयी दुर्लभ जीव-वनस्तियों की प्रजातियों के बारे में जिन्हें उत्तराखंड के राज्य प्रतीक का दर्जा दिया गया है।

 राज्य तितली का दर्जा

राज्य तितली का दर्जा

PC- Mike Prince

उत्तराखंड राज्य वन्य जीव बोर्ड ने 'कॉमन पीकॉक' नाम की तितली प्रजाति को राज्य तितली का दर्जा(2016) दिया है। वन्य जीव संरक्षण और प्रचार प्रसार के लिए यह एक बड़ा कदम है। वन्य जीव बोर्ड लंबे समय से जीव संरक्षण के क्षेत्र में काफी अग्रणी भूमिका निभाते आ रहा है। बता दें कि 'कॉमन पीकॉक' तितली की एक दुर्लभ प्रजाती है जो केवल भारत के हिमालयी क्षेत्रों (7000 फीट) में पाई जाती है।

अन्य राज्य प्रतीक- राज्य पक्षी

अन्य राज्य प्रतीक- राज्य पक्षी

PC- Ryan Poplin

'कॉमन पीकॉक' के अलावा भी चार अन्य जीव-वनस्पतियों को राज्य प्रतीक का दर्जा दिया गया है। जिनमें एक है, 'मोनाल' जिसे उत्तराखंड के राज्य पक्षी का दर्जा दिया गया है। यह हिमालयी दुर्लभ पक्षी पूरे विश्व के चुनिंदा सबसे खूबसूरत पक्षियों में गिना जाता है, जिसका वैज्ञानिक नाम 'लोफोफोरस इम्पीजेनस' है। यह दुर्लभ पक्षी उच्च हिमालयी क्षेत्रों के घने जंगलों में पाया जाता है। यह अकले और समूह के साथ रहने वाला पक्षी है।

मादा और नर मोनाल के शारीरिक रंग में काफी अंतर होता है, नर मोनाल जहां नीले-भूरे रंग का होता है तो वहीं मादा सिर्फ भूरे रंग की होती है। नर मोनाल के सिर पर कलगी होती है। बता दें कि यह मोनाल नेपाल का राष्ट्रीय पक्षी भी है।भोपाल : जिसने भी देखी यह रहस्यमयी पार्टी जिंदा नहीं लौटा !

उत्तराखंड का राज्य पशु

उत्तराखंड का राज्य पशु

PC- diana_rajchel

उत्तराखंड का राज्य पशु कस्तूरी मृग है, जो ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है। कस्तूरी मृग की गिनती जंगल के खूबसूरत जीवों में होती है। इस जीव की खास बात इसके नाभि की कस्तूरी है, जिसमें से मनमोहक खुशबू निकलती रहती है, जो इस जीव को बाकी जीवों से खास बनाती है।

उत्तराखंड का राज्य वृक्ष

उत्तराखंड का राज्य वृक्ष

PC- Spencer Weart

पिछले लेख में हमने उत्तराखंड में पाई जाने वाली हिमालयी वनस्पति बुरांस का जिक्र किया था। बता दें कि बुरांस को उत्तराखंड के राज्य वृक्ष का दर्जा प्राप्त है। यह वृक्ष लगभग 1500 से लेकर 3600 मीटर की ऊंचाई में पाया जाता है, जिसकी खासियत इसका लाल फूल होता हैं। मार्च-अप्रैल महीनों के दौरान इस बुरांस के पेड़ों पर फूल लगने शुरू होते हैं।

उत्तराखंड का राज्य पुष्प

उत्तराखंड का राज्य पुष्प

PC- Dinesh Valke

उपरोक्त प्रतीकों के बाद अब बारी आती है उत्तराखंड के राज्य पुष्प की। हिमालय के दुर्गम ऊंचे पहाड़ों पर एक खास फूल पाया जाता है, जिसका नाम है 'ब्रह्म कमल'। आकर्षक सुंदरता और पौराणिक महत्व के कारण इसे राज्य पुष्प का दर्जा दिया गया है। यह खास फूल उत्तराखंड के अलावा नेपाल, कश्मीर में भी पाया जाता है। फूलों की घाटी के रास्ते आपको जगह-जगह ब्रह्म कमल दिख जाएंगे। लेकिन यह फूल हमेशा आपको खिले हुए नहीं दिखेंगे, यह फूल खास समय में पूरी तरह खिलते हैं।

इस दुर्लभ फूल प्रजाति का वैज्ञानिक नाम 'सौसूरिया अब्वेलेटा' है। बता दें कि फूल का उल्लेख वेदों में की किया गया है। जिसका नाम ब्रह्मा जी के नाम पर रखा गया है।

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