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बनारस को एक नये नज़रिये से दिखाता है अस्सी घाट, यहां हर तरफ बिखरे हैं अध्यात्म के रंग

गंगा किनारे बसा बनारस दुनिया के सबसे पुराने शहरों में गिना जाता है। यह पूरा शहर गंगा नदी के इर्द-गिर्द ही घूमता है। फिर चाहे धार्मिक अनुष्ठान हो या फिर पर्यटन या रोजमर्रा की जरुरतों को पूरा करने के लिए कमाई का जरिया...सब कुछ गंगा मईया ही पूरी करती हैं।

गंगा के किनारे बनारस में कई घाट हैं जिनमें से सबसे अधिक चर्चा दशाश्वमेधा और मणिकर्णिका घाट की होती है। दशाश्वमेध घाट पर शाम को गंगा आरती और मणिकर्णिका घाट पर रात-दिन जलने वाली चिताएं सबसे अधिक चर्चित रहती हैं। पर इन घाटों में एक घाट ऐसा भी है, जो वाराणसी के अध्यात्म को एक नये नजरिये से दिखाता है। हम बात कर रहे हैं बनारस के अस्सी घाट की।

varanasi assi ghat

बनारस आने वाले हर सैलानी को कम से कम एक बार अस्सी घाट पर घूमने के लिए फुर्सत के कुछ पल जरूर निकाल लेने चाहिए। आइए बताते हैं ऐसा करना क्यों जरूरी है? क्यों अस्सी घाट को बनारस की Itinerary में एक Must Visit घाट कहा जाता है! -

अस्सी घाट की शांति

बनारस के दूसरे घाट जहां कोलाहल से भरे होते हैं, वहीं अस्सी घाट शांति के साथ अध्यात्म में डूबकी लगाने का मौका देती है। दशाश्वमेध घाट पर शाम को होने वाली गंगा आरती की लोकप्रियता दुनिया में छायी हुई है। लेकिन सुबह उगते सुरज के साथ गंगा से आती ठंडी हवाओं और शांत माहौल में भगवान की भक्ति में पूरी तरह से तल्लीन होने का मौका अस्सी घाट देती है। यहां सुबह के समय गंगा आरती आयोजित होती है। मंदिर की घंटियों, मंत्रोच्चारण और सुगंधित धूप की खुशबू से उस समय घाट का पूरा माहौल ही अध्यात्मिक हो जाता है।

धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हो

morning aarti assi ghat varanasi

अगर आपकी रुचि धर्म और धार्मिक अनुष्ठानों में है तो अस्सी घाट पर आना व्यर्थ नहीं होगा। यहां विभिन्न धार्मिक परंपराओं को समझने में आपको काफी मदद मिल जाएगी। सुबह के समय होने वाली पवित्र गंगा आरती में सिर्फ स्थानीय ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में तीर्थ यात्री भी शामिल होते हैं।

लेकिन सबसे खास बात है कि इस घाट पर भीड़ बढ़ने के बावजूद शांति भंग नहीं होती है। आरती के बाद जब गंगा में जलते हुए दीपकों को बहाया जाता है तो पानी की धारा के साथ बहते दीपकों की टिमटिमाती लौ एक अलग ही दृश्य बनाती है। इसे कैमरे में कैद किया जा सकता है।

Sunrise और Sunset देखने की बेस्ट जगह

sunset assi ghat varanasi

पहाड़ों पर आपने अक्सर सनराईज या सनसेट प्वाएंट के बारे में जरूर सुना होगा। लेकिन क्या आपने कभी बनारस में सूर्योदय या सूर्यास्त का आनंद उठाया है? अगर नहीं, तो अपनी अगली ट्रिप पर जरूर उठाएं। अस्सी घाट से सनराइज और सनसेट का जो मनमोहक नजारा दिखाई देता है, वह दिलों-दिमाग से इतनी आसानी से बाहर निकलने वाला नहीं होता है। उस समय आसमान के बदलते रंगों से आपको प्यार हो जाएगा। अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है तो इन पलों को कैमरे में जरूर कैद कर लें।

नाव की सवारी का अलग ही अनुभव

boating assi ghat varanasi

बनारस में नाव से गंगा में घूमना Itinerary में जरूर शामिल होता है। नाव से बनारस की सुन्दरता को अनुभव करना एक अलग ही अनुभव प्रदान करता है। सिर्फ गंगा नदी या सूर्योदय-सूर्यास्त ही नहीं बल्कि नाव से घूमने पर आपको बनारस के सालों पुराने मकान और घाटों के किनारे बने घर भी दिखाई देते हैं, जो इस शहर के इतिहास को बयां करते हैं।

अगर आप अस्सी घाट आते हैं, तो नाव से इस घाट और आसपास के इलाकों में जरूर घूमें। खासतौर पर अगर इस दौरान आपका पार्टनर आपके साथ हो तो नाव की सवारी का मौका बिल्कुल मत छोड़िएगा।

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