
सफर का मजा दुगना हो जाता है जब यातायात से साधन सुविधाजनक हों। कुछ इसी राह में भारतीय रेलवे लगभग 1 दशक से पूरी कोशिश में लगा है। सरकार भी चाहती है कि यात्रियों को सुविधाजनक सफर मुहैया करवाया जाए । इसलिए भारत में बुलेट ट्रेन की संकल्पना रखी गई। लेकिन इससे पहले सरकार ने यात्रियों के लिए एक बड़ा तोहफा दे डाला है, जो कामकाजी लोगों के साथ-साथ घूमने-फिरने निकले सैलानियों के लिए काफी बड़ा कदम माना जा रहा है।
वैसे लगातार भारत में स्पेशल ट्रेन्स को जगह दी जा रही है। जिससे कामकाजी लोग खास मौकों पर अपने घर बिना किसी दिक्कत के जा सकें। आइए जानते हैं ट्रेन के सफर को आरामदायक बनाने के लिए सरकार ने इस बार कौन सा बड़ा कदम उठाया है। जो भारतीय पर्यटन को बढ़ावा देगा।

सैलानियों का मजा होगा दोगुना
आपको जानकर खुशी होगी कि भारत में पहली बार शीशे की छत वाली ट्रेन की शुरूआत होने जा रही है। जिससे यात्रियों के साथ-साथ घूमने-फिरने निकले सैलानियों का सफर काफी मजेदार हो जाएगा। यह सेवा फिलहाल मुंबई से गोवा तक के लिए होगी। इन जो राज्यों के बीच कम होने के साथ-साथ काफी सुकूनभरी हो जाएगी। यह सेवा आने वाली 18 सितंबर से शुरू की जाएगी।रोमांच : गर्मी में बोर होने से अच्छा है बनाएं इन जगहों का प्लान

भारत में विस्टाडोम ट्रेन
यह भारत में पहली बार होने जा रहा है कि देश में शीशे की छत वाली ट्रेन चलेगी। दरअसल दादर से मडगांव के बीच चलने वाली जन शताब्दी एक्सप्रेस में एक विस्टाडोम कोच यानी की ग्लास-टॉप कोच को जोड़ा जाएगा।

ट्रेन की खास बातें
इस ट्रेन कोच को आधुनिक मनोरंजन और सुविधा से लैस किया जाएगा। जिसमें बैठकर यात्री-पर्यटक अपने सफऱ के आनंद को दोगुना कर सकेंगे। इसकी पहली खास बात होगी ग्लास-रूफ, दूसरी खास बात इस कोच में रोटेटेबल चेयर्स बैठने के लिए लगाए जाएंगे, साथ ही हैंगिंग एलसीडी टीवी का व्यवस्था भी की जाएगी।
इस कोच में 40 सीटें होगी। इस कोच में लगाई जाने वाली सीटें 360 डिग्री में घूम सकेंगी, जिससे यात्री बाहरी नजारों का भरपूर आनंद ले सकेंगे।भारत का ऐतिहासिक शहर, जहां इत्र की खुशबू से महकती हैं गलियां

कब-कब चेलेगी यह ट्रेन
ग्लास-टॉप वाली यह खास ट्रेन इस साल के सितंबर महीने के पहले हफ्ते में अपना सफर तय करेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह ट्रेन मानसून के दौरान सप्ताह में तीन दिन चलेगी वहीं बाकी समय में सप्ताह के पांच दिन सफर करेगी।
यह ट्रेन दादर(सुबह 5.25) से शुरू होकर मडगांव( शाम 4 बजे) तक चलेगी। इस खास कोच को चेन्नई में बनवाया गया है। कोच का किराया शताब्दी के एग्जीक्यूटिव क्लास के जैसा ही होगा, बाकी इसमें और भी शुल्क जोड़े जा सकते हैं। यात्री इसमें न्यूनतम यात्रा 50 किमी की कर सकेंगे।रहस्य : लखनऊ की इन जगहों को माना गया है सबसे प्रेतवाधित

भारतीय पर्यटन को बढ़ावा
ऐसी ट्रेन की शुरूआत का उद्देश्य भारतीय पर्यटन को बढ़ावादेना है। यात्री विस्टाडोम कोच के सहारे बेहतर सफर का अनुभव ले पाएंगे। गोवा और मुंबई पर्यटन के मामले में काफी बड़ा स्थान रखते हैं। इस तरह की कोच का निर्माण सैलानियों की सुविधा को देखकर करवाया गया है। यात्री, पर्यटक यात्रा के दौरान अद्भुत दृश्यों का आनंद ले पाएंगे। इस कोच की पूरी लागत 3.38 करोड़ बताई जा रही है।कश्मीर जाकर आनंद उठाएं इस खास फूलों के मेले का



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