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मई की चिपचिपाती गर्मी में घूमे पूर्वोत्तर भारत का खजाना- शिलांग

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तो कहां जाना छुट्टियों में कुछ प्लान किया या अभी तक सोच रहे हैं? क्या आपको इन छुट्टियों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड नहीं जाना है. तो फिर? मेरे पास एक आईडिया है, क्यों ना इन छुट्टियों पूर्वोत्तर भारत स्थित शिलांग घूमा जाए।

यहां का खूबसूरत मौसम, हसीन वादियां और दूर दूर तक फैली मखमली हरियाली आपका मन जीत लेगी। शीशे जैसी साफ पानी की झील,दिल को सम्मोहित करते झरने, उंचे ऊंचे पहाड़ों से सुसज्जित शिलांग पूर्वोत्तर भारत का एक बेहद ही अनमोल खजाना है। शिलांग की गोद में एडवेंचर स्पोर्ट्स और मनोरम प्रकृति के खूबसूरत नजारों को अच्छे से एन्जॉय किया जा सकता है।

मेघालय की राजधानी शिलांग 'पूर्व की स्कॉटलैंड' के नाम से भी जाना जाता है। तो क्यों इन छुट्टियों शिलांग के प्राकृतिक नजारों के बीच एक खुली हवा में उत्तर भारत की गर्मी को मात दी जाये।

आपको बताते चलें कि शिलांग और उसके आसपास अनेक दर्शनीय स्थल है जैसे- शिलांग पीक, लेडी हैदरी पार्क, कैलांग रॉक, वार्डस झील, मीठा झरना, हाथी झरना तो अपनी शिलांग यात्रा पर आप इन स्थानों का भ्रमण करना बिल्कुल न भूलें। आइये जानें शिलांग में क्या क्या देख सकते हैं आप।

शिलांग पीक

शिलांग पीक

Pc: Sindhuja0505

यह शिलांग का सबसे ऊंचा प्वाइंट है। इसकी ऊंचाई 1965 मीटर है। यहां से पूरे शहर का विहंगम नजारा देखा जा सकता है। रात के समय यहां से पूरे शहर की लाईट असंख्य तारों जैसी चमकती है। इतिहासकारों का ऐसा मानना है कि इसी पर्वत के कारण इस शहर का नाम शिलांग पड़ा। यहां के स्थानी जनजातीय लोगों का मानना है कि उनके देवता लीशिलांग इस पर्वत पर रहते हैं। यहां से वह पूरे शहर पर नजर रखते हैं और लोगों को हर तरह की मुसीबतों से बचाते हैं। शिलांग पीक के शानदार व्यूप्वाइंट के अलावा यहां इंडिया एयर फोर्स का रेडार भी स्थापित है। यहां का व्यूप्वांट इंडियन एयर फोर्स के परिसर में ही स्थित है। जानिए क्यों ये जगहें समर वेकेशन के लिए मानी गई हैं खास

उमियाम झील

उमियाम झील

Pc: Benoy

उमियाम झील जो बारापानी के नाम से भी जानी जाती है, मेघालय के री भोई जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। उमियाम नदी के ऊपर जल-विद्युत उत्पादन के लिए बनाए गए बांध के कारण 1960 में इस झील को बनाया गया। आज, यह झील अपने वाटर स्पॉट्स और साहसिक खेलों के कारण एक उत्कृष्ट पर्यटन स्थल के रुप में कार्य करती है।

हाथी झरना

हाथी झरना

Pc:pulak datta

यह ऊपरी शिलांग में स्थित है, जहां वायुसेना का पूर्वी वायु कमान भी है। यहां कई छोटे- छोटे झरने एक साथ गिरते हैं। यहां एक छोटे से रास्ते के सहारे झरने के नीचे भी जाया जा सकता है, जहां एक छोटी झील बनी हुई है। यहां आप पौधों की कई प्रजातियां देख सकते हैं, जिनमें से कुछ तो सिर्फ इसी क्षेत्र में पाए जाते हैं। यहां आपको कई स्थानीय दुकानें भी मिल जाएंगी, जिन्हें महिलाएं चलाती हैं। इन दुकानों में आपको राज्य और इस क्षेत्र के कुछ बेहद उत्कृष्ट हैंडीक्राफ्ट मिल जाएंगे। इसके अलावा एलिफेंट फॉल ट्रेकिंग के लिए भी एक बेहतरीन जगह है। एक और बात, अगर आप यहां जाएं तो स्थानीय परिधान को पहन कर फोटो खिंचवाना न भूलें।Pc:pulak datta

डॉन बोस्को सेंटर

डॉन बोस्को सेंटर

शहर के बीचों बीच और पुलिस बाज़ार से चंद ही कदम दूर है डॉन बोस्को संग्रहालय। ये वो स्थान है जहां आपको पूरे पूर्वोत्तर की संस्कृति की झलक एक ही छत के नीचे देखने को मिल जायगी। म्यूजियम में शिल्पकृति सात तल्ला बिल्डिंग में फैला हुआ है, जिसमें इसकी कुल 17 गैलरियां है। हर गैलरी पूर्वोत्तर राज्यों की संस्कृति के अलग-अलग पहलुओं को समर्पित है। इसी तरह आप हथियार, पोशाक, सजावटी सामान, डलिया, एल्कोव और भाषा की गैलरी भी देख सकते हैं। स्काईवॉक इस म्यूजियम की मुख्य विशेषताओं में से एक है, जिससे आप शिलांग शहर का मनमोहक और विहंगम नजारा देख सकते हैं।

लैट्लम कैन्यनंस

लैट्लम कैन्यनंस

Pc: Bedanta Das

खासी पहाड़ियों में स्थित लैट्लम कैन्यनंस एक ऑफ-बीट पर्यटन स्थल है। लैट्लम कैन्यनंस का शाब्दिक अर्थ है कि, पहाड़ी का अंत, यह जगह ट्रेकिंग उत्साही, प्रकृति प्रशंसकों और शांति चाहने वालों के लिए एक आदर्श स्थान है। इस पहाड़ी पर जायें और यहां के खूबसूरत नजारों को निहारे।

झरने

झरने

Pc:Dr.SHREYA DAS

शिलांग को झरनों क भी शहर कहा जा सकता है यहां मीठा झरना और हाथी झरना मस्ट सी स्थान हैँ। यहां के हैप्पी वैली में स्थित मीठा झरना बहुत ऊंचा और बिलकुल सीधा है। मॉनसून में इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है। जबकि ऊपरी शिलांग में स्थित हाथी झरना वायुसेना का पूर्वी वायु कमान भी है। यहां कई छोटे- छोटे झरने एक साथ गिरते हैं। यहां एक छोटे से रास्ते के सहारे झरने के नीचे भी जाया जा सकता है, जहां एक छोटी झील बनी हुई है।

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कैसे पहुंचें शिलांग

कैसे पहुंचें शिलांग

Pc: flicker

यहां जाने के लिए हवाई जहाज उत्तम माध्यम है। शिलांग से 40 किलोमीटर की दूरी पर उमरोई हवाई-अड्डा है। कोलकाता और गुवाहाटी से यहां के लिए सीधी उड़ानें है। दिल्ली से कोलकाता और गुवाहाटी के लिए सीधी उड़ानें है।

मेघालय में रेल लाइनें नहीं है। गुवाहाटी यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन है, जो शिलांग से 104 किलोमीटर दूर है। यहां से शिलांग पहुंचने में लगभग साढ़े तीन घन्टे लगते हैं। गुवाहाटी तक रेल के माध्यम से पहुंचा जा सकता है।

दिल्ली से गुवाहाटी पहुंचने के लिए राजधानी समेत कई रेलगाड़ियां हैं। गुवाहाटी से असम परिवहन निगम और मेघालय परिवहन निगम की बसें शिलांग से हर आधे घन्टे में चलती हैं। आप चाहें तो टैक्सी भी कर सकते हैं।

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