उत्तर प्रदेश के हाथरस में मंगलवार को एक धार्मिक सत्संग में भगदड़ मचने से 110 से अधिक लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। यह हादसा जिले के फूलराई गांव में हुए 'सत्संग' के समापन के समय हुआ, जिसे हाल के वर्षों में इस तरह की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक माना जा रहा है। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। कई शवों को पड़ोसी हाथरस जिले के अस्पताल ले जाया गया।

एटा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया, "एटा अस्पताल में 110 शव पहुंचे हैं। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।" हालांकि, बाद के अपडेट में मृतकों की संख्या काफी अधिक बताई गई। अस्पताल के आंकड़ों के आधार पर एक जिला अधिकारी ने बताया कि 110 से 120 लोग मारे गए। हालांकि, गैर-आधिकारिक रिपोर्टों में मृतकों की संख्या और भी अधिक बताई जा रही है। मृतकों या बेहोश लोगों को ट्रक और टेंपो में सीकंदरा राव ट्रॉमा सेंटर लाया गया। शव स्वास्थ्य केंद्र के बाहर पड़े थे और आसपास लोग जमा थे। एक वीडियो क्लिप में एक महिला को ट्रक में पांच-छह शवों के बीच में रोते हुए दिखाया गया है। वहीं, एक अन्य वीडियो में एक पुरुष और एक महिला को किसी अन्य वाहन में बेजान पड़े दिखाया गया है।

प्रत्यक्षदर्शी शकुंतला देवी ने पीटीआई वीडियो को बताया कि भगदड़ उस समय मची, जब लोग दिन भर चलने वाले 'सत्संग' के बाद कार्यक्रम स्थल से निकल रहे थे। उन्होंने बताया कि लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए और फिर शवों को बाहर निकाला गया।
सीकंदरा राव के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट रवेंद्र कुमार के अनुसार, भगदड़ उस समय मची जब कार्यक्रम के अंत में भक्तों ने 'सत्संग' कराने वाले भोले बाबा को देखने की कोशिश की। उन्होंने पीटीआई को बताया कि भक्त बाबा के चरणों के आसपास से कुछ मिट्टी भी लेना चाहते थे।
सीकंदरा राव थाना प्रभारी आशीष कुमार ने भगदड़ के लिए "भारी भीड़" को जिम्मेदार ठहराया। राज्य सरकार ने कहा कि आगरा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और अलीगढ़ के मंडलीय आयुक्त घटना की जांच करने वाली टीम का हिस्सा होंगे।
संसद में बोलते हुए, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि यह खबर दिल दहला देने वाली है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी दुख व्यक्त किया।
राज्य सरकार के एक बयान में कहा गया है कि इस कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। अदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और संदीप सिंह हाथरस के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्य सचिव और राज्य पुलिस प्रमुख को भी घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।



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