गत 22 जनवरी को रामलला अपनी जन्मभूमि में निर्मित भव्य महल में विराजित हो चुके हैं। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बने राम मंदिर के भूतल में श्याम वर्ण के रामलला, जिन्हें बालक राम के नाम से पुकारा जाता है, की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हो चुकी है।
अब मंदिर के प्रथम तल यानी First Floor में राम-दरबार बनाने की तैयारियां तेज कर दी गयी हैं। इसके साथ ही राम मंदिर जन्मभूमि परिसर के परकोटा और वहां प्रस्तावित 6 मंदिरों का निर्माण कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। बताया जाता है कि मुख्य मंदिर के निर्माण कार्य संपन्न होने के साथ-साथ परकोटा का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।

ज्ञात हो कि 161 फीट ऊंचे राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य जनवरी 2025 रखा गया है। हालांकि राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए दिसंबर 2024 का लक्ष्य निर्धारित किया है।
प्रथम तल में बनाया जाएगा राम दरबार
राम मंदिर के भूतल में बालक राम के रूप में श्याम वर्ण के रामलला की मनमोहक मूर्ति की स्थापना की गयी है। वहीं राम मंदिर के प्रथम तल में राम दरबार का निर्माण किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार पिछले महीने यानी अप्रैल के पहले सप्ताह में ट्रस्ट के अधिकारियों ने चेन्नई का दौरा किया था और वहां आईआईटी चेन्नई के विशेषज्ञों से राम दरबार के स्थापना को लेकर मंथन भी किया गया था।
कैसा सजेगा राम दरबार
मंदिर के प्रथम तल में स्थापित होने वाले राम दरबार में राजा राम अपने चारों भाईयों, माता सीता और परम भक्त हनुमान के साथ विराजमान होंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि भूतल के गर्भगृह में स्थापित बालक राम की मूर्ति कृष्ण शिला से बनायी गयी है तो राम दरबार में भी राजा राम की मूर्ति श्याम शिला से ही बनायी जाएगी।

चूंकि माता सीता गोरी थी, इसलिए उनकी मूर्ति को मकराना पत्थर से बनायी जा सकती है। भगवान राम के बाकी सभी भाईयों समेत हनुमान की मूर्ति भी सफेद पत्थर से ही बनायी जाएगी।
कौन करेगा मूर्तियों का निर्माण
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा दिया जा रहा है कि राम दरबार के लिए मूर्तियां बनाने का काम अरुण योगीराज ही कर सकते हैं। बता दें, अरुण योगीराज ने ही रामलला की श्यामवर्ण की मूर्ति को तराश कर जीवंत रूप दिया था, जिसकी प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को अयोध्या में हुई।
हालांकि अभी तक यह निर्णय नहीं लिया गया है कि राजा राम की प्रतिमा का निर्माण किस पत्थर से किया जाएगा। बताया जाता है कि राम मंदिर परिसर में प्रवेश और निकासी के लिए कुल 8 द्वार बनाएं जाएंगे, जिनमें से कुछ को वीवीआईपी मुवमेंट के लिए आरक्षित रखा जाएगा और बाकी को आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा।



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