G20 शिखर सम्मेलन की बैठक होगी दिल्ली में लेकिन पहाड़ों के होटल हो रहे हैं फुल। क्यों? बंद पड़ने वाली है दिल्ली। इसलिए लोग दिल्ली छोड़कर भाग रहे हैं पहाड़ों की तरफ। पर क्यों? दोनों सवालों के जवाब एक-दूसरे से संबंधित हैं। दरअसल, 8 से 10 सितंबर तक दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन की बैठक होने वाली है।

इसके लिए विदेशों से कई राष्ट्राध्यक्ष दिल्ली आने वाले हैं जिस लिस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाईडेन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन के नाम शामिल होने की संभावना है। इस वजह से दिल्ली का एक हिस्सा खास तौर पर नई दिल्ली पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी।
इन राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा में कोई चुक ना हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए नई दिल्ली के सभी स्कूल, कॉलेज, यहां तक कि शॉपिंग मॉल को भी बंद कर दिया जाएगा। सामानों से लदी गाड़ियों को दिल्ली की सीमा पर ही रोक दिया जाएगा। सिर्फ जरूरी सामानों की गाड़ियों को ही दिल्ली की सीमा के अंदर प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। इस शिखर सम्मेलन में भले ही बड़े-बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हो लेकिन आम लोगों के लिए यह जी का जंजाल ही है।

दिल्ली की आम जनता के लिए यह बिना वजह के बंद होने जैसा ही है। G20 शिखर सम्मेलन के कारण दिल्ली के स्टार होटलों में कमरों की बुकिंग तो की जा रही है लेकिन इन होटलों के अधिकांश कमरे खाली ही रह जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक G20 शिखर सम्मेलन में विदेशी मेहमानों की संख्या 8000 होगी जबकि दिल्ली के स्टार होटलों में कुल कमरों की संख्या करीब 17,000 है।
ऐसी स्थिति में एक तरफ दिल्ली के होटलों में जहां कमरे खाली पड़े हुए हैं लेकिन पहाड़ों के होटलों के कमरे फुल हो गये हैं। दिल्ली के होटलों में 50% की छुट तक दी जा रही है लेकिन G20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी मेहमानों के अलावा किसी भी और विदेशी सैलानी के इस समय दिल्ली में नहीं आने की वजह से होटलों में अधिकांश कमरे खाली ही रह गये हैं।

दूसरी तरफ, पर्यटकों ने जयपुर, हरिद्वार, कुंभलगढ़, ऋषिकेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मु और कश्मीर का रुख किया है। सिर्फ विदेशी पर्यटकों ने ही नहीं बल्कि 7 से 10 सितंबर तक लॉन्ग वीकेंड मिलने की वजह से दिल्लीवाले भी पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। दिल्लीवालों को घूमना-फिरना काफी पसंद होता है इस वजह से हिल स्टेशनों के होटल इन दिनों में फुल हो चुके हैं। सिर्फ होटल ही नहीं बल्कि टूर एंड ट्रैवल एजेंसी वालों के पास गाड़ियां भी कम पड़ रही हैं। इसका सबसे ज्यादा फायदा छोटे-छोटे ट्रैवल एजेंसियों को हो रहा है।
G20 शिखर सम्मेलन की तारीख

- 5-6 सितंबर : फाइनेंस डेप्यूटी की बैठक
- 6 सितंबर : ज्वाएंट शेरपा और फाइनेंस डेप्यूटी की बैठक
- 9-10 सितंबर : :G20 शिखर सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों की बैठक



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