अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के साथ ही इन दिनों हावड़ा-पटना-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भी सुर्खियों में छाया हुआ है। हावड़ा से पटना होते हुए वाराणसी तक लगभग 760 किमी की दूरी को तय करने के लिए तैयार किया जाएगा नया हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, जिसे आम बोल-चाल की भाषा में बुलेट ट्रेन के नाम से ही जाना जा रहा है। इस कॉरिडोर पर लगभग 350 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हावड़ा से वाराणसी के बीच ट्रेन 760 किमी की दूरी को लगभग 2 से 2.30 घंटे में तय करेगी।
पिछले दिनों ही इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के रूट व अन्य कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आयी हैं। लेकिन आज हम आपको उन शहरों के बारे में बताने वाले हैं, जहां हावड़ा-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का नया स्टेशन बनाया जा सकता है। इसके साथ ही हम आपको बताएंगे कि इस परियोजना का कितना काम आगे बढ़ चुका है!

होगा एलिवेटेड ट्रैक
अब तक आपको पता चल ही चुका होगा कि हावड़ा से वाराणसी तक यह बुलेट ट्रेन बर्दवान, दुर्गापुर, आसनसोल, धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, गिरीडिह, पटना, गया, आरा, बक्सर आदि स्टेशनों से होकर गुजरेगी। लेकिन क्या आप जानते हैं, हावड़ा से वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन के लिए जो नया रेलवे ट्रैक बिछाया जाएगा, वह पूरी तरह से एलिवेटेड होगा।
दैनिक जागरण की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार हावड़ा से वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन लगभग 360 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ेगी, जो बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों से होकर गुजरेगी। इसलिए लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ही बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए एलिवेटेड ट्रैक बनाने का फैसला लिया गया है। इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का सबसे लंबा हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा जो लगभग 260 किमी लंबा एलिवेटेड ट्रैक होने वाला है।
कौन से शहरों में बनेगा स्टेशन?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस परियोजना में जिन शहरों में बुलेट ट्रेन का नया स्टेशन बनाने की संभावना है, उनमें शामिल हैं -
- वाराणसी
- बक्सर
- पटना
- गया
- नवादा
- जहानाबाद
- धनबाद
- आसनसोल
- दुर्गापुर
- बर्दवान
- हावड़ा

बता दें, इस परियोजना के एक भाग के तौर पर गया जंक्शन पर एक अत्याधुनिक बुलेट ट्रेन स्टेशन का निर्माण शुरू भी किया जा चुका है। पूर्वी भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ने और हावड़ा से वाराणसी के बीच की दूरी को एक झटके में कम करने में बुलेट ट्रेन परियोजना काफी मददगार साबित होगी। कहा जा सकता है कि पटना होकर हावड़ा से बनारस तक की बुलेट ट्रेन परियोजना पूर्व रेलवे की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है।
कितना आगे बढ़ा है परियोजना का काम?
वाराणसी से हावड़ा तक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर लगभग 760 किमी लंबा होगा, जो पूर्वी भारत के 3 राज्यों के कई प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगी। मिली जानकारी के अनुसार इस कॉरिडोर के निर्माण के लिए नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का आदेश दे दिया है।
यह कॉरिडोर बिहार के जिन 5 जिलों व शहरों से गुजरेगा, वहां सर्वेक्षण और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया गया है। बताया जाता है कि जल्द ही इस परियोजना के लिए उन एजेंसियों का चयन भी कर लिया जाएगा, जो इस पूरे कॉरिडोर के निर्माण की देखरेख करेंगे।
कब से शुरू होगा निर्माण और कब पूरा?
वर्तमान में हावड़ा से बनारस तक किसी भी सामान्य मेल या एक्सप्रेस ट्रेन से पहुंचने में 7 से 8 घंटे का समय लगता है। लेकिन हावड़ा-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के निर्माण से इन दोनों शहरों के बीच की दूरी 4 घंटे तक कम हो जाएगी। इससे न सिर्फ इन दोनों शहरों का आर्थिक विकास होगा बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस परियोजना को दो चरणों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पहले चरण में बक्सर, पटना और गया में स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, वहीं दूसरे चरण में आरा और जहानाबाद स्टेशन का निर्माण होगा। बताया जाता है कि इस परियोजना के तहत बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के निर्माण की शुरुआत वर्ष 2030 से किया जा सकता है। वहीं इस परियोजना को 2031 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य बनाया गया है।



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