कोलकाता मेट्रो के जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर (पर्पल लाइन) का एक प्रमुख स्टेशन होने वाला है विक्टोरिया मेमोरियल मेट्रो स्टेशन। जमीन से लगभग 14.7 मिटर की गहराई से गुजरेगी मेट्रो लाइन। हाल ही में इस कॉरिडोर के विक्टोरिया मेमोरियल स्टेशन निर्माण की ओर मेट्रो रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) की तरफ से पहला कदम बढ़ाया गया है।
इसके तहत विक्टोरिया मेमोरियल के पास मौजूद ब्रिगेड परेड ग्राउंड से 29 पेड़ों को हटाने का फैसला लिया गया है। जी हां, इन पेड़ों को काटा नहीं बल्कि अपनी जगह से हटाकर दूसरी जगह पर प्रत्यारोपित कर दिया जाएगा।

इसे कोलकाता मेट्रो के इतिहास में पहली ऐसी घटना कही जा सकती है जब विशाल पेड़ों को काटकर नहीं बल्कि स्थानांतरित कर मेट्रो स्टेशन के लिए जगह बनायी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार विक्टोरिया मेमोरियल के पास जो मेट्रो स्टेशन बनेगा वह भूमिगत होगा।
मेट्रो स्टेशन की चौड़ाई लगभग 325 मीटर होगी। मेट्रो स्टेशन तैयार करने के लिए काफी मुश्किलों के बाद रेलवे को ब्रिगेड परेड में जो स्थान मिला है, उसे कोलकाता का फेंफड़ा कहा जाता है। इस जगह पर चुल्हा जलाना या गाड़ियों की पार्किंग तक पर पाबंदी है, ताकि यहां सालों पुराने पेड़ों और यहां के हवा की गुणवत्ता को कोई नुकसान न हो।
लेकिन इस जगह पर सबसे अधिक समस्या 500 वर्ग मीटर के क्षेत्र को लेकर हो रही थी, क्योंकि यहां लगभग 29 काफी पुराने पेड़ थे। पर्यावरणविद् जिन्हें काटने के विपक्ष में थे। इन पेड़ों में 80 साल पुराना बरगद का एक पेड़, 50-60 साल पुराना पीपल का पेड़, कृष्णचुड़ा और राधाचुड़ा जैसे पुराने पेड़ भी शामिल थे। आखिरकार काफी माथापच्ची करने के बाद मेट्रो रेलवे प्रबंधन ने फैसला लिया कि इन पेड़ों को बचाया जाएगा और उन्हें काटा नहीं हटाया जाएगा।

आमतौर पर अगर मेट्रो कोई पेड़ काटता है तो राष्ट्रीय पर्यावरण अदालत के आदेश पर वह हर कटने वाले पेड़ के बदले में 10 नये पेड़ उगाता है। लेकिन इस बार विशेषज्ञों से सलाह लेकर मेट्रो रेलवे ने इन 29 पेड़ों को काटने के बजाए उन्हें स्थानांतरित करने का फैसला लिया है।
IIT गुवाहाटी के विशेषज्ञों से बात करके मेट्रो रेलवे इन 29 पुराने पेड़ों को उनके जड़ समेत उखाड़कर नयी जगह पर लगाएगी। मिली जानकारी के अनुसार विक्टोरिया मेमोरियल से सटे मैदान इलाके के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मौजूद इन 29 पेड़ों का नया ठिकाना अब बेलियाघाटा बाइपास से सटे कामारडांगा इलाका होने वाला है। हालांकि अभी तक यह फैसला नहीं हो पाया है कि इस कॉरिडोर का एस्प्लेनेड (धर्मतल्ला) में स्टेशन कहां बनाया जाएगा।

कोलकाता के ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर का जो स्टेशन है, वहां कोई और स्टेशन बनाने की जगह नहीं बची थी। जानकारी के अनुसार मेट्रो प्रबंधन ने फैसला लिया था कि ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के बगल में ही जहां वर्तमान में विधान मार्केट मौजूद है, वहां पर्पल लाइन (जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर) का मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा। लेकिन वह जमीन भारतीय सेना की है और सेना ने अभी तक उसे मेट्रो प्रबंधन को सौंपने के लिए अपनी हामी नहीं भरी है। बहरहाल, साल 2026 तक 16 किमी लंबी पर्पल लाइन को पूरा तैयार कर लेने का लक्ष्य बनाकर मेट्रो अपना काम कर रही है।



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