पिछले दिनों बिहार मंत्रिमंडल ने चार शहरों, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर में मेट्रो सेवा शुरू करने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। लेकिन लोगों के मन में एक सवाल अभी भी घूम रहा है कि पटना में कब तक मेट्रो का काम पूरा होगा? पटना में कब से शुरू होगी मेट्रो सेवा! तो पटनावालों के लिए अच्छी खबर है।
बिहार के विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नितिन नवीन ने पटना मेट्रो के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है, जिसमें उन्होंने एक निर्धारित समय के अंदर हर हाल में पटना मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर का काम पूरा करने का आदेश दिया है।

कब तक पूरा करना होगा प्रायोरिटी कॉरिडोर?
मीडिया में छपी खबरों के अनुसार पिछले दिनों बिहार मंत्रिमंडल के मंत्री नितिन नवीन ने पटना मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को अगले साल यानी मई 2025 तक हर हाल में पूरा करने का सख्त निर्देश अधिकारियों को दे दिया है। सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने हर महीने मेट्रो के निर्माण कार्य की प्रगति का रिपोर्ट विभाग के पास जमा करने का भी आदेश दिया है।
बता दें, पटना मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर कंकड़बाग के मलाही पकड़ी से न्यू आइएसबीटी तक बनाया जा रहा है। पटना मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.5 किमी लंबा एलिवेटेड होगा जिसमें 5 स्टेशन होंगे। इसके अलावा इस कॉरिडोर में 6 और स्टेशन भी होंगे जो भूमिगत बनाए जा रहे हैं।
गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल पटना मेट्रो के पहले फेज के एलिवेटेड स्टेशनों का काम जारी है। मंत्री ने अधिकारियों को स्टेशन और मेट्रो के रखरखाव के लिए बन रहे डिपो के काम में तेजी लाने का निर्देश तो दिया है, साथ ही यह भी कहा है कि कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि मेट्रो के लिए 20-20 प्रतिशत की राशि केंद्र और राज्य सरकार देगी।
अभी इसी फंड से काम हो रहा है। इसके अलावा 60 प्रतिशत हिस्सा जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जाइका) से ऋण के रूप में ली जाएगी। जाइका के अधिकारियों से बात कर अगले महीने तक इस राशि से काम शुरू कराने की संभावना जतायी जा रही है।
PMCH के पास बना राधाकृष्ण का मंदिर हटेगा
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार पटना में मेट्रो रेल निर्माण, खासतौर पर पटना मेट्रो के डिपो के निर्माण में कुछ संरचनाएं बाधा बन रही है। हाल ही में पटना के जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने उन बाधाओं को तोड़ने का आदेश दिया है। इसके लिए कई मकानों को चिह्नित भी किया जा चुका है। PMCH के पास भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए जिस जमीन का अधिग्रहण किया गया है उस जमीन पर चार मेडिकल दुकानें और एक राधाकृष्ण का मंदिर है।

उन्हें भी हटाने का फैसला लिया गया है। बताया जाता है कि पटना के डीएम ने मेट्रो अधिकारियों को मकान मालिकों से बात करके मामले को सुलझाने के लिए कहा है। वहीं जिन लोगों के मकान तोड़े जाने हैं वे पुनर्वास और मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।
बता दें, पटना मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो का संचालन अप्रैल 2026 तक शुरू होने की संभावना है जिसमें 5 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। इसके अलावा इस कॉरिडोर में 6 भूमिगत स्टेशन भी होंगे।



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