अगर आप कुछ समय बाद वाराणसी के टूर की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है। पिछले कुछ समय से धर्म नगरी काशी पर्यटन के क्षेत्र में नये आयाम लिख रही है। काशी में आने वाले पर्यटकों की संख्या में दिनों-दिन बढ़ोतरी होती जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार भी वाराणसी में टूरिज्म को खूब बढ़ावा दे रही है।

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने अब काशी में हेली-टूरिज्म स्कीम को जल्द शुरू करने की योजना बनायी है। यानी स्थल और जल के बाद अब पर्यटक बनारस की खुबसूरती को आसमान से भी निहार सकेंगे।
पूरी कर ली गयी है सारी तैयारियां
वाराणसी में हेली टूरिज्म स्कीम को केवल कुछ दिनों के लिए नहीं बल्कि इसे बनारस टूरिज्म के एक महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर शुरू करने की योजना बनायी गयी है। यानी एक बार शुरू होने के बाद हेली-टूरिज्म को फिर कभी बंद नहीं किया जाएगा। बताया जाता है कि इसके लिए उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग ने सारी तैयारियां पूरी कर ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वाराणसी के नमो घाट से हेली-टूरिज्म सेवा को शुरू किया जाएगा। इसके लिए नमो घाट पर स्मार्ट सिटी की तरफ से बनाए जा रहे हेलीपैड से थोड़ी दूरी पर ही हेली-टूरिज्म के लिए हेलीपैड बनाया जा रहा है।

एक बार में 6 यात्री भरेंगे उड़ान
उत्तर प्रदेश के टूरिज्म विभाग के डेप्यूटी डायरेक्टर राजेंद्र कुमार रावत ने इस बाबत जानकारी देते हुए कहा, "वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा दर्शन करवाते हुए हेलीकॉप्टर सेवा को शुरू किया जाएगा। हेलीकॉप्टर से यह उड़ान 20 से 25 मिनट की होगी, जिसमें काशी विश्वनाथ मंदिर और मां गंगा के दर्शन आसमान से करवाए जाएंगे। एक बार में एक हेलीकॉप्टर में पायलट समेत कुल 6 लोग सवार हो सकेंगे।"

हालांकि हेली-टूरिज्म के लिए पर्यटकों को कितना खर्च करना पड़ेगा या इसकी बुकिंग कैसे कर सकेंगे, इस बारे में अभी तक कोई जानकारी मुहैया नहीं करवायी गयी है। बताया जाता है कि वाराणसी से प्रयागराज, चित्रकूट, नैमिषारण्य, अयोध्या, मथुरा और कुशीनगर जिलों में भी हेलीकॉप्ट चलाने की तैयारी चल रही है। इन सभी शहरों के लिए पैकेज तैयार किए जाएंगे।
चंदौली में बनाया जा रहा है ईको-टूरिज्म
वाराणसी आने वाले पर्यटकों को नया अनुभव प्रदान करने के लिए बनारस से सटे चंदौली में ईको-टूरिज्म की शुरुआत की जाएगी। यहां कई तरह के एडवेंचरस एक्टिविटी का प्रस्ताव दिया जा रहा है जो वाराणसी आने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर सकेगा। इस बारे में राजेंद्र कुमार रावत का कहना है कि वाराणसी में पर्यटन ने आर्थिक कारोबार को एक नयी उड़ान दी है।

ऐसे में अब हेलीकॉप्टर स्कीम के जरिए काशी और आसपास के धार्मिक शहरों को दिखाने की नयी पहल रोजगार के नये रास्तों को खोलेगी। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि वाराणसी एडवेंचरस टूरिज्म का हब बनेगा। बता दें, काशी आने वाले पर्यटकों को अर्द्धचंद्राकार घाट व सदियों से सीधा खड़े वाराणसी के ऐतिहासिक इमारतों के अलावा गंगा दर्शन करवाने के लिए आधुनिक क्रुज भी चलायी जाती है।



Click it and Unblock the Notifications













