रात के समय जगमगाते जुगनु बेहद खूबसूरत लगते हैं। बायोल्यूमिनिसेंट प्रतिक्रिया के कारण जुगनुओं के शरीर में प्रकाश रहता है। जुगनुओं को मॉनसून के मौसम में देखना और भी खूबसूरत रहता है क्योंकि इस दौरान मादा जुगनुओं को लुभाने का समय रहता है।
प्रत्येक नर जुगनु में उनका एक अनोखा प्रकाश होता है जिससे वो मादा जुगनु को लुभाने की कोशिश करते हैं। यहां तक कि कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि उनके पास 2000 से भी ज्यादा मूव्स होती हैं। नर जुगनु के प्रदर्शन को देखने के बाद मादा अपने अनुसार एक नर जुगनु चुन लेती है और फिर उसके साथ एक खास प्रकाश प्रतिमान का विनिमय करती है।
अगर आप जगमगाते जुगनुओं को एकसाथ देखना चाहते हैं और आप मुंबई में ही रहते हैं तो आप अपनी ये इच्छा बस कुछ ही किमी की दूरी तय कर पूरी कर सकते हैं। इन जगहों पर रात के अंधेर में जुगनुओं की मद्धम रोशनी में बेहद खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है।
इन क्षेत्रों में ट्रैकिंग का मज़ा लेते हुए आप जुगनुओं को देखने का अनुभव भी ले सकते हैं। इस काम में मुंबई के कई ट्रैकिंग ग्रुप्स आपकी मदद कर सकते हैं। ये रोज़ाना ही इन जगहों पर ट्रैकिंग का प्लान बनाते हैं।

जुगनु देखने का सबसे सही समय
मॉनसून शुरु होने से पहले यानि मई से लेकर जून तक का समय यहां पर जुगनु देखने के लिए सबसे सही माना जाता है। जून के शुरुआती दो सप्ताह में जुगनुओं को देखने का मज़ा ही कुछ और होता है।
इन महीनों में यहां के क्षेत्रों में ट्रैकिंग का मज़ा भी दोगुना हो जाता है क्योंकि इस समय यहां का मौसम बेहद सुहावना होता है। इस दौरान गर्मी की तपिश से बदलकर मौसम ठंडा हो जाता है।

भंडारदरा
भंडारदरा मुंबई से सिर्फ 142 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां पर आप जगमागते हुए जुगनुओं को एकसाथ देख सकते हैं। इस जगह पर प्राकृतिक सौंदर्य की कोई कमी नहीं है। यहां पर पानी के झरने, नदी और हरे-भरे पेड़ हैं।
कलसुबाई शिखर से जुगनुओं का नज़ारा सबसे ज्यादा मनोरम दिखाई देता है। यहां पर आप वीकएंड पर दिन में ट्रैंकिंग और राम में कैंप का लुत्फ उठा सकते हैं। PC:Elroy Serrao

डांग वन क्षेत्र
मुंबई से डांग वन क्षेत्र 284 किमी की दूरी पर स्थित है। इस जगह को डांग दरबार के नाम से भी जाना जाता है। ये एक नृत्यु उत्सव होता है जोकि रंगों के त्योहार होली के बाद मनाया जाता है। यहां पर आप विभिन्न प्रजातियों के पक्षी जैसे कि तोता, चिडिया, सफेद बगुला आदि देख सकते हैं। लेकिन दिन ढलने के बाद यहां सिर्फ जुगनुओं का राज रहता है।
एक दिन डांग वन क्षेत्र में गुज़ारने पर आप खुद को प्रकृति के ज्यादा करीब पाएंगें। यहां दिन में कई तरह के पक्षी तो रात में जुगनु दिखाई देते हैं। डांग वन क्षेत्र में घूमने के लिए टूर गाइड भी मिलते हैं तो आपको इस वन के बारे में हर छोटी बात और जगह के बारे में बता सकते हैं।

राजमाची किला
शिवाजी महाराज का शानदार राजमाची किला भी आपका ये सपना पूरा कर सकता है। मराठा राजवंश के दौरान इस किले को राजधानी के रूप में प्रयोग किया जाता था। मॉनसून के दौरान इस किले तक ट्रैकिंग का मज़ा आपको कभी ना भूलने वाला अनुभव देगा, साथ ही यहां पर आप जुगनुओं की जगमगाहट को भी देख सकते हैं।
इय किले की ट्रैकिंग के दो रास्ते हैं। एक ही दिन में आप किले के शिखर पर ट्रैकिंग कर पहुंचकर जुगनुओं को देख सकते हैं। ये जगह मुंबई से 94 किमी की दूरी पर स्थित है।

पुरुषवाड़ी
मुंबई से 174 किमी और पुणे से 164 किमी की दूरी पर स्थित है पुरुषवाड़ी। ये बेहद खूबसूरत जगह है जहां से आप हज़ारों की संख्या में जगमगाते हुए जुगनुओं को देख सकते हैं। जून के पहले सप्ताह में पुरुषवाड़ी में पर्यटकों और आगंतुकों के कैंप की भीड़ रहती है।
यहां तक कि कुछ संस्थाएं तो इस जगह पर पुरुषवाड़ी जुगनु फेस्टिवल का भी आयोजन करती हैं। यहां एक रात रूक कर आप जुगनुओं को देखने की अपने मन की इच्छा पूरी कर सकते हैं।

संधन घाटी
पर्वतीय क्षेत्र इगतपुरी में ही संधन घाटी स्थित है। मुंबई से संधन घाटी 122 किमी की दूरी पर स्थित है। जुगनुओं को देखने के लिए ये जगह भी कुछ कम मशूहर नहीं है। संधन घाटी ट्रैंकिंग का लुत्फ उठाने के लिए भी मशूहर है। ट्रैकिंग क्लब रोज़ाना एक दिन की ट्रैकिंग का प्रोग्राम यहां कि लिए बनाते रहते हैं।
ट्रैकिंग और जुगनुओं को देखने के बाद आप बाकी के समय में इगतपुरी के अन्य दर्शनीय स्थल जैसे भट्सा नदी घाटी और त्रिग्नालवाड़ी किला देख सकते हैं।



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