
दुर्गापुर पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले का एक खूबसूरत शहर है। जो अपने इस्ताप कारखानों और एनआईटी के लिए मुख्यत: जाना जाता है। जानकारों की मानें तो यह शहर कभी घना जंगल हुआ करता था, जिसके बाद धीरे-धीरे जंगल कटते गए और आधुनिक भवन-इमारतों का निर्माण होता गया। कहते हैं कि पहले यहां चोरी-चकारी व खून खराबे जैसी घटनाएं आम थी, रात के पहर में राहगीरों को निशाना बनाकर लूटपाट की जाती थी। लेकिन अब इस शहर में जंगल नहीं बचे तो ऐसी घटनाएं बंद हो चुकी हैं।
आज दुर्गापुर की गिनती भारत के आधुनिक शहरों में होती है। तरक्की के मार्ग पर निरंतर बढ़ रहा यह शहर अपनी पहचान का विस्तार करते जा रहा है। अब इसकी पहचान सिर्फ इस्पात और एनआईटी तक ही सीमित नहीं रही बल्कि बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, शॉपिंग मॉल इस शहर के पर्याय बन चुके हैं। शहर के मध्य स्थित 'सिटी सेंटर' को 'हार्ट ऑफ दुर्गापुर' कहा जाता है।
'सिटी सेंटर' शहर के मुख्य आकर्षण का केंद्र है, जहां देर रात तक जगमगाहट बनी रहती है। लेकिन इस शहरी चकाचौंध के बीच एक ऐसी भी दुनिया है जो आधी रात के बाद शहर में दस्तक देती है। वो दुनिया है भूत-प्रेत और भटकती आत्माओं की। हमारे साथ जानिए दुर्गापुर स्थित चुनिंदा प्रेतवाधित स्थानों के बारे में जहां शाम के बाद का सन्नाटा काफी है किसी के भी होश उड़ाने के लिए।

एनआईटी दुर्गापुर
एनआईटी दुर्गापुर शहर के सबसे प्रेतवाधित स्थानों में गिना जाता है। कई एकड़ क्षेत्र मे फैला एनआईटी कैंपस कई अजीबोगरीब घटनाओं का साक्षी है। इस कैंपस में कई साल पुराने पेड़ मौजूद हैं, जिनकी आकृति दिन के वक्त भी डरवना एहसास कराती है। कैंपस के पास से एक मुख्य सड़क गुजरती है, जो शहर को हाईवे से जोड़ने का काम करती है।
इसके अलावा भी कैंपस के अंदर भी कई छोटी बड़ी सड़के मौजूद हैं। आधी रात में यह कैंपस और यहां की सड़के काफी सुनसान हो जाती है। लोगों का मानना है कि यहां भूत-प्रेतों का साया है। जिस वजह से कैंपस की अंदर की सड़कों पर कोई आधी रात में नहीं निकलता है।
जानकारों का मानना है कि यहां कभी किसी छात्रा की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद से यहां अनहोनियां का सिलसिला शुरू होने लगा। लोगों का कुछ ऐसा भी कहना है आधी रात के दौरान एनआईटी कैपस के पास कोई लड़की लिफ्ट मांगती नजर आती है, हालांकि वर्तमान में ऐसी घटनाओं के बारे में सुना नहीं गया है। लेकिन फिर भी यह कैंपस शहर से सबसे भुतहा जगहों में गिना जाता है।

दुर्गापुर वुमन कॉलेज
दुर्गापुर एनआईटी के पास ही दुर्गापुर वुमन कॉलेज है। कॉलेज के पास से एक मुख्य सड़क गुजरती है, जिसके आसपास कई पुराने पेड़ मौजूद हैं। माना जाता है कि सड़क किनारे एक अजीबोगरीब पेड़ है, जिसे प्रेतवाधित घोषित किया गया है। हाल ही में पश्चिम बंगाल की एक पैरानॉर्मल टीम यहां का दौरा करके गई है, उनका मानना है कि इस पेड़ के आसपास काफी नेगेटिव एनर्जी है।
जानकारों का मानना है कि इस पेड़ पर कोई प्रेत का साया है जो आधी रात के दौरान यहां गुजरते वाहनों के सामने आ जाता है। जिस वजह से यहां सड़क हादसे आम हो गए हैं। अपने डरवाने अनुभवों के कारण यहां रात के समय देर तक कोई नहीं ठहरता।

दुर्गापुर का भूत बंगला
दुर्गापुर शहर के ए-ज़ोन, गोल्फनगर इलाके में कई साल पुराना एक खाली बंगला मौजूद है, जिसके डरावने अनुभवों के कारण भूत बंगला करार कर दिया गया है। जानकारों का मानना है कि यहां कभी कोई परिवार रहा करता था जो अचानक यह बंगला छोड़ कहीं गायब हो गया। कहा जाता है कि इस बंगले को कोई खरीद नहीं सकता।

दुर्गापुर का बेलताला हाई स्कूल
दुर्गापुर,पीसी रोड पर स्थित बेलताला हाई स्कूल भी शहर के चुनिंदा प्रेतवाधित स्थानों में गिना जाता है। हालांकि अब यह स्कूल बंद हो चुका है, लेकिन अपने डरावने किस्सों के कारण चर्चा में बना रहता है। यहां रात में रूकने वाले गार्डस का मानना है कि वे ड्यूटी की दौरान ठीक से सो नहीं पाते हैं। उनका कहना है कि खाली पड़ी स्कूल बिल्डिंग में रात के दौरान अजीबोगरीब घटनाएं घटती रहती है।

सी जॉन रोड
दुर्गापुर के अंदर ही 'सी ज़ोन' नाम का एक इलाका पड़ता है, जहां से एक छोटी सुनसान सड़क पास में स्थित सीएमईआरआई कालोनी से होकर गुजरती है। यह सड़क के आसपास कई घने पेड़ मौजूद हैं, जो इस पूरे रास्ते को एक डरावनी शक्ल देने का काम करते हैं।
जानकारों का मानना है कि इस सड़क के किसी एक भाग पर काफी नेगेटिव एनर्जी है। जिसे रात के दौरान महसूस किया जा सकता है। कई लोगों का मनाना है कि यहां सड़क से गुजरते वक्त एक अजीब सा डरावना एहसास होता है। हालांकि यहां भूत-प्रेत के किसी साए के होने की पुष्टि नहीं की गई है।



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