हमारे देश में जिन पर्वों को सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता है, उनमें से एक है गंगा दशहरा। इस साल गंगा दशहरा का पर्व आने ही वाला है। इस पर्व के दौरान लोग पवित्र गंगा नदी में डूबकी लगाकर अपने आप को पूरी तरह से शुद्ध कर देवी गंगा की पूजा करते हैं। पर गंगा दशहरा होता क्या है? क्यों हिंदू धर्म में इसे इतना ज्यादा महत्व दिया गया है?
दरअसल, हिंदू धर्म में गंगा नदी को जीवनदायिनी और मोक्षदायिनी माना जाता है। गंगा दशहरा के दिन ही देवी गंगा धरती पर अवतरित हुई थी और राजा भगीरथ (भगवान राम के पूर्वज और अयोध्या के राजा) के पूर्वजों का उद्धार किया था। इसलिए गंगा दशहरा को काफी ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल कब मनाया जाने वाला गंगा दशहरा का पर्व? किन शहरों में सबसे ज्यादा धूमधाम के साथ गंगा दशहरा मनाया जाता है?

कब है गंगा दशहरा?
इस साल गंगा दशहरा का पर्व 16 जून को मनाया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार दशमी तिथि सुबह 2.32 बजे शुरू होगी जो 17 जून को सुबह 04.43 बजे तक रहेगी। इस दिन गंगा स्नान करने का काफी महत्व होता है। इसके अलावा जरूरतमंदों को दान देना भी इस दिन काफी अच्छा माना जाता है।
चलिए अब आपको उन 6 शहरों के बारे में बताते हैं जहां धूमधाम से गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है :

1. हरिद्वार
अध्यात्मिक पर्यटन के लिए हरिद्वार को सबसे अच्छी जगहों में से एक माना जाता है। विशेष रूप से गंगा दशहरा के दिन देवी गंगा की पूजा करने के लिए हरिद्वार को एक आदर्श जगह माना जाता है। अगर आप गंगा दशहरा के दिन किसी ऐसी जगह पर जाना चाहते हैं तो हरिद्वार को एक प्रमुख विकल्प के तौर पर जरूर देख सकते हैं।
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2. ऋषिकेश
उत्तराखंड की योग नगरी ऋषिकेश गंगा नदी के इर्द-गिर्द ही बसा हुआ है। यहां गंगा का पानी जितना स्वच्छ होता है, उतना शायद किसी भी और शहर में नहीं होता है। गंगा दशहरा के दिन ऋषिकेश जाने की एक प्रमुख वजह यहां भीड़भाड़ का कम होना भी माना जाता है। गंगा दशहरा के दिन आपको यह जगह काफी शांत मिलेगी।

3. प्रयागराज
इस साल कुंभ मेला को लेकर चल रही तैयारियों के मद्देनजर प्रयागराज पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यहां कुंभ मेला के बाद अगर कोई धार्मिक पर्व-त्योहार को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है तो वह गंगा दशहरा ही है। गंगा दशहरा के मौके पर प्रयागराज के संगम तट पर सिर्फ पर्यटक ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में यहां और आसपास के शहरों में रहने वाले लोग भी इकट्ठा होते हैं।
4. गढ़मुक्तेश्वर
उत्तर प्रदेश का गढ़मुक्तेश्वर ऐसी जगह है जो दिल्ली और NCR वालों के लिए सबसे नजदीक होगा, जहां से होकर गंगा बहती है। दिल्ली से गढ़मुक्तेश्वर पहुंचने में महज 2-3 घंटों का ही समय लगता है लेकिन ऑफबीट जगह होने के कारण यहां पर्यटकों की ज्यादा भीड़ नहीं होती है। यहां देवी गंगा समेत कई अन्य देवी-देवताओं के मंदिर भी आपको मिल जाएंगे। इसलिए गंगा दशहरा के दिन अगर रोड ट्रिप पर आसपास कहीं जाना चाहते हैं तो गढ़मुक्तेश्वर एक अच्छा विकल्प बन सकता है।

5. वाराणसी
काशी नगरी जितनी महादेव की है, उतनी ही गंगा मैया की भी है। बनारस के गंगा घाट पूरी दुनिया में मशहूर हैं। शाम के समय दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती देखने के लिए देश व दुनिया भर से लोग यहां पहुंचते हैं। गंगा दशहरा के दिन वाराणसी के गंगा तट पर जो धूम मचती है, वह और कहीं दिखाई नहीं देती है। बनारस में खासतौर पर गंगा दशहरा के समय आने वाले पर्यटकों की संख्या भी काफी ज्यादा होती है। इसलिए घाट पर सुबह के समय थोड़ा जल्दी पहुंचे ताकि गंगा मैया में शांति के साथ डूबकी लगायी जा सकें।

6. पटना
बिहार की राजधानी पटना में भी गंगा घाटों की शोभा गंगा दशहरा के दिन देखते ही बनती है। गंगा दशहरा से पहले घाटों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस दिन घाटों को छठ पूजा की तरह से बहुत अच्छी तरह से सजाया जाता है। खास तौर पर पटना का कंगन घाट गंगा दशहरा की पूजा और पवित्र स्नान के लिए काफी लोकप्रिय है। अगर आपने अभी तक पटना में गंगा दशहरा नहीं देखा है तो जल्दी से प्लान बना लें...क्योंकि बस कुछ दिनों का ही समय अब रह गया है।



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