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साल 2017 का आखिरी लॉन्ग वीकेंड, कुछ इस तरह करें एन्जॉय

By Goldi

नये साल के जश्न

नये साल पर ही लॉन्ग वीकेंड

छुट्टियां तो हैं, लेकिन जायें कहां, तो जनाब हमारी ट्रेवल साईट इसलिए हैं, कि हम आपको भारत की खूबसूरत जगहों से रूबरू कराएं, जहां आप अपने परिवार या पार्टनर के साथ होलीडे

महाराष्ट्र के 11 सबसे खूबसूरत बीच!

ऐतिहासिक होने के साथ साथ प्रकृति से भी परिपूर्ण है। दरअसल, हम बात कर रहे हैं महाराष्ट्र के खूबसूरत से शहर

आज हम आपको अपने लेख से ऐसे सात कारण बताने जा रहे हैं,जिसे पढ़ने के बाद आप फ़ौरन औरंगाबाद की टिकट कराने को बेकरार हो उठेंगे।

अजन्ता की गुफायों में शांति की खोज

अजन्ता की गुफायों में शांति की खोज

पहाड़ों और रेगिस्तान और वाघुर नदी से घिरी हुई अजंता की गुफाएं एक बेहद ही शांत जगह हैं। ये गुफाएं लगभग 200 साल ईसा पूर्व की बनी हुई है। इन गुफाओं में हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म के चित्र, मूर्ति व अन्‍य कलाकृति लगी हुई है। अजंता की गुफाओं को यूनेस्‍को द्वारा विश्‍व विरासत स्‍थल का दर्जा दिया गया है।Pc:C .SHELARE

एलोरा गुफाएं

एलोरा गुफाएं

यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल, एलोरा गुफाएं, जैन, बौद्ध और हिंदू मंदिरों के साथ दुनिया में सबसे बड़े रॉक-कट मठ-मंदिर गुफा परिसरों में से एक है। Pc:Y.Shishido

एक वाक हो जाये मुगलों की गलियों से

एक वाक हो जाये मुगलों की गलियों से

औरंगाबाद का नाम मुगल राजा औरंगजेब के नाम पर है, जिसने इस शहर को अपना सैन्य आधार बनाया। औरंगजेब ने भी अपने पिता शाहजहाँ की तरह अपनी पत्नी के लिए एक मकबरा बनाया, जिसे अब "बीबी का-मकबरा" के नाम से जाना जाता है। हालांकि, यह ताजमहल जितना सुंदर तो नहीं, लेकिन औरंगाबाद की यात्रा के दौरान इसे मिस नहीं करना चाहिए। Pc:Sameer g

एक सैर देश की पुरानी राजधानी दौलताबाद की

एक सैर देश की पुरानी राजधानी दौलताबाद की

दौलताबाद किला, औरंगाबाद (15 किलोमीटर) के बाहर थोड़ा सा, मध्ययुगीन दक्कन में सबसे शक्तिशाली किलों में से एक था। मूल रूप से यादवों द्वारा निर्मित, इस किले ने दिल्ली सल्तनत का स्वामित्व बदल दिया था। सम्राट तुगलक ने जबरन दिल्ली की पूरी आबादी को दौलताबाद में स्थानांतरित कर दिया और इसे भारत की नई राजधानी बना दिया, लेकिन जल्द ही पानी की कमी के कारण सभी दिल्ली लौट आए। Pc:Jonathanawhite

पनचक्की

पनचक्की

पनचक्की औरंगाबाद के दर्शनीय स्थलों में से एक है। इस चक्की को मलिक अम्बर ने बनवाया था जो आज भी चालू हालत में है।

खुलदाबाद

खुलदाबाद

यह जगह मुस्लिम धर्म का पाक स्‍थल है जहां दो मुस्लिम सतों बरहान-उद-दीन और जैन-उद-दीन का निवास था और अब उनका मकबरा भी यहीं बना हुआ है।इस जगह आने के लिए तीन दरवाजे है-लंगदा,पंगरा और नागरखाना। Pc:Tervlugt

खाना

खाना

औरंगाबाद, लंबे समय तक दिल्ली और मुगल शासन के अधीन रहा, यहां के खाने में पारसी का प्रभाव देखा जा सकता हैं। यहां की यात्रा के दौरान शीरमाल बिल्कुल भी मिस नहीं करना चाहिए इसके लालावा मावा जलेबी और नान कालिया जरुर टेस्ट करनी चाहिए।

नान-कालीया मुगल सेना के लिए मानक भोजन था। कालिया एक नॉन वेज डिश है,जिसे मसाले वाली ग्रेवी में पकाया जाता है। सेना इस खाने को कम आंच पर पकाना पसंद करती थी, ताकि तेज आग से दुश्मनों को उनके ठिकाने की खबर ना लगे, और कालिया धीमी आंच पर अच्छे से पकता है जो खाने में बेहद स्वाद लगता है। Pc:Nefirious

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