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ये हैं भारत की ग्रेट वाल..जहां पैदा हुए थे महाराणा प्रताप

Written By: Goldi

जब भी इन्टरनेट पर भारत में देखने की जगहों को सर्च करते हैं, तो हमारे सामने सैकड़ों खूबसूरत जगह निकलकर आ जाती है..जो हमे यकीनन बहुत ही ज्यादा कंफ्यूज भी करती है कि, आखिर कहां जाया जाए।

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अब हिलस्टेशन की सैर तो सभी करते हैं, क्यों ना कभी किसी ऐसी जगह की सैर की जाये जो अपने आप में एक इतिहास को समेटे हुए हो, उस जगह के किस्से कहानी आपकी यात्रा को और भी मनोरम बनाये। इसी क्रम में आज हम आपको बताने जा रहे हैं राजस्थान में स्थित एशिया की दूसरी सबसे उंची दिवार कुंबलगढ़ के बारे में

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कुम्भलगढ़, राजस्थान के राजसमन्द जिले में स्थित एक विख्यात पर्यटन स्थल है। यह स्थान राज्य के दक्षिणी भाग में स्थित है और कुम्भलमेर के नाम से भी जाना जाता है। कुम्भलगढ़ किला राजस्थान राज्य का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण किला है। इसका निर्माण पंद्रहवी सदी में राणा कुम्भा ने करवाया था। पर्यटक किले के ऊपर से आस पास के रमणीय दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। शत्रुओं से रक्षा के लिए इस किले के चारों ओर दीवार का निर्माण किया गया था। ऐसा कहा जाता है कि चीन की महान दीवार के बाद यह एक सबसे लम्बी दीवार है।

बादलों का महल

बादलों का महल

राजस्थान के अन्य स्थलों की तरह, कुम्भलगढ़ भी अपने शानदार महलों के लिए प्रसिद्ध है जिसमें बादल महल भी शामिल है ।यह ईमारत ‘बादलों के महल' के नाम से भी जानी जाती है। मर्दाना महल और जनाना महल इस महल के आपस में जुड़े हुए दो भाग हैं। इस महल के शानदार कमरे पेस्टल रंगों से निर्मित भित्ति चित्रों से सुसज्जित हैं। इनके मंडप अद्वितीय वातानुकूलन पद्धति के लिए विख्यात हैं।PC: Sujay25

एशिया की दूसरी सबसे बड़ी दीवार के रूप में जाना जाता है

एशिया की दूसरी सबसे बड़ी दीवार के रूप में जाना जाता है

यह विशाल किला एक लंबे और निरंतर किले की दीवार से घिरा हुआ है। कुम्भलगढ़ खंड की लंबाई में 38 किमी तक की विशाल किलों, इस प्रकार भारत में सबसे लंबी दीवार और एशिया में दूसरा सबसे लम्बी दीवार है। जिसपर चलना आपको भी पसंद आएगा।PC:travelwayoflife

शैंपेन बोतल आकार की दीवार

शैंपेन बोतल आकार की दीवार

किले के ऊपर से पर्यटक आसपास के खूबसूरत नजारों को अपने कैमरे में कैद कर सकते हैं।रणनीतिक रूप से डिजाइन किए गए इस किले में शैंपेन की बोतल के आकार की किले की दीवारें हैं, जो कि दुश्मन को बंद करने के लिए बनाई गई हैं। महाराणा प्रताप का जन्म बादल महल में हुआ था। बादल महल की छत से अरावली की पहाड़ियों, कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य और दूर थार रेगिस्तान के रेत को बखूबी देखा जा सकता है।PC:Aryarakshak

जैन मंदिरों की सुंदर वास्तुकला

जैन मंदिरों की सुंदर वास्तुकला

बावन देओरी (बावन का मतलब है 52) एक विशाल कुम्भलगढ़ के मुख्य पर्यटक वर्गों की दूरी पर स्थित एक मंदिर। कुल किले परिधि के अंदर लगभग 360 मंदिर हैं,बारिश के दिनों में इस किले को देखना और भी मनोरम होता है जब बारिश की छोटी छोटी यहां मौजूद मन्दिरों पर पड़ती है तो और भी सुंदर नजर आता है।PC:Sutharmahaveer

सूर्यास्त में एक ध्वनि और लाइट शो का आनंद ले

सूर्यास्त में एक ध्वनि और लाइट शो का आनंद ले

पूरे किले की यात्रा के बाद, एक बार फिर से इतिहास को फिर से जीवंत करने का मौका मिलता है कुंबलगढ़ में होने वाले ध्वनि और लाइट शो से। इसे देखना बिल्कुल भी ना भूले।PC: Vijay Bhadani

रणकपुर मंदिर

रणकपुर मंदिर

रणकपुर, राजस्थान के पाली जिले का एक छोटा सा गांव है। रणकपुर, उदयपुर और जोधपुर के बीच अरावली पर्वत श्रृंखला के पश्चिम की ओर स्थित है। यह गांव 15 वीं सदी के रणकपुर जैन मंदिर के लिये प्रसिद्ध है, जिसका जैन अनुयायियों के बीच विशेष धार्मिक महत्व है। मंदिर की भव्यता इसके शानदार ऊँचे खंभों में दिखती है।PC: Antoine Taveneaux

मानसून में एक यात्रा NH 27से

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राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से आप ड्राइव करते हुए उदयपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर आप मौसम, परिदृश्य को अच्छे से एन्जॉय कर सकते हैं।

PC: Sujay25

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