ताजमहल की चर्चाएं पूरी दुनिया में होती है। अगर किसी की मुहब्बत को कोई मिसाल देनी हो, किसी इमारत की सुन्दरता का कोई बखान करना हो या दुनिया के 7 अजूबों के बारे में बात करनी हो...लोगों की जबान पर ताजमहल का नाम जरूर आता है। हो भी क्यों न...मुगल शहंशाह शाहजहां ने अपनी प्यारी बेगम मुमताज महल के लिए इस नायाब संरचना का निर्माण जो करवाया था जिसकी एक झलक देखने के लिए पर्यटक यहां खींचे चले आते हैं।
शायद इसी वजह से पिछले 5 सालों से ताजमहल देश भर में नंबर 1 बना हुआ है। ऐसा हम सिर्फ दावा ही नहीं कर रहे हैं बल्कि आंकड़े भी इस बात को ही साबित कर रहे हैं।

5 सालों से बना हुआ है No. 1
आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के अधीनस्थ जितने भी स्मारक हैं, उन सभी में ताजमहल को देखने के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या सबसे ज्यादा है। ऐसा सिर्फ एक नहीं बल्कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से वित्तीय वर्ष 2023-24 तक लगातार जारी है।
इस बात की पुष्टि राज्य सभा में पूछे गये एक सवाल के दौरान केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्रालय के मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लिखीत रूप से की। उन्होंने पिछले 5 सालों का आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए बताया कि आगरा के ताजमहल में आने वाले सिर्फ पर्यटकों की संख्या ही नहीं बल्कि पिछले 5 सालों यह देश का सबसे ज्यादा कमाई करने वाला ASI स्मारक भी है।
पिछले 5 सालों में कितने पर्यटक ताजमहल घूमने आएं और कितनी हुई आय?
| वित्तीय वर्ष | पर्यटकों की संख्या | आय (रुपए में) |
| 2019-20 | 5164828 | 971109995 |
| 2020-21 | 1268926 | 95341075 |
| 2021-22 | 3333533 | 256173145 |
| 2022-23 | 5449612 | 665692555 |
| 2023-24 | 6780215 | 985527533 |
इन आंकड़ों पर अगर गौर किया जाए तो वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान भी बड़ी संख्या में पर्यटक ताजमहल को देखने के लिए आए थे, जिनमें विदेशी मेहमानों की संख्या भी अच्छी-खासी थी। उस वर्ष भी ताजमहल कमाई के मामले में देश के सभी ASI स्मारकों में सबसे आगे रहा है।

वहीं पिछले साल यानी वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान ताजमहल घूमने आने वाले पर्यटकों से हुई कमाई ने नया रिकॉर्ड ही बना डाला है। पिछले साल ताजमहल की कुल कमाई ₹98 करोड़ से ज्यादा रही, जो कोरोना काल के ठीक पहले और अतिमारी का समय बीतने के बाद सर्वकालिक सबसे ज्यादा रहा।
इसके अलावा दिल्ली के लाल किले ने भी टिकट बिक्री से अच्छी कमाई की है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान दिल्ली के लाल किले ने ₹41 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है। इस तरह से कहा जा सकता है कि पर्यटकों की रुचि सिर्फ ताजमहल जैसे शानदार संरचनाओं में ही नहीं बल्कि लाल किले और कुतुब मीनार जैसी ऐतिहासिक जगहों के प्रति भी काफी ज्यादा है।
ई-टिकट की बढ़ी है लोकप्रियता
Times of India की मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विभिन्न स्मारकों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या के बढ़ने की वजह से ई-टिकट भी खूब लोकप्रिय होते जा रहे हैं। किसी ASI स्मारक में प्रवेश करने के लिए भारतीय नागरिकों को ₹50 और विदेशी मेहमानों को ₹1100 का शुल्क जमा करवाना पड़ता है। इसके साथ ही मुख्य समाधि तक जाने के लिए पर्यटकों को ₹200 का अतिरिक्त शुल्क भी जमा करना होता है।
पिछले कुछ समय से भारत सरकारी की ओर से 'देखो अपना देश' अभियान के तहत ऐतिहासिक जगहों और स्मारकों को काफी प्रमोट किया जा रहा है। खासतौर पर G20 सम्मेलनों की मेजबानी करने की वजह से भारतीय स्मारकों की लोकप्रियता वैश्विक स्तर पर फैल गयी है।



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