अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर भारत के 7 Sisters राज्यों में शामिल है। पर्यटकों के लिए अरुणाचल प्रदेश की झोली में हमेशा काफी कुछ खास रहता है। इन्हीं खूबियों की वजह से इसे पूर्वोत्तर भारत का आभुषण भी कहा जाता है। क्या आप जानते हैं भारत में सबसे पहले सूरज चाचू अरुणाचल प्रदेश में ही दस्तक देते हैं।
इसके अलावा और भी कई खूबियां इस राज्य को भारत के दूसरे राज्यों से अलग बनाती है, जिनके बारे में हम आगे बताने जा रहे हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि अचानक हम अरुणाचल प्रदेश की खूबियों के बारे में क्यों चर्चाएं कर रहे हैं। दरअसल, 20 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश अपना स्थापना दिवस जो मनाने वाला है।

तो चलिए जानते हैं 7 Sisters राज्यों के इस खुबसूरज राज्य की कुछ खूबियां :
- भारत में अरुणाचल प्रदेश ही वह पहला राज्य है, जहां हर रोज सुबह में सूर्य की किरणें सबसे पहले पड़ती हैं। इसी वजह से अरुणाचल प्रदेश को 'सुबह की जमीन' (Land of Dawn) भी कहा जाता है। अरुणाचल प्रदेश में सूर्योदय सुबह के 4.30 बजे ही हो जाता है। गुजरात और अरुणाचल प्रदेश के समय में करीब 2 घंटे का फर्क होता है।
- अरुणाचल प्रदेश भारत के उन चुनिंदा राज्यों में से एक है जहां 30 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं। भारत के दूसरे राज्यों में जहां स्थानीय बोली को अधिक महत्व दिया जाता है वहीं अरुणाचल प्रदेश की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है, ताकि किसी को भी कोई दिक्कत न हो। अगर आपको अरुणाचल प्रदेश में कोई चीनी भाषा में बात करता हुआ मिल जाए तो उसे चीनी नागरिक समझने की गलती न करें, क्योंकि चीनी बॉर्डर के पास स्थित होने की वजह से इसके कुछ हिस्सों में लोग चीनी भाषा भी बोलते हैं।

- क्या आप जानते हैं, अरुणाचल प्रदेश में है भारत का सबसे लंबा अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर, जो लगभग 1,603 किमी लंबी है। पड़ोसी देश चीन, म्यांमार और भूटान से इस राज्य की सीमाएं लगती हैं।
- अरुणाचल प्रदेश को भारत का फिनलैंड कहा जाता है, क्योंकि पर्यटकों को यह अपनी तरफ बहुत ज्यादा आकर्षित करता है। सर्दियों के मौसम में राज्य के अधिकांश हिस्से पूरी तरह से बर्फ में ढंके रहते हैं। राज्य के लगभग 80% भाग जंगलों से घिरा हुआ है। सर्दियों में जंगल के पेड़ों पर बर्फबारी होती है, तब देखने वालों को यह फिनलैंड जैसा ही दिखाई देता है।

- अरुणाचल प्रदेश भारत का ऐसा राज्य है, जिसके जंगल करीब 200 से अधिक स्तनधारी पशुओं की प्रजातियों का घर है। ऐसा भारत में और कहीं भी नहीं है। यहां इतनी अधिक प्रजाति के वन्यजीव रहते हैं, उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ही विशेष परमिट की आवश्यकता होती है। अरुणाचल प्रदेश के कई इलाके ऐसे हैं, जहां जाने के लिए विदेशी पर्यटकों को ही नहीं बल्कि भारतीय पर्यटकों को भी इनर लाइन परमिट (ILP) लेने की जरुरत होती है।

- अरुणाचल प्रदेश में ही दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मॉनेस्ट्री भी है। यहां का Tawang मॉनेस्ट्री 400 सालों से भी अधिक पुराना है। तिब्बत में स्थित Potala Palace ही अरुणाचल प्रदेश के तवांग मॉनेस्ट्री बड़ा है। यहीं वजह है कि इस मॉनेस्ट्री में घूमने के लिए दूर-दराज के इलाकों से भी पर्यटक यहां आते रहते हैं।
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