जंगलों की हरियाली आकर्षित करती है? अगर आप वन्य परिवेश में जंगली जानवरों को आराम से घूमते हुए देखना एंजॉय करते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। मानसून के लंबे सीजन के बाद अगले महीने से ही खुलने वाला है असम का काजीरंगा नेशनल पार्क। एक सींग वाले गैंडों के मशहूर काजीरंगा नेशनल पार्क मानसून की हरियाली के साथ पर्यटकों का एक बार फिर से स्वागत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार मौसम की अनुकूल परिस्थितियों की वजह से 2024-25 के सीजन के लिए काजीरंगा नेशनल पार्क, जो UNESCO की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल हैं, को अक्तूबर में ही खोल दिया जाएगा। पर कब?

मानसून की भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में आए असम का काजीरंगा नेशनल पार्क अब धीरे-धीरे इससे हुए नुकसान से उबर रहा है। ऐसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही मानसून की सक्रियता कम होने के 1 महीने से भी अधिक समय बाद ही काजीरंगा को पर्यटकों के लिए खोलने का फैसला लिया गया है।
कब से खुलेगा काजीरंगा नेशनल पार्क?
असम का काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व भारत का एक बेहद लोकप्रिय जंगल है, जहां बड़ी संख्या में लोग एक सींग वाले गैंडे, बाघों और प्रकृति का आनंद उठाने के लिए पहुंचते हैं। यह जंगल बड़ी तादाद में यहां मौजूद वन्य जीवों और कई विरल प्रजाति के पक्षियों का घर भी है। मानसून के बाद अब काजीरंगा नेशनल पार्क को फिर से खोलने की सारी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गयी हैं।
मिली जानकारी के अनुसार काजीरंगा नेशनल पार्क को 1 अक्तूबर से खोल दिया जाएगा। मानसून के समय भारी बारिश, बाढ़ और कीचड़ की वजह से नेशनल पार्क की अधिकांश सड़कों पर आवाजाही करना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सिर्फ कुछ रास्ते ही होते हैं, जिनसे होकर गाड़ियां आगे बढ़ पाती हैं।

मानसून से हुआ है बड़ा नुकसान
इस साल का मानसून सीजन काजीरंगा नेशनल पार्क के लिए अच्छा नहीं रहा है। जानकारी के अनुसार अत्यधिक बारिश और बाढ़ के कारण 215 जानवरों की मौत हो गयी जिसमें से 13 एक सींग वाले गैंडे हैं। इसके अलावा जिन वन्य जीवों की मौत हो गयी है उनमें कई प्रजातियों के हिरण, जंगली सुअर और कई छोटे जानवर भी शामिल हैं।
बता दें, काजीरंगा नेशनल पार्क में मानसून के सीजन में लगभग हर साल बाढ़ आती है, जिसमें जान का काफी नुकसान हो जाता है। इसके बावजूद एक बार फिर से काजीरंगा नेशनल पार्क पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार है। इतनी कठिनाईयों के बावजूद काजीरंगा नेशनल पार्क को आज वन्य जीवों का स्वर्ग माना जाता है।
कैसे पहुंचे काजीरंगा नेशनल पार्क?
हवाई मार्ग : काजीरंगा नेशनल पार्क का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जोरहाट एयरपोर्ट है, जो नेशनल पार्क से लगभग 97 किमी की दूरी पर मौजूद है। इसके अलावा लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गुवाहाटी की नेशनल पार्क से दूरी लगभग 217 किमी की है। दोनों एयरपोर्ट से ही काजीरंगा तक पहुंचने के लिए आपको टैक्सी या किराए पर गाड़ियां मिल जाएंगी।
रेल मार्ग : ट्रेन से जाने पर काजीरंगा से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन फुर्कटिंग जंक्शन है, जो मात्र 75 किमी की दूरी पर मौजूद है। इस स्टेशन के लिए गुवाहाटी और जोरहाट से सीधी ट्रेन सेवाएं उपलब्ध हैं।
सड़क मार्ग : गुवाहाटी से सड़क मार्ग से जाने पर आपको काजीरंगा पहुंचने में आमतौर पर 4-5 घंटों का वक्त लग सकता है। हालांकि यह ट्रैफिक, मौसम की परिस्थिति आदि पर भी निर्भर करता है। इसके अलावा राज्य सरकार की बसें गुवाहाटी, तेजपुर और जोरहाट से काजीरंगा के लिए उपलब्ध हैं।

काजीरंगा नेशनल पार्क जाने का बेस्ट समय?
काजीरंगा नेशनल पार्क में उष्णकटिबंधीय जलवायु होती है, जिस कारण यहां गर्मी और सर्दियों के मौसम में ही जाने की सलाह दी जाती है। बारिश या मानसून का मौसम पर्यटकों के लिए अनुकूल नहीं होता है। अगर आप भीड़-भाड़ से दूर शांति में और बजट में रहकर अपनी ट्रिप को पूरा करना चाहते हैं, तो गर्मी के मौसम में आ सकते हैं।
हालांकि गर्मी के मौसम में दिन का समय घूमने के लिए उपयुक्त नहीं होता है लेकिन शाम के बाद का मौसम थोड़ा सुहाना हो जाता है। लेकिन काजीरंगा नेशनल पार्क में घूमने के लिए सर्दियों का मौसम बेस्ट माना जाता है। इस समय मौसम हल्का और शुष्क भी हो जाता है और सर्दियों के मौसम में कई तरह की पक्षियां भी नजर आने लगते हैं।
सर्दियों का मौसम अब आने को है। इसलिए तैयारियां शुरू कर दें और काजीरंगा नेशनल पार्क में जंगल सफारी करते हुए शानदार सूर्योदय का आनंद उठाने के लिए तैयार हो जाएं।



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