लगभग 500 सालों का इंतजार खत्म कर पिछले साल बड़े ही भव्य तरीके से हुई थी भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप (रामलला/बालक राम) की श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रथम तल के गर्भगृह में प्राणप्रतिष्ठा। पिछले साल 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर के दरवाजे आम नागरिकों के लिए खोल दिये गये थे। देश-विदेश से लाखों की संख्या में भक्त अब तक अयोध्या में रामलला के दर्शन करने पहुंच चुके हैं।
रामलला के दर्शन करने आने वाले भक्तों की संख्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया के 7 अजूबों में शामिल आगरा का ताजमहल भी राममंदिर से पीछे छूट गया है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के 1 साल पूरे होने की खुशी में विशेष समारोह का आयोजन किया जा रहा है जिसके बारे में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से विस्तृत जानकारी भी दे दी गयी है।
कब से कब तक चलेगा वर्षगांठ समारोह?
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की पहली वर्षगांठ पर विशेष समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जो 11 जनवरी से शुरू होगी। 3 दिनों तक चलने वाले इस समारोह के बारे में पूरी जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दी है। उन्होंने बताया कि पौष शुक्ल की द्वितीय को यह समारोह आयोजित होगा, जिसे 'द्वादशी महोत्सव' का नाम दिया गया है।
11 जनवरी से 13 जनवरी तक द्वादशी महोत्सव के दौरान अयोध्या में 5 जगहों पर धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। हालांकि इन सभी 5 जगहों पर नहीं बल्कि सिर्फ 1 जगह पर ही आम जनता को प्रवेश करने की अनुमति होगी।
जिन 5 जगहों पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे, वह हैं -
- यज्ञ मंडप
- राम जन्मभूमि मंदिर का अंदरूनी हिस्सा (मंदिर परिसर नहीं, सिर्फ मंदिर)
- यात्री सुविधा केंद्र
- अंगद टीला (यहां 2-3 कार्यक्रमों का आयोजन होगा)
कहां शामिल हो सकेगी आम जनता?
बताया जाता है कि राम मंदिर की पहली वर्षगांठ पूरी होने के मौके पर जिस महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, उनमें यज्ञ मंडप, राम मंदिर और यात्री सुविधा केंद्र में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में आम जनता शामिल नहीं हो सकेगी। इन कार्यक्रमों में सिर्फ उन्हीं लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी, जिन्हें आमंत्रित किया गया हो।
सिर्फ अंगद टीला प्रांगण में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में आम श्रद्धालु बिना किसी रोकटोक के शामिल हो सकेगी। दरअसल, अंगद टीले पर अधिक भीड़ होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था की जा सकेगी, इसलिए यहां आम श्रद्धालुओं को भी शामिल होने की अनुमति दी गयी है।
कौन से कार्यक्रमों का होगा आयोजन?
राम मंदिर की पहली वर्षगांठ के मौके पर जिन कार्यक्रमों का आयोजन होगा, उनमें हर दिन लगभग 6 घंटे तक यानी 3 दिनों के महोत्सव के दौरान 18 घंटों तक 2000 मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां दी जाएगी। 11 वैदिक आचार्य अग्निदेव का होम आरंभ करेंगे।
इन 3 दिनों के दौरान हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्रनाम, भगवान राम का बीज मंत्र जाप आदि भी किया जाएगा। 21 ब्राह्मण मिलकर हर दिन इस काम को करेंगे। राम मंदिर में हर दिन शाम को भगवान के सामने राग सेवा प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें देशभर के ख्यातिप्राप्त कलाकार शामिल होंगे। चंपत राय ने बताया कि इस समारोह में साधु-संतों व सन्यासियों के अलावा समाज से जुड़े लगभग 50 गृहस्थों को भी वार्षिक महोत्सव में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
मंदिर में क्या होगी विशेष व्यवस्थाएं?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार 11 जनवरी की सुबह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस महोत्सव का उद्घाटन करने पहुंचेंगे। 11 जनवरी की सुबह 10 से 12 बजे तक रामलला का श्रृंगार, महाभिषेक व महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें सीएम योगी भी शामिल होंगे।
11 से 13 जनवरी के बीच श्रीराम मंदिर में सुबह 11 से दोपहर 1 बजे के बीच VIP और VVIP पास नहीं बनाएं जाएंगे। इस दौरान वीआईपी दर्शन बंद रहेगा। हालांकि प्रातः 6 से 9.30 बजे तक रामलला के दर्शन होंगे। बताया जाता है कि 11 जनवरी को रामलला के दर्शनार्थियों के लिए महाप्रसादम् की व्यवस्था भी की जाएगी।



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