पिछले साल जनवरी में जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का उद्घाटन किया गया, उसके बाद से ही अयोध्या जाने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में बड़ा उछाल देखने को मिला है। यह संख्या इस साल जनवरी से फरवरी के अंत तक चले महाकुंभ 2025 के दौरान कई गुना बढ़ गयी थी और महाकुंभ खत्म होने के बाद भी रामभक्तों का अयोध्या जाने का सिलसिला लगातार जारी है।
जैसे-जैसे तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है, अयोध्या में ट्रैफिक भी उसी के साथ बढ़ता जा रहा है। ऐसी स्थिति में अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और अयोध्यावासियों को रोज होने वाली ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में रिंग रोड परियोजना (Ayodhya Ring Road Project) की शुरुआत की है।

कितनी लंबाई और किन शहरों से जोड़ेगा?
अयोध्या का रिंग रोड परियोजना करीब 67.17 किमी लंबा होने वाला है, जो न सिर्फ अयोध्या में ट्रैफिक जाम को कम करने में बल्कि आसपास के कई प्रमुख शहरों को रामनगरी अयोध्या से जोड़ने में भी मददगार साबित होगा।
Zee News की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस रिंग के लिए टेंडर निकालने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और रिंग रोड का निर्माण कार्य भी जोरोशोरों से चल रहा है। आसपास के जिन शहरों से यह रिंग रोड अयोध्या को जोड़ेगा उनमें शामिल है - लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और रायबरेली।
कितनी लागत और क्या होगी विशेषताएं?
- करीब ₹3,935 करोड़ की लागत से लगभग 67.17 किमी लंबे अयोध्या रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है, जो आसपास के कई महत्वपूर्ण शहरों से जुड़ेगा।
- अयोध्या रिंग रोड 4 से 6 लेन चौड़ा एक्सप्रेसवे होगा।
- इस परियोजना में सरयू नदी पर दो ब्रिज बनाए जाएंगे, जो अयोध्या को बस्ती और गोंडा से जोड़ेंगे।
- अयोध्या रिंग रोड पर 7 फ्लाईओवर होंगे, जो शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
- अयोध्या को वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ और मणकापुर से जोड़ने के लिए 4 रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण इस परियोजना के तहत किया जाएगा।
- किसी भी क्रॉसिंग या जंक्शन पर गाड़ियों को जाम जैसी परेशानी न हो, इसे सुनिश्चित करते हुए रिंग रोड पर 16 अंडरपास बनाएं जाएंगे।

मिली जानकारी के अनुसार अयोध्या रिंग रोड को दो हिस्सों में बनाया जा रहा है - नॉर्दर्न अयोध्या बाईपास और साउदर्न अयोध्या बाईपास। इसमें से पहला पैकेज यानी नॉर्दर्न अयोध्या बाईपास 35.40 किमी लंबा और दूसरा पैकेज यानी साउदर्न अयोध्या बाईपास 32.172 किमी लंबा होने वाला है।
बताया जाता है कि एक बार इस रिंग रोड का निर्माण पूरा हो जाता है तो न सिर्फ आसपास से क्षेत्रीय यातायात संपर्क पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा अच्छा होगा बल्कि अयोध्या को विकसित होने में भी मददगार साबित होगा। अयोध्या में पर्यटन के नए संभावनाएं भी विकसित हो सकेंगी।



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