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फ़्रांसिसी राष्ट्रपति को भा गये वाराणसी व्यंजन, तो अब आप भी देर ना करें!

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भारत में हर चीज की बात अनूठी और निराली है, अभी हाल ही में फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों भारत दौरे पर हैं ,इस दौरान वह प्रधानमंत्री के साथ वाराणसी पहुंचे थे। यहीं पर फ्रांस के प्रेसिडेंट एमैनुएल मैक्रों के लिए शाही डिनर का इंतजाम रखा गया। उन्हें सोने की थाली में खाना खिलाया गया। इस दौरान उनको दावत के दौरान वाराणसी की कढ़ी परोसी जिसे खाकर वह इस खास बनारस के खास व्यंजन के मुरीद हो गये।

फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कढ़ी की खास तारीफ़ करते हुए कहा कि, उन्हें बनारसी कढ़ी के पकौड़े बेहद ही पसंद आये। आपको बता दें, राष्ट्रपति मैक्रों को बनारस में में स्वास्तिक थाली परोसी गई जिसमें स्थानीय संस्कृति और व्यंजनों के लाजवाब मिश्रण को समेटने की कोशिश की गई थी। उन्हें नारियल का पानी, जीरा छाछ, पालक पत्ता चाट, आलू दम बनारसी, बनारसी कढ़ी पकौड़ा, बैगन कलौंजी और अन्य लाजवाब व्यंजन परोसे गए। इसके साथ ही मिठाई के रूप में उन्हें प्रसिद्ध गाजर का हलवा और केसरिया रसमलाई भी परोसी गयी। खाने के बाद विश्व प्रसिद्ध बनारसी पान भी राष्ट्रपति मैक्रों को खिलाया खिलाया।

इसके अलावा फ़्रांसिसी राष्ट्रपति मैक्रों ने अस्सी घाट पर नौकायान का लुत्फ भी उठाया साथ ही शाम के समय गंगा आरती आयोजन का हिस्सा बने। खैर आज हम आपको बताने जा रहे हैं बनारस के कुछ वव्यंजनों के बारे में, जिसे आपको अपनी बनारस की ट्रिप पर अवश्य चखने चाहिए

बनारस का पान

बनारस का पान

अगर आप बनारस गये और जनाब पान नहीं खाए तो क्या ख़ाक आप बनारस गये, ये मै नहीं बल्कि लोग कहते हैं। तो बनारस की ट्रिप पर बनारसी पान एकदम जरूरी है चखना और ये बेहद ही रसीला होता है, यकीन मानिये एक बार खायेंगे तो खाते ही रह जायेंगे।Pc:Kartik Iyer

मलइयो

मलइयो

दूध से बनने वाली मलइयो काशी की खास पहचान है, जो आपको पूरे भारत में सिर्फ काशी में ही मिलेगी, मलइयो की शुरुआत सैकड़ों साल पहले बनारस में ही हुई थी। काशी की पहचान बन चुका मलइयो का जायका सिर्फ ठंड के दिनों में ही लिया जा सकता है। इसकी भी अपनी वजह है। क्योंकि, ये खास मलइयो ओस की बूंदों से बनता है। जैसे जैसे ठंड बढ़ती है, इसकी खासियत भी बढ़ने लगती है। मलइयो को बनाने के लिए पहले कच्चे दूध को उबाला जाता है। उबले दूध को रात भर खुले आसमान में रख दिया जाता है ताकि इस पर ओस पड़ सके। भोर होते ही दूध को काफी देर तक फेंटा जाता है। इससे झाग तैयार होता है, जिसे लाजवाब मलइयो कहते हैं।

सुबह सुबह का लजीज नाश्ता

सुबह सुबह का लजीज नाश्ता

अमूमन हम सुबह का नाश्ता ब्रेड जैम या फिर ऑमलेट से करते हैं, लेकिन वाराणसी का नाश्ता इससे भी कहीं ज्यादा लजीज है। अगर आप बनारस में है तो सुबह सुबह कद्दू की सब्जी पूड़ी और साथ में जलेबी खाना कतई ना भूले।यकीन मानिए आपको इस नाश्ते से प्यार हो जायेगा।

कुल्हड़ वाली चाय

कुल्हड़ वाली चाय

आपने चाय तो बहुत पी होगी, लेकिन कुल्हड़ की चाय मजा ही कुछ और होता है। वाराणसी में आप घाट पर बैठकर कुल्हड़ से चाय की चुस्कियां ले सकते हैं।जरा सोचिये हाथ में अदरक और इलयची की चाय का कुल्हड़ और सामने कलकल बहती गंगा नदी...है ना जबरदस्त नजारा
Pc:Twit Rajat

बनारसी खास लस्सी

बनारसी खास लस्सी

आपने मट्ठा की लस्सी तो खूब पी होगी, लेकिन क्या सेब, केला, अनार, आम और रबड़ी समेत अन्य फ्लेवर की लस्सी पी है, अगर नहीं पी है तो वाराणसी में इन खास लास्सियों का स्वाद अवश्य लें।

 मिठाई

मिठाई

बात बनारसी व्यंजनों की हो और मिठाई का नाम शामिल हो, मुमकिन ही नहीं, बनारस की स्पेशल मिठाइयों में रसगुल्ले, गुलाबजामुन, मलाई-गिलौरी, लौंगलता, बेसन के लड्डू, खीर- कदम आदि शामिल हैं, तो नाम याद कर लीजिये ताकि बनारस की यात्रा पर इन्हें चखना ना भूले।
Pc: Alok8Kumar

बनारस की चाट

बनारस की चाट

जैसे दिल्ली की चाट काफी मशहूर है, ठीक वैसे ही बनारस की चाट भी काफी प्रसिद्ध है, इसे खाने के लिए लोग लोग दूर दूर से पहुंचते हैं। विभिन्न प्रकार के मसालों से पूर्ण बनारसी आलू की चाट का स्वाद एकदम अलग होता है। इसके अलावा पर्यटक यहां टमाटर चाट और सेव पूरी का भी मजा ले सकते हैं।

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