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अद्भुत : यहां लगता है भूत-पिशाचों का सबसे बड़ा बाजार

भारत विश्व का एकमात्र ऐसा देश है जहां आस्था और अंधविश्वास का अनोखा मेल देखा जा सकता है। अंधविश्वास का जाल बिछाकर भारत में सैकड़ों ओझा-तांत्रिक अपनी दुकान चलाते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि लोग इन ढोंगियों के चक्कर में आसानी से आ भी जाते हैं। खुद को देवी का भक्त बताकर ये महिलाओं का शारीरिक शोषण भी करते हैं।
इसके अलावा अच्छा खास पैसा भी ऐंठा जाता हैं। आज भी भारत की बड़ी अशिक्षित आबादी इन पाखंडी बाबा-हकीमों की गिरफ्त में है। आज हमारे साथ जानिए झारखंड के एक ऐसे ही स्थान के बारे में जहां अंधविश्वास के नाम पर लगाया जाता है प्रेत-आत्माओं का बड़ा बाजार।

लगता है भूतों का मेला

लगता है भूतों का मेला

झारखंड एक बड़ा अशिक्षित आबादी वाला राज्य है, इसलिए यहां अधंविश्वास की पकड़ मजबूत है। कहा जाता है कि राज्य के पलामू जिले में भूतों का बड़ा बाजार लगता है। जिले के हैदरनगर स्थान पर भूत उतारने का काम किया जाता है। नवरात्र के पहले दिन से ही यहां लोगों का आना शुरू हो जाता है। यहां अधिकतर लोग बुरी आत्माओं को शरीर से निकलवाने के लिए आते हैं।

हैदरनगर स्थित मां भगवती धाम

हैदरनगर स्थित मां भगवती धाम

शरीर से बुरी आत्मा, भूत-प्रेतों को निकाले का काम हैदरनगर स्थित मां भगवती धाम में किया जाता है। इसलिए यहां चैत्र नवरात्रों के दिनों में भारी संख्या में भक्तों का जमावड़ा लगता है। इस दौरान यहां भव्य मेले का आयोजन भी किया जाता है। यहां ज्यादातर वो परिवार पहुंचते हैं जिनके किसी सदस्य पर कथित भूत-प्रेत का साया होता है।अद्भुत : झारखंड के जंगलों के बीच मौजूद भारत का अदृश्य लंदन

चारों तरफ भक्त और ओझा दिखाई देते हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक भूत उतारने का काम चलता है। यह पूरा मंजर किसी कमजोर दिल वाले इंसान के लिए खतरा भी बन सकता है।

महिलाओं की संख्या ज्यादा

महिलाओं की संख्या ज्यादा

रहस्यमयी सुरंगों वाली बावड़ी, जहां छुपा है अरबों का खजानारहस्यमयी सुरंगों वाली बावड़ी, जहां छुपा है अरबों का खजाना

कहते हैं जिस इंसान पर भूत का साया होता हो वो इस माहौल में आकर झूमने लगता है। महिलाएं अपने बालों को खोल अपने सिर को जोर-जोर से हिलाती हैं। सामने बैठा ओझा अंदर के बुरी आत्मा से बात करने की कोशिश करता है।

गंभीर चोट का शिकार

गंभीर चोट का शिकार

इस बीच महिलाओं को गंभीर चोटों से भी गुजरना पड़ता है। ओझा भूत-निकाले की प्रक्रिया के दौरान अजीबो-गरीब मंत्रों का उच्चारण करता है। महिला घंटों तक अपने सर को हिलाते जाती है। माना जाता है इस दौरान अंदर बैठी आत्मा अपने चरम पर होती है।

ओझा आत्मा से संपर्क स्थापित करने की कोशिश करता है। एक लंबी प्रकिया के बाद महिला सर घुमाना बंद कर देती है और बेहोश होकर गिर जाती है। कहा जाता है यह अच्छे संकेत होते हैं, क्योकि बुरी आत्मा शरीर छोड़कर चली जाती है।

अलग-अलग हथकंडे

अलग-अलग हथकंडे

तांत्रिकों की मानें तो कुछ आत्माएं अच्छी होती है, जो कब्जा किए शरीर को जल्दी त्याग देती हैं, जबकि कुछ भटकती रूह आसानी से शरीर नहीं छोड़ती हैं। इस तरह की आत्माओं पर कब्जा पाने के लिए ओझा-तांत्रिक कुछ अलग हथकंडों का सहारा लेते हैं। मंदिर परिसर के सामने लगा पीपल का पेड़ इसमें तांत्रिकों की मदद करता है।रहस्य : इस किले में आज भी भटकती है नटिन की आत्मा
कहते हैं यहां महिलाओं को पीपल के पेड़ से बांध दिया जाता है। और शरीर को यातनाएं दी जाती हैं, जिससे आत्मा शरीर को छोड़ भाग जाए। बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि इसमें महिलाओं का शरीर पूरी तरह चोटिल हो जाता है। अंधविश्वास का घिनौना काम भारत के कई पिछड़े क्षेत्रों में किया जाता है, जिसमें पढ़ा-लिखा वर्ग भी इन तांत्रिकों के झांसे में आ जाता है।

कैसे करे प्रवेश

कैसे करे प्रवेश

मां भगवती का धाम झारखंड के पलामू जिले के हैदरनगर में स्थित है। जहां आप तीनों मार्गों से पहुंच सकते हैं। यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन डालटनगंज है। आप यहां सड़क मार्गों के द्वारा हैदरनगर तक का सफर तय कर सकते हैं। हवाई मार्गे के लिए आप 'गया एयरपोर्ट' और 'रांची एयरपोर्ट' का सहारा ले सकते हैं।

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