Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »पाकिस्तान के वो मंदिर, जहां जन्माष्टमी पर होती है भगवान श्रीकृष्ण की पूजा

पाकिस्तान के वो मंदिर, जहां जन्माष्टमी पर होती है भगवान श्रीकृष्ण की पूजा

पाकिस्तान का नाम आते ही सबसे पहले हमारे दिमाग में क्या आता है? इस्लाम, कट्टरता और मंदिरों में तोड़-फोड़। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आजादी के वक्त पाकिस्तान में 428 हिंदू देवी-देवताओं के मंदिर थे। साल दर साल पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू देवी-देवताओं के मंदिरों को तोड़ा गया और अब यह संख्या घटकर महज 22 मंदिरों पर पहुंच गयी है।

janmashtami 2023

पाकिस्तान में जहां शिव-सती वियोग से जुड़ा कटासराज मंदिर मौजूद है जिसका संबंध महाभारत से भी है। दूसरी तरफ पाकिस्तान में भगवान श्रीकृष्ण के कई मंदिर भी हैं, जहां जन्माष्टमी के मौके पर बड़े ही धुमधाम के साथ पूजा की जाती है। इस साल जन्माष्टमी 6 और 7 सितंबर 2023 को मनाया जा रहा है।

1. क्वेटा का इस्कॉन मंदिर

पाकिस्तान के क्वेटा शहर में भगवान श्रीकृष्ण का एक मंदिर है जिसका निर्माण वर्ष 2007 में इस्कॉन ने करवाया था। इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है और जन्माष्टमी के मौके पर विशेष पूजा का भी आयोजन होता है। मिली जानकारी के अनुसार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तानी सरकार ने हिंदू व बौद्ध देवी-देवताओं के मंदिरों की मरम्मत और निर्माण पर भी खास ध्यान देना शुरू किया है।

2. एबटाबाद का कृष्ण मंदिर

एबटाबाद का नाम लेते ही सबसे पहले उस काली रात की याद आती है जब अमेरिकी सेना के जवानों ने खुंखार आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। बताया जाता है कि एबटाबाद में भगवान श्रीकृष्ण का यह मंदिर देखरेख के अभाव में यह मंदिर बेहद जीर्ण-शीर्ण हो गया है। जानकारी के मुताबिक अब यहां पूजा नहीं होती है।

janmashtami patna

3. लाहौर का कृष्ण मंदिर

पाकिस्तान की राजधानी और अविभाजित भारत का सबसे बड़ा और पुराना शहर लाहौर है। कहा जाता है कि लाहौर में आज भी 22 हिंदू मंदिर मौजूद हैं लेकिन उनमें से सिर्फ 2 मंदिरों में ही पूजा होती है। इन्हीं में से एक मंदिर है भगवान श्रीकृष्ण का, जहां जन्माष्टमी पर विधि-विधान के साथ विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। यह मंदिर लाहौर के केसरपुरा में स्थित है। 1992 में जब अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ, उस समय अलगाववादियों ने इस मंदिर को भी नुकसान पहुंचाया था। लाहौर का दूसरा मंदिर जहां पूजा होती है, वह वाल्मीकि मंदिर है।

4. कृष्ण मंदिर, रावलपिंडी

रावलपिंडी में भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर का निर्माण आजादी से कई सालों पहले 1897 में कांची मल और उजागर मल राम पांचाल ने करवाया था। 1947 में जब भारत को आजादी और भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ, उसके बाद इस मंदिर को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था। हालांकि 2 साल बाद 1949 में इस मंदिर को फिर से खोल दिया गया। स्थानीय हिंदू संप्रदाय के लोग ही इस मंदिर की देखरेख किया करते हैं।

lord krishna

5. स्वामीनारायण मंदिर, कराची

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के प्रमुख शहर कराची में कुल 28 हिंदू देवी-देवताओं के मंदिर हैं। लेकिन इनमें से किसी भी मंदिर में पूजा-अर्चना नहीं होती है। कराची के स्वामीनारायण मंदिर में राधा-कृष्ण की मूर्तियां स्थापित हैं। कुछ साल पहले इस्कॉन ने कराची एयरपोर्ट के पास ही राधा-गोपीनाथ मंदिर की स्थापना भी की है।

krishna janmashtami

पाकिस्तान में सबसे ज्यादा हिंदू देवी-देवताओं के मंदिर सिंध प्रांत में बताएं जाते हैं। हालांकि इन मंदिरों में पूजा-अर्चना नहीं होती है बल्कि ये मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में बंद ही पड़े रहते हैं।

FAQs
क्या पाकिस्तान में जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है?

हां, पाकिस्तान में जन्माष्टमी के मौके पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा बड़े ही धूमधाम के साथ की जाती है।

कटासराज मंदिर का महत्व क्या है और यह कहां स्थित है?

कटासराज मंदिर पाकिस्तान में स्थित है और इसका महत्व शिव-सती के वियोग से जुड़ा है। यह मंदिर महाभारत से भी संबंधित है।

पाकिस्तान में कौन-कौन से महत्वपूर्ण हिन्दू मंदिर हैं?

पाकिस्तान में कुछ महत्वपूर्ण हिन्दू मंदिर हैं, जैसे कि शिव-सती का प्रतिक कटासराज मंदिर और भगवान श्रीकृष्ण के कई मंदिर हैं, जिनमें इस्कॉन भी शामिल हैं।

NativePlanet Travel

More News

    Read more about: janmashtami india pakistan
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+