ऐसी जगह जिसकी भौगोलिक स्थिति के कारण वहां सड़क का निर्माण करना संभव नहीं हो पाया था, वहां बनायी गयी दुनिया की सबसे ऊंची रेल ब्रिज। आप कहेंगे दुनिया की सबसे ऊंची रेल ब्रिज तो चीन का दादुहे रेल ब्रिज है। लेकिन हम यहां बात कर रहे हैं दुनिया की सबसे ऊंची आर्क यानी धनुषाकार रेल ब्रिज की, जो बनी है भारत के कश्मीर में - चिनाब रेल ब्रिज।
अगर ऊंचाई के मामले में देखे तो चिनाब और दादुहे रेल ब्रिज की ऊंचाई में ज्यादा फर्क नहीं है जिसके बारे में हम आगे बताएंगे।

सबसे आपको चिनाब रेल ब्रिज की खासियतें बता देते हैं -
चिनाब ब्रिज को बनने में लगभग 2 दशक का समय लग गया था। साल 2002 में इस ब्रिज को बनाने की स्वीकृति मिली थी लेकिन बनाने का काम साल 2004 में शुरू हुआ था। इस ब्रिज रेल मंत्रालय के ही एक संगठन कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन ने तैयार किया है। ब्रिज को तैयार करने में होने वाली देरी का मुख्य कारण इसकी डिजाइन थी। चिनाब रेल ब्रिज उच्च कोटि की इंजीनियरिंग का नामूना है। इसे कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी के ऊपर बनाया गया है।

कितनी है ऊंचाई
चीन में बना दुनिया का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज दादुहे रेल ब्रिज की ऊंचाई 380 मीटर है, जिसकी ऊंचाई नदी तल से नापी गयी है। वहीं चिनाब रेल ब्रिज, जो दुनिया का सबसे ऊंचा आर्क रेलवे ब्रिज है, की ऊंचाई चिनाब नदी तल से लगभग 359 मीटर है। वहीं चिनाब नदी की सतह से इस ब्रिज की ऊंचाई 322 मीटर है। इस ब्रिकी कुल लंबाई 1315 मीटर है, जिसमें से 530 मीटर की लंबाई वायडक्ट यानी जमीन के ऊपर और शेष 785 मीटर चिनाब वैली पर बना है।

कश्मीर में बढ़ाएगी रेलवे यातायात
चिनाब ब्रिज को उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक के एक हिस्से के रूप में तैयार किया गया है जो जम्मू-कश्मीर में रेलवे यातायात को बढ़ाने में मदद करेगी। मिली जानकारी के अनुसार इस ब्रिज को तैयार करने में लगभग ₹1,400 करोड़ रुपए की लागत आयी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ब्रिज कुतुब मीनार से 5 गुना और पेरिस के एफिल टावर से भी 35 मीटर अधिक ऊंचा है। इस ब्रिज पर दो ट्रैक बिछाए गये हैं। इस ब्रिज को इस तरीके से डिजाइन किया गया है ताकि यह अगले 120 सालों तक सही-सलामत रह सके।

क्या है चिनाब ब्रिज की खासियतें
- चिनाब ब्रिज को धनुषाकार में बनाया गया है। यह दुनिया का सबसे ऊंचा धनुषाकार रेल ब्रिज है।
- धनुषाकार ब्रिज के हर किनारे का आकार किसी फुटबॉल मैदान के एक-चौथाई आकार का है।
- ब्रिज की ऊंचाई कुतुब मीनार, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और एफिल टावर से भी अधिक है।
- इसे बनाने में लगभग 30,000 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है।
- चिनाब ब्रिज में कुल 18 खंभे हैं, जिसमें सबसे अधिक ऊंचा कंक्रीट का खंभा करीब 49.34 मीटर है।
- ब्रिज को जोड़ने के लिए विश्व स्तरीय वेल्डिंग का उपयोग किया गया है।
- चिनाब ब्रिज को प्रतिघंटा 100 किमी की रफ्तार से दौड़ने वाली ट्रेन के लिए डिजाइन किया गया है।
- ब्रिज वाला हिस्सा भूकंप के ज़ोन IV में आता है, लेकिन इसे भूकंप ज़ोन V के हिसाब से डिजाइन किया है। यानी रिक्टर स्केल पर 8 की तीव्रता वाला भूकंप भी यह ब्रिज झेल सकता है।
- यह ब्रिज 260 किमी की तेज रफ्तार वाली हवा/तुफान के थपेड़े झेल सकता है।
- चिनाब ब्रिज -10 डिग्री सेल्सियस से 40 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को आसानी से झेलने में सक्षम है।



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