पिछले लंबे समय से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग उठ रही थी। वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर का हिस्सा रहे लद्दाख को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश के रूप में केंद्र सरकार ने मान्यता दी थी। उस समय लद्दाख में केवल 2 ही जिले थे। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस केंद्र शासित प्रदेश के लिए अच्छी खबर सुनाई है। लद्दाख में अब 2 नहीं बल्कि 7 जिले होने वाले हैं।
इस बात की घोषणा गृहमंत्री अमित शाह ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृहमंत्री के इस पोस्ट को शेयर करते हुए लद्दाख में 5 नये जिले बनाने पर बधाई भी दी है। बताया जा रहा है कि लद्दाख में इन 5 नये जिलों का बनना इसे एक पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की ओर उठाया गया एक कदम माना जा रहा है।

कौन-कौन से होंगे जिले
गृहमंत्री ने अपने पोस्ट में लद्दाख में सभी पांचों जिलों के नामों की घोषणा की है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित और समृद्ध लद्दाख को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने केंद्र शासित प्रदेश में 5 नये जिले बनाने का फैसला लिया है। इससे शासन को मजबूती और घर-घर में सरकारी लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।
जिन 5 नए जिले बनाए गये हैं उनके नाम निम्न हैं :-
1. जांस्कर
यह लद्दाख के पूर्वी हिस्से में मौजूद है। इस क्षेत्र अपने शानदार परिदृश्यों और बौद्ध मॉनेस्ट्री की वजह से बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। एडवेंचर टूरिज्म हो या ट्रैकिंग या फिर बर्फिली जांस्कर नदी पर चादर ट्रैकिंग, इन सबके लिए यह जिला बहुत महत्वपूर्ण माना जाएगा।
2. द्रास
यह जिला लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के काफी करीब है। इसे लद्दाख का द्वार भी कहा जाता है। यह जगह दुनिया की सबसे ठंडी जगहों में एक है, जहां इंसानों की आवाजाही होती है। कारगिल युद्ध का प्रमुख केंद्र बिन्दु होने के कारण यह एक ऐतिहासिक जगह भी है, जहां अक्सर पर्यटक घूमने आते हैं।

3. शाम
लद्दाख के पश्चिमी हिस्से में मौजूद शाम कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक वजहों से प्रसिद्ध है। लद्दाख का अल्ची मॉनेस्ट्री, जो मुराल और अपनी अनोखी वास्तुकला के लिए काफी लोकप्रिय है, भी इसी जिले में मौजूद है। शाम का अलग जिला बन जाने से स्थानीय प्रशासन इसके विकास और पर्यटन को विकसित करने पर अधिक जोर और ध्यान दे सकेंगे।
4. नुब्रा
लेह से उत्तर में मौजूद नुब्रा घाटी पहुंचने का रास्ता खार-दुंग-ला पास से होकर गुजरता है। इसी खार-दुंग-ला पास में पर्पल माउंटेन देखने को मिलते हैं। मनाली से लद्दाख आने का एक प्रमुख रास्ता है जहां से होकर हर साल हजारों पर्यटक रोड ट्रिप पर आते हैं। इसके अलावा यहीं पर आपको दो कुबड़ वाले ऊंट भी दिखाई देते हैं जो पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं।
5. चांगथांग
यह जिला लद्दाख के दक्षिणपूर्वी हिस्से में मौजूद होगा जो तिब्बती पठार तक फैला है। लद्दाख का प्रसिद्ध पैंगॉन्ग लेक, सो मोरिरी लेक और भी कई ऐसे पर्यटन स्थल इसी जिले में मौजूद होंगे जिन्हें देखने के लिए खासतौर पर पर्यटक लद्दाख आते हैं। यह जिला अपने वन्य जीवों और प्राकृतिक सुन्दरता से पर्यटकों आकर्षित करेगा।
लद्दाख में पहले से दो जिले मौजूद थे - कारगिल और लेह। इन 5 नये जिलों के बनने के साथ ही लद्दाख के कुल जिलों की संख्या बढ़कर 7 हो गयी है।

क्या रहा है लद्दाख का प्रशासनिक इतिहास
moneycontrol की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 1979 में लद्दाख के दोनों जिलों कारगिल और लेह बनाए गये थे। वर्ष 1989 में बौद्ध और मुसलमानों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। 1990 के दशक में लद्दाख में ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल का गठन किया गया था और 2019 में यह केंद्र शासित प्रदेश बना। लद्दाख भारत का सबसे कम आबादी वाले और दुर्गम क्षेत्रों में से एक है।
यह चीन और पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है, जिस कारण रणनीतिक और रक्षा के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। लद्दाख की सीमाएं - पूर्व में तिब्बत, दक्षिण में लाहौल और स्पीति, पश्चिम में जम्मू कश्मीर और बाल्टिस्तान व उत्तर में जिनजियांग का ट्रांस कुनलुन।
पीएम बोले - बेहतर शासन और समृद्धि की दिशा में एक कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के इस फैसले की सराहना करते हुए इसे बेहतर शासन की दिशा में उठाया गया एक कदम करार दिया है। गृह मंत्री अमित शाह के X पर किये गये पोस्ट को साझा करते हुए उन्होंने लिखा - लद्दाख में 5 नए जिलों का बनना बेहतर शासन और समृद्धि की दिशा में उठाया गया एक कदम है। अब ज्यादा ध्यान दिया जाएगा जिससे सेवाएं और अवसर लोगों के और भी करीब आएंगे। वहां के लोगों को बधाई!!



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