Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »भारत के इस मंदिर के सामने बौना है बुर्ज खलीफा

भारत के इस मंदिर के सामने बौना है बुर्ज खलीफा

उत्तर प्रदेश में कई ऐसे मंदिर है जो विश्व विख्यात है, जल्दी ही इस लिस्ट में एक और नाम शामिल होने वाला है। जी हां जल्दी मथुरा में विश्व का सबसे ऊँचा मंदिर चंद्रोदय मंदिर बनने जा रहा है।

By Goldi

भारत मन्दिरों का देश है..यहां आप कहीं भी भी चले जायें आपको हर दो किलोमीटर की दूरी पर एक मंदिर जरुर नजर आ जायेगा। खासकर उत्तर प्रदेश के मंदिर विश्व विख्यात है, जिन्हें दूर देश विदेश से हर साल लाखों लोग देखने पहुंचते हैं।

अब बात मन्दिरों की हो रही है, और कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा का नाम ना लिया जाए ये तो मुमकिन ही नहीं है।मथुरा को अगर आप मन्दिरों को शहर कहेंगे तो गलत नहीं होगा।

इसी क्रम में जल्द ही मथुरा में विश्व का सबसे ऊँचा मंदिर बनने जा रहा है। इस मंदिर को खास बनाने के लिए अमेरिका से डिजाइनर को बुलाया गया है।

कहां बन रहा है मंदिर

कहां बन रहा है मंदिर

दुनिया का सबसे ऊँचा मंदिर चन्द्रोदय मंदिर इस्कॉन सोसाइटी में बन रहा है।इस मंदिर का को को पिरामिड का डेवेलप्ड फॉर्म कहा जा रहा है। इस मंदिर के कंस्ट्रक्शन का जिम्मा गुड़गांव की इनजीनियस स्टूडियो और नोएडा की क्विनटेसेंस डिजाइन स्टूडियो को सौंपा गया है।

क़ुतुबमीनार से होगा ऊँचा

क़ुतुबमीनार से होगा ऊँचा

इसकी नींव लगभग कुतुबमीनार की ऊंचाई जितनी गहरी खोदी गई है।मंदिर की नींव 55 मीटर जमीन में गहरी होगी और इसका बेस 12 मीटर ऊंचा होगा. कुतुबमीनार की ऊंचाई 73 मीटर है।

मंदिर की ऊंचाई

मंदिर की ऊंचाई

मंदिर में लगने वाले कांच बाहर की गर्मी को अंदर नहीं आने देंगे। बिल्डिंग में 511 पिलर होंगे, जिनकी कैपेसिटी 9 लाख टन भार सहने की है।

कितने होंगे फ्लोर

कितने होंगे फ्लोर

मंदिर की ऊंचाई 210 मीटर होगी और इस बिल्डिंग में 70 फ्लोर बनाए जाएंगे। बिल्डिंग में 511 पिलर होंगे, जिनकी कैपेसिटी 9 लाख टन भार सहने की है। पूरी बिल्डिंग का वजन 5 लाख टन होगा। जबकि ये पिलर 9 लाख टन वजन सह सकता है।

चन्द्रोदय मंदिर में होंगे तीन प्रमुख मंदिर

चन्द्रोदय मंदिर में होंगे तीन प्रमुख मंदिर

पहला मंदिर चैतन्य महाप्रभु का होगा। दूसरा मंदिर राधाकृष्ण और तीसरा मंदिर कृष्ण व बलराम का होगा। ये मंदिर जमीन से 12 मीटर की ऊंचाई तक होंगे। इन तीन मंदिरों की कैपेसिटी 35 हजार विजिटर्स की होगी।

भूकम्प से भी नहीं होगा नुकसान

भूकम्प से भी नहीं होगा नुकसान

चंद्रोदय पहला ऐसा पहला मंदिर होगा, जिसमें बड़े पैमाने पर ग्लास का प्रयोग किया जाएगा। ये ग्लास गर्मी को मंदिर के अंदर नहीं आने देंगे। भूकंप या तूफान के दौरान भी ग्लास नहीं टूटेंगे।

पार्किंग कैपेसिटी

पार्किंग कैपेसिटी

मंदिर का पार्किंग लॉट 35 सौ गाड़ियों की कैपेसिटी का होगा। मंदिर परिसर में 10 एकड़ में 2 फ्लोर अंडरग्राउंड पार्किंग होगी। मंदिर परिसर में बैटरी से चलने वाली फ्यूचर कारों के लिए अलग पार्किंग होगी, जिसमें कार को चार्ज किया जा सकेगा।

मंदिर की उपरी फ्लोर से देख सकेंगे पूरा मथुरा

मंदिर की उपरी फ्लोर से देख सकेंगे पूरा मथुरा

पर्यटक मंदिर के उपरी भाग से टेलिस्कोप के जरिये श्रीकृष्ण का जन्मस्थान, गोवर्धन पर्वत जैसे बृज के धार्मिक स्थल देख सकेंगे।

4डी पार्क

4डी पार्क

मंदिर के नीचे इंडोर कृष्ण लीला पार्क होगा, जहां पर बृज का सांस्कृतिक कार्यक्रम, इंडियन फिलॉसफी पर रिसर्च, लाइब्रेरी आदि होंगे। इस कृष्ण लीला पार्क में 4डी तरीके से भगवान कृष्ण के लीलाओं के बारे में बताया जाएगा। इससे देखने वालों को महसूस होगा कि कृष्ण की लीलाएं उनके आस-पास ही हो रही हैं। इसी पार्क में सारे लोकों के दर्शन होंगे, जिसमें भूलोक, स्वर्गलोक, वैकुंठ लोक, गोलोक धाम का काल्पनिक स्वरूप देखने को मिलेगा।

वास्तुकला

वास्तुकला

यह मंदिर परंपरागत द्रविड़ और नागरशैली का मिक्स्ड फॉर्म होगा।

बुर्ज खलीफा भी इस मंदिर में सामने होगा बौना

बुर्ज खलीफा भी इस मंदिर में सामने होगा बौना

जानकारी हो कि कुतुब मीनार की ऊंचाई 73 मीटर है। दुबई के बुर्ज खलीफा इमारत की गहराई मात्र 25 मीटर है।

More News

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+