भारत के सात अजूबों में से एक, ताजमहल सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि विदेशियों को भी खूब भाता है। इस के चलते हर रोज यहां पर्यटकों का जमवाड़ा देखने को मिलता है। लेकिन हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ताजमहल घूमने आने वाली भीड़ पर शिकंजा कसने वाली है।

इसमें कोई शक नहीं,ताजमहल भारत में सबसे ज्यादा घूमने वाली जगहों में से हैं, लेकिन हालिया खबरों की माने तो, अब एक दिन में सिर्फ 40000 पर्यटक ही ताजमहल का दीदार कर सकेंगे।

गर्मियों के मुकाबले सर्दियों में पर्यटकों की भीड़ बढ़ जाती है, खासकर की वीकेंड्स और छुट्टियों के दौरान। आंकड़ों की ओर देखे तो छुट्टी और वीकेंड्स के दौरान पर्यटकों की संख्या का आंकड़ा 60,000 तक पार कर जाता है।
इसके अलावा बीते 29 दिसंबर को ताजमहल के गेट पर भगदड़ होने से करीब 5 व्यक्ति घायल हो गये, जिसके बाद ताजमहल में पर्यटकों की बढती भीड़ को लेकर कुछ कड़े फैसले लिए गये हैं।

कहा जा रहा है कि, अब से ताजमहल में प्रवेश के लिए अलग तथा इसके भीतर बनी मुमताज और शाहजहां की कब्र तक जाने के लिए अलग टिकट पर्यटकों को लेनी होगी। ऐसा होने पर सैलानियों की संख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा। इसी के साथ ही जैसे ही टिकटों की संख्या ऑफलाइन और ऑनलाइन पर 40,000 की संख्या पर रोक दी जाएगी।
इतना ही नहीं अब तहखाने को देखने के लिए पर्यटकों को अपनी जेब और ढीली करनी होगी। तहखाने को देखने का टिकट करीबन 100 रूपये का होगा, वहीं जो लोग तहखाने को नहीं देखना चाहते उनके लिए 50 रुपये का टिकट होगा, जो फिलहाल 40 रुपये का है। सुबह से दोपहर 12 बजे तक 20,000 लोग ताजमहल देख सकेंगे, वहीं दूसरी पाली में 12 बजे से शाम तक 20 हजार लोग ताज का दीदार करेंगे। 40,000 संख्या पार होने के बाद अगर आप ताजमहल देखना चाहते हैं, तो आपको 1000 रूपये भुगतान करने होंगे।



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