उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अब मेट्रो का विस्तार होने वाला है। इससे आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मेट्रो का जाल अब शहर के हर इलाके में फैलेगा जिससे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में आवाजाही करना आम लोगों के लिए पहले के मुकाबले अब ज्यादा आसान होने वाला है। मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के DPR (विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट) की मंजूरी से पहले नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NGP) को मंजूरी मिल गयी है।
अब लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण के तहत फेज 1 बी में चारबाग से वसंतकुंज के बीच मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी मिल गयी है, जिसमें 12 स्टेशनों का निर्माण करने का फैसला लिया जाएगा। अब इसके अगले कदम में पब्लिक इंवेस्टमेंट बोर्ड को परियोजना की मंजूरी के बाद केंद्रीय कैबिनेट की ओर से DPR को मंजूरी देने की जरूरत होती है।

मिलेगी जाम से राहत
इस चरण में उन इलाकों में मेट्रो स्टेशन बनाने की योजना बनायी गयी है जिसमें लखनऊ एयरपोर्ट, चारबाग से केजीएमयू, वसंतकुंज से चारबाग आदि इलाकों में आवाजाही करना आसान हो जाएगा। लखनऊ में सड़कों पर लगने वाले जाम की कहानी किसी से छिपी हुई नहीं है। इसलिए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार लखनऊवालों को जाम की समस्या से राहत दिलाने में संजीवनी का काम करेगा।
7 अंडरग्राउंड और 5 एलिवेटेड स्टेशन
मीडिया से बात करते हुए UPMRC एमडी सुशील कुमार ने बताया कि चारबाग से वसंतकुंज तक प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 11.165 किमी होगी। इसमें से 4.286 किमी एलिवेटेड और बाकी का 6.879 किमी भूमिगत (अंडरग्राउंड) होगा।
कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है, जिसमें से 7 भूमिगत और 5 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। यह कॉरिडोर मौजूदा नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के चारबाग मेट्रो स्टेशन से जुड़ेगा और चारबाग मेट्रो स्टेशन इंटरचेंज की तरह काम करेगा। बताया जाता है कि इस कॉरिडोर को पूरा करने में करीब 5 सालों का वक्त लग सकता है और अनुमानित लागत 5081 करोड़ रुपए होगी।

कौन से 12 स्टेशन बनेंगे?
| मेट्रो स्टेशन का नाम | प्रकार |
| चारबाग | भूमिगत |
| गौतम बुद्ध नगर | भूमिगत |
| अमीनाबाद | भूमिगत |
| पांडेयगंज | भूमिगत |
| सिटी रेलवे स्टेशन | भूमिगत |
| मेडिकल चौराहा | भूमिगत |
| चौक | भूमिगत |
| ठाकुलगंज | एलिवेटेड |
| बालागंज | एलिवेटेड |
| सरफराजगंज | एलिवेटेड |
| मूसाबाग | एलिवेटेड |
| वसंत कुंज | एलिवेटेड |
लखनऊ मेट्रो का यह कॉरिडोर लखनऊ शहर के कई प्रमुख स्थानों जैसे अमीनाबाद, चौक आदि को मेट्रो के साथ जोड़ेगा। इससे न सिर्फ सड़क की भीड़भाड़ से दूर लोग आराम से इन इलाकों में आ-जा सकेंगे बल्कि उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा सहूलियत होगी और समय भी उनका काफी ज्यादा बचने वाला है।



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