नवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म के लोगों के लिए सबसे खास त्योहारों में से एक माना जाता है। ऐसे में नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माता के मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ माता के प्रति समर्पण को आप साफतौर पर देख सकते हैं। हालांकि देखा जाए तो पूरे नवरात्रि में माता के सभी मंदिरों में भक्तों की लम्बी कतारें देखने को मिलती है। अगर आप मां के मंदिर में अपना शीष नवाना चाहते हैं तो आप भी वाराणसी स्थित माता के मंदिर में जाकर मत्था टेंक सकते हैं।
मां चंद्रघंटा देवी का मंदिर कहां पर है?
काशी में स्थित माता का ये मंदिर चौक क्षेत्र के चंद्रघंटा गली में है। भीड़-भाड़ वाले इलाके में होने के कारण भी यहां पर भक्तों की लम्बी कतारें देखी जा सकती है। माता को प्रसाद के रूप में लाल चुनरी, चूड़ी और नारियल का चढ़ावा जाता है। ऐसे में भक्तगण माता से सुख समृद्धि की कामना करते हैं और माता भी उनकी झोली खुशियों से भर देती है।

दर्शन मात्र से ही मिलती है सुख समृद्धि
काशी में स्थित इस प्रसिद्ध मंदिर नवरात्रि के दिनों में हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ देखी जाती है। इस मंदिर में न सिर्फ काशी से बल्कि आसपास के क्षेत्र से भी भक्त आते हैं और मंदिर में अपना शीष नवाते हैं। ऐसी मान्यता है कि मां के इस स्वरूप का दर्शन करने से सुख- समृद्धि की प्राप्ति होती है और मां अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करती है। अगर कोई सच्चे मन से मां के सामने प्रार्थना करता है तो मां उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
मंदिर में जाने का सही समय - सुबह 6:30 बजे से लेकर रात के 10:00 बजे तक (दोपहर 01:00 बजे से लेकर शाम 04:00 तक मंदिर बंद रहता है लेकिन नवरात्रि के दिनों में मंदिर दिनभर खुला रहता है)

कैसे पहुंचें मां चंद्रघंटा के मंदिर
नजदीकी एयरपोर्ट - वाराणसी एयरपोर्ट (लगभग 30 किमी.)
नजदीकी रेलवे स्टेशन - कैंट रेलवे स्टेशन (वाराणसी जंक्शन - 8 किमी.)
नजदीकी सड़क मार्ग - नेशनल हाईवे -19, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे या फिर बस सेवा



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