गर्मी की छुट्टियां शुरू होने से पहले से ही लोग बाहर घूमने जाने की प्लानिंग शुरू कर देते हैं। अगर आप शहरों की भागदौड़ व हलचल से बोर हो चुके हैं और किसी ऑफ बीट टूरिस्ट डेस्टिनेशन की तलाश कर रहे हैं तो हम आपके लिए पश्चिम बंगाल के कुछ ऐसे ही टूरिस्ट स्पॉट के बारे में बता रहे हैं।

पश्चिम बंगाल एक ऐसा राज्य है जहां आपको पहाड़, जंगल और समुद्र तीनों मिल सकते हैं। तो बस उठाइए अपना बैग और गर्मी की छुट्टियों में निकल पड़िये अपने पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन की ओर।
शंकरपुर
इस लिस्ट की शुरुआत हम भीड़भाड़ से दूर समुद्र के शांत किनारों के साथ कर रहे हैं। शंकरपुर पश्चिम बंगाल का एक अनछुआ समुद्रतट है जो अपने साफ समुद्रतटों की वजह से काफी प्रसिद्ध है। यहां आपको ना तो लोगों का भीड़ मिलेगा और ना ही शोर-शराबा।

यहां आप समुद्र किनारे गीले रेत पर घंटों पैदल चल सकते हैं। समुद्र के किनारे रेत पर बैठकर सुर्यास्त और सुर्योदय का नजारा देखना आपको बेहद सुकुन प्रदान कर सकता है। शंकरपुर कोलकाता से सिर्फ 4-5 घंटों की दूरी पर स्थित है। गर्मियों में वीकेंड ट्रिप के लिए यह जगह बेस्ट हो सकती है।
कैसे पहुंचे शंकरपुर
शंकरपुर दीघा के पास स्थित है। कोलकाता से प्राइवेट गाड़ियों या कैब से आप 4-6 घंटों की ड्राईव पर शंकरपुर पहुंच सकते हैं। आपको कोलकाता के एस्प्लेनेड (धर्मतल्ला) बस स्टैण्ड से शंकरपुर जाने के लिए सीधी बस भी मिल जाएगी। दीघा जाने वाली सभी बसें आपको शंकरपुर पहुंचा देगी।
लेपचा जगत
समुद्र के बाद अब हम बात करते हैं पहाड़ों की। उत्तर बंगाल में स्थित दार्जिलिंग का नाम तो सभी जानते हैं लेकिन हम दावे के साथ कह सकते हैं कि दार्जिलिंग से कुछ किमी की दूरी पर स्थित लेपचा जगत की सुन्दरता देखकर आप दार्जिलिंग की बात कुछ समय के लिए भूल जाएंगे।

लेपचा जगत एक छोटा सा पहाड़ी गांव है जो अपने अंदर ना कितनी सुन्दरता समेटे हुए है। यहां आदिवासी जनजाति के लोग रहते हैं। आप उनसे मिलकर उनकी संस्कृति के बारे में जान-समझ सकते हैं। लेपचाजगत में दो खूबसूरत झीलें और एक पुरानी मोनेस्ट्री भी है। जब भी आप दार्जिलिंग जाएं तो इस गांव में जरूर घूमिए।
कैसे पहुंचे लेपचा जगत
लेपचा जगत पहुंचने का सबसे अच्छा और आसान रास्ता है, ट्रेन। कोलकाता से न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) के लिए कई ट्रेनें खुलती हैं। न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर पहुंचकर वहां से आपको दार्जिलिंग और लेपचा जगत के लिए किराए पर गाड़ी या टैक्सी आसानी से मिल जाएगी। न्यू जलपाईगुड़ी से लेपचा जगत की बसें भी खुलती हैं।
डुअर्स
पर्यटकों के लिए डुअर्स किसी जन्नत से बिल्कुल कम नहीं है। यह जंगल, पहाड़ और चाय के बगानों से घिरा होता है। डुअर्स में पश्चिम बंगाल के तीन जिले जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर और कूचबिहार आते हैं। यहां आपको बक्सा टाइगर रिजर्व, जलदापाड़ा और गोरुमारा जैसे जंगल मिलेंगे तो मीलों फैले चाय के बगानों का आंखों को सुकुन देने वाला नजारा भी दिखेगा।

आप चाहे तो डुअर्स में जयंति पहाड़ के आसपास के क्षेत्र में ट्रेकिंग का मजा भी ले सकते हैं। पश्चिम बंगाल में अगर घूमने जाएं तो डुअर्स में कुछ दिन बिताने का प्लान जरूर करें।
कैसे पहुंचे डुअर्स
डुअर्स पहुंचने के लिए कोलकाता से न्यू जलपाईगुड़ी या अलीपुरदुआर स्टेशन तक ट्रेन लेना सबसे अच्छा रास्ता है। न्यू जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर स्टेशन के बाहर से आपको डु्अर्स के लिए किराए पर गाड़ी मिल जाएगी। ध्यान रहे, प्रत्येक अभ्यारण्य या टाइगर रिजर्व के बाहर आपको अंदर जाने का परमिट लेना होगा।
लाटागुड़ी
प्राकृतिक सुन्दरता समेटे होने के बावजूद अगर शांत और शोरशराबे से दूर किसी जगह पर विकेंड बिताना चाहते हैं तो आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प लाटागुड़ी का हो सकता है। गोरुमारा नेशनल पार्क जहां हर साल भारी तादाद में पर्यटक आते हैं, का परमिट लाटागुड़ी से ही मिलता है। इसके बावजूद लाटागुड़ी में पर्यटकों की भीड़ काफी कम रहती है।

लाटागुड़ी से आप भारत-भुटान सीमा पर बसे बिन्दु गांव को देख सकते हैं। जंगलों से घिरा यह गांव बेहद सुन्दर दिखता है। गोरुमारा नेशनल पार्क के ठीक बगल में आपको महाकाल मंदिर भी मिलेगा जिनपर स्थानीय लोगों की काफी आस्था है। इसके अलावा लाटागुड़ी में आपको जलढ़ाका, जलबोंग, मूर्ति जैसी पहाड़ी नदियों का किनारा भी मिलेगा जिनका शीतल पानी आपको अंदर तक शांति से भर देगा।
कैसे पहुंचे लाटागुड़ी
लाटागुड़ी भी डुअर्स का ही हिस्सा है। यहां पहुंचने के लिए आपको अलिपुरदुआर या फिर न्यू जलपाईगुड़ी से गाड़ियां मिल जाएंगी।



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