आगरा शहर अपनी नक्काशी और कलात्मक शैली के लिए विश्व भर में मशहूर है। यह ऐतिहासिक नगर इस्लामिक कलाकृतियों और किस्सों कहानियों के लिए भी लोगों के बीच खासा जाना जाता है। मुगलों के दौर ने इस शहर को एक विशाल ऐतिहासिक नगर में तब्दील कर दिया है जो आज पर्यटक की दृष्टि से बेहद अहम है। दुनिया के सात आश्चर्यजक और सच्चे प्यार का प्रतीक ताज महल आगरा की ललाट पर जगमगाता इस्लामी, फारसी और भारतीय वास्तुकला का सुंदर मिश्रण है। जो केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है।
मुगलकानीन इमारतों से भरा फतेहपुर सीकरी आगरा की खूबसूरती में चार-चाँद फतेहपुर सीकरी लगा देता है। फतेहपुर सीकरी के गौरव को बढ़ाता एशिया का सबसे ऊंचा दरवाजा 'बुलंद दरवाजा' आगरा की शान को अपनी ऊंचाई के साथ ऊंचा उठाता है। आगरा में ही शेख सलीम चिश्ती की मज़ार भी लोकप्रिय है जहाँ हर साल बाबा के चाहने वाले अपनी मुराद मांगने आते हैं। तो चलिए इस वेकेशन सैर करते हैं गौरवमय ऐतिहासिक शहर आगरा की।
जल्दी कीजिये: एक्सपीडिआ की ओर से इस मज़ेदार मार्च में पाइए फ्लाइट बुकिंग पर 50% की छूट

ताजमहल
ताजमहल मुगलकालीन कलात्मक शैली का नायाब नमूना है। जो अपनी खूबसूरती के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इस भव्य इमारत का नक्शा नवीस उस्ताद इंशा ने बनाया था। जो की एक विशाल संगमरमर के दोहरे चबूतरे पर बना हुआ है।
Image Courtesy:Yann

आगरा का लाल किला
आगरा का लाल किला लाल पत्थरों से बना हुआ एक विशाल दुर्ग है। जिसमे अकबरी महल, जहाँगीरी महल, प्राचीर तथा प्रवेश द्वार अकबर ने बनवाए थे जो दर्शनीय हैं। इस किले के बाकी हिस्से जैसे शीश महल,ख़ास महल, दीवाने आम,और दीवाने ख़ास तक मोती मस्जिद आदि का निर्माण अकबर के पोते सम्राट शाहजहाँ ने करवाया था।
Image Courtesy: Travis

रामबाग
इस बाग को बाबर ने बनवाया था इस बाग को लेकर कही किस्से कहानियां है। कहा जाता है कि यह बाग़ मुग़ल काल का सबसे पहला बाग था। यहाँ का शांत वातावरण, हरियाली पर्यटकों का मनमोह लेती है।
Image Courtesy:Nemonoman

एतमादुद्दौला
एतमादुद्दौला आगरा के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है जो की सफ़ेद संगमरमर से बनी एक विशाल ऐतिहासिक इमारत है। इसे नूरजहाँ ने अपने पिता मिर्ज़ा गयासुद्दीन की याद में बनवाया था जो दर्शनीय है। इस इमारत की नक्काशियां देखने लायक हैं।
Image Courtesy:Muhammad Mahdi Karim

चीनी का रोज़ा
चीनी का रोज़ा मकबरे में चीनी मिटटी का ज़्यादा काम किया गया है इसलिए इसे 'चीनी का रोज़ा' नाम से नवाज़ा गया है। यह मक़बरा जहांगीर ने अपने वजीर और मशहूर शायर शकूरउल्ला खान की याद में बनवाया था।
Image Courtesy: Flickr upload bot

स्वामी बाग
स्वामी बाग एक दर्शनीय स्थल है जो कि भव्य कलात्मक, बेलबूटों की नक्काशी, पच्चीकारी और सफ़ेद रंग का ऐतिहासिक स्मारक है।
Image Courtesy:Magnus Manske

जामा मस्जिद
जामा मस्जिद की नींव शाहजहाँ की पुत्री जहाँआरा ने रखवाई थी। यह मस्जिद सफ़ेद व लाल पत्थरों से बानी एक विशाल क्षेत्र में फैली बेहद खूबसूरत मस्जिद है।
Image Courtesy:Khazaar

सिकंदरा महल
सिकंदरा महल का नाम सिकंदर लोधी ने सिकंदर रखा गया था। यहीं पर बादशाह अकबर की कब्र है। कहा जाता है कि यह जगह बादशाह अकबर को बेहद पसंद थी उनकी दिली इच्छा थी की उनकी मृत्यु के बाद उनको यहीं दफनाया जाये। जो कि उनके मरने के बाद वैसा ही किया गया।
Image Courtesy:Flickr upload bot

फतेहपुर सीकरी
फतेहपुर सीकरी मुगलबाद शाह अकबर की एक रोमांचक निशानी है। वह यहीं से पूरे भारत पर हुकूमत करता था। अकबर के समय फतेहपुर सीकरी राजधानी था। यह राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है।
Image Courtesy:Koen

बुलंद दरवाज़ा
फतेहपुर सीकरी का द्वार बुलंद दरवाज़ा है जो एशिया का सबसे ऊँचा दरवाज़ा माना जाता है। इस दरबाजे की लंबाई 176 फुट है। यह दरबाजा बेहद खूबसूरत है।
Image Courtesy:Sfu

शेख सलीम चिश्ती की दरगाह
शेख सलीम चिश्ती की दरगाह महीन जालियों की नक्काशी और सफ़ेद चमकते पत्थरों से बनी है। इस मस्जिद का अस्तत्व बहुत बड़ा है। लोगों की गहरी व पवित्र आस्थाएं इस दरगाह से जुडी हुई हैं। यहाँ शेख सलीम चिश्ती की कब्र है। इस दरगाह में एक विशाल मस्जिद है जिसमे तक़रीबन 10 लाख नमाज़ी एक साथ नमाज़ अदा कर सकते हैं।
Image Courtesy:Poco a poco

जोधाबाई महल
यह महल अकबर और जोधा का आराम निवास था। यहाँ जोधा और अकबर आराम फरमाया करते थे। व एक दूसरे के लिए यहीं वक़्त निकाला करते थे।
Image Courtesy:Daniel

अनूप तालाब
कहा जाता है कि यहाँ बैठकर महान संगीतज्ञ तानसेन अपनी रागों को बादशाह को सुनाया करते थे। यह एक पानी के बीच बना चबूतरा है।
Image Courtesy:Shakti

हिरन मीनार
हिरन मीनार फतेहपुर सीकरी के दर्शनीय स्थलों में से एक है। इस मीनार पर नुकीले और सींगनुमा पत्थर लगे हुए हैं।
Image Courtesy:Fatehpur Sikri

पंच महल
कहा जाता है कि पंच महल से मुगलकालीन की बेगमें ईद-उल-फितर व ईद-उल-ज़ुहा का चाँद देखा करती थीं और हिन्दू रानियां करवा चौथ का चाँद देखती थीं। यह इमारत पांच मंज़िल की है। जो भव्य कलात्मक शैली की मिसाल है।
Image Courtesy: Jungpionier

नौबतखाना
नौबतखाना हिन्दू मुस्लिम स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना होने के साथ साथ इनकी एकता का उदाहरण भी है। कहा जाता है शहंशाह के यहाँ प्रवेश करने से पहले यहाँ नगाड़े बजाये जाते थे। यह दर्शनीय स्थल बेहद खूबसूरत है।
Image Courtesy: Anupamsr

दीवान-ऐ-आम
दीवान-ऐ-आम में मुगलकाल में शहंशाह यहीं अपना दरबार लगाते थे। यहीं पर वे जनता की फ़रियाद सुना करते थे और अपने ऐतिहासिक फैसले यहीं से लिया करते थे। यह इमारत मुगलकाल की कलात्मक शैली का जीता जागता उदाहरण है।
Image Courtesy: MGA73bot2

दीवान-ऐ-ख़ास
इस जगह शहंशाह अपने करीबियों नव-रत्नों व अपने वफादारों के साथ ख़ास बैठक कर ख़ास फैसले लिया करते थे, विचार विमर्श किया करते थे।
Image Courtesy: Sanyambahga

ख़ास महल तथा ख्वाबगाह
यह बादशाह अकबर का ख़ास स्थान था जहाँ वह आराम फरमाया करते थे। यहीं पर वह फुर्सत के लम्हों में अपने नवरत्नों में से एक मशहूर संगीतज्ञ तानसेन का संगीत सुना करते थे।
Image Courtesy:Poco a poco

कैसे जाएँ
आगरा कैसे जाएँ फ्लाइट, ट्रेन, बस और टैक्सी की अधिक जानकारी के लिए बस एक क्लिक करें-
वायु मार्ग द्वारा- आगरा में स्थित खेरिया एयरपोर्ट शहर से 5 किमी दूर है। यहां पूरे भारत से कई घरेलू एयरलाइन की सेवाएं उपलब्ध है।
रेल मार्ग द्वारा- आगरा देश के अधिकतर छोटे बड़े रेलवे लाइन द्वारा जुड़ा हुआ है।
सड़क मार्ग द्वारा- आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 2,3 और 11 पर स्थित है। दिल्ली तथा आसपास के प्रदेशों में यहाँ रोडवेज की नियमित बसें चलती हैं। इसके अतिरिक्त कई शहरों से नियमित बसें व टेक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं।
Image Courtesy:Sanyambahga

कब जाएँ
बारिश के मौसम को छोड़कर आगरा कभी भी जाया जा सकता है। वैसे सितम्बर से अप्रैल तक का समय ठीक रहता है।
Image Courtesy: Sanyambahga

मशहूर आलीशान इमारतों का शहर आगरा में कहाँ ठहरें
आगरा के होटलों की अधिक जानकारी के लिए बस एक क्लिक करें
मुगलकाल की बेमिसाल खूबसूरत कला व नक्काशियों से सजा हुआ शहर आगरा
Image Courtesy:Magnus Manske



Click it and Unblock the Notifications













