हाफलोंग की प्राकृतिक सुन्दरता आपको अपना दीवाना बना देगी। बता दें इसे पूर्वोतर भारत का स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है।भले ही हाफलांग में बर्फ से ढंकी चोटियां न हों, पर खूबसूरती के लिहाज से यह स्विट्जरलैंड से कम नहीं है। बारक घाटी के पास स्थित यह जगह उत्तर कछर जिला का जिला मुख्यालय है। हाफलांग पर्यटन हमेशा जीवंत रहता है, क्योंकि गर्मियों में आसपास के शहरों से लोग अक्सर यहां आते हैं।
हाफलांग शहर समुद्र तल से 512 मीटर की ऊंचाई पर घुमावदार पर्वतों के बीच स्थित है। यह शहर ठंडा होने के साथ-साथ सुरम्य भी है। यहां के कलकल करते झरने, धाराएं और चारों ओर फैली प्रचूर हरियाली आपके दिल में एक ऐसी तस्वीर बना देगी, जिसे आसानी से भुलाया नहीं जा सकेगा। हाफलांग को 'व्हाइट एंट हिलॉक' नाम से भी जाना जाता है।

हाफलांग
हाफलांग शहर समुद्र तल से 512 मीटर की ऊंचाई पर घुमावदार पर्वतों के बीच स्थित है। यह शहर ठंडा होने के साथ-साथ सुरम्य भी है। यहां के कलकल करते झरने, धाराएं और चारों ओर फैली प्रचूर हरियाली आपके दिल में एक ऐसी तस्वीर बना देगी, जिसे आसानी से भुलाया नहीं जा सकेगा। हाफलांग को ‘व्हाइट एंट हिलॉक' नाम से भी जाना जाता है।
PC:chetrikrishna

हाफलोंग झील
हाफलांग झील शहर के बीचों बीच स्थित है और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां पहुंच कर आप बोटिंग का आनंद लेना न भूलें। बोटिंग के जरिए आप इस हिल स्टेशन और आसपास के पर्वतों का विहंगम नजारा देख सकते हैं। चूंकि यह शहर अब तक प्रदुषण मुक्त है, इसलिए साफ आसमान और कभी न खत्म होने वाले क्षितिज का भव्य नजारा देख सकते हैं।PC: Thoiba Paonam

हाफलोंग पहाड़ी
अगर आप एडवेंचर से प्यार करते हैं तो हाफलोंग आपके लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है..यहां आपकर आप पैराग्लाइडिंग और ट्रेकिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का लुत्फ उठा सकते हैं। ट्रैकिंग के दौरान आप आसपास के पहाड़ों और हरे भरे वनों के सुंदर दृश्यों को निहार सकते हैं।

जतिंगा
हाफलोंग से 9 किमी की दूरी पर स्थित पर्यटक जतिंगा को भी देख सकते हैं...बता दें यह वही जगह है, जहां सामूहिक रूक से पक्षी आत्महत्या करते हैं.... आप यहां कई प्रजातियों के पक्षियों को देख सकते हैं।

कब जाएँ
पर्यटक हाफलोंग की सैर पर कभी भी जा सकते हैं..यहां का पेफेक्ट मौसम पर्यटकों को अहर मौसम में अपनी ओर आकर्षित करता हैं।

कैसे पहुंचे
असम के सबसे बड़े शहरों में से एक हाफलांग सिलचर से सिर्फ 106 किमी दूर है। सिलचर-हाफलांग सड़क अपेक्षाकृत अच्छी है और हाफलांग पहुंचने में करीब दो घंटे का समय लगता है। देश के अन्य हिस्सों से सिलचर के लिए फ्लाइट भी मिलती है।PC:Sankhyac
- 2500 हजार रूपये में अब उड़ते हुए करे दिल्ली दर्शन
- राजस्थान का राजसी ठाट-बाठ तो बहुत देख लिया..अब घूमे राजस्थान के नेशनल पार्क
- तीन दिन की छुट्टी में घूमे अमृतसर-चंडीगढ़...वाघा बॉर्डर जाना करें ना Miss
- सबसे खतरनाक धार्मिक यात्राएँ..



Click it and Unblock the Notifications












