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ये है महाबलीपुरम के खास मंदिर..जो एक ट्रैवलर को जरुर देखने चाहिए

Written By: Goldi

महाबलीपुरम दक्षिण भारत के शहर चेन्‍नई से लगभग 60 किलो मीटर की दूरी पर बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित एक मंदिर कस्‍बा है। प्रांरभ में इस शहर को मामल्लापुरम कहा जाता था।

इस स्थान के नामकरण के पीछे एक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने वामनावतार धारण कर जिस असुर पर विजय प्राप्त की थी, उसी महाबली दानव के नाम पर इस जगह का नामकरण हुआ है। वैसे एक किंवदंती और भी प्रचलित है कि सातवीं शताब्दी में पल्लव राजा नरसिंह वर्मन-महामल्ल और बलशाली थे। उन्हीं के नाम पर इसका नाम महामल्लपुरम और अपभ्रंश होते-होते आज मामाल्लीपुरम अथवा महाबलीपुरम हो गया।

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महाबलीपुरम आज एक छोटी सी जगह है, कभी यहां पल्लवों का बंदरगाह था। ईसा पूर्व से ही ग्रीक नाविक अपने पोत यहां खड़े किया करते थे। आस-पास के स्थलों से प्राप्त असंख्य रोमन सिक्के इसके अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार केन्द्र होने का संकेत देते हैं । यहाँ के अद्भुत कलात्मक शैली वाले मंदिर, दूर दूर तक बिखरी चांदी की भाँती चमकती रेत, वृक्ष और अठखेलियां करती समुद्र की लहरें महाबलीपुरम को विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में शुमार करती हैं।

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महाबलीपुरम के मंदिर अपनी नक्काशियों के लिए खासा जाने जाते हैं। इन मंदिरों में वाराह मंडपम, कृष्णा मंडपम, पांच रथ और शोर टेम्पल मुख्य रूप से दर्शनीय है। यहाँ पत्थरों को काटकर बनाई गई चट्टानें भी देखने योग्य हैं।

पंचरथ

पंचरथ

पंचरथ अपनी नक्काशी और कलात्मक शैली के लिए लिए मशहूर है जो कि पांच पांडवों के नाम से जाना जाता है। इनकी खासियत यह है कि यह एक ही पत्थर को काटकर बनाये गए हैं। यह महाबलीपुरम के दर्शनीय स्थलों में से एक है जिनकी कलात्मक शैली तारीफ़-ऐ-काबिल है। इन पांच रथों को धर्मराज रथ, भीम रथ, अर्जुन रथ, द्रौपदी रथ, नकुल और सहदेव रथ के नाम से जाना जाता है। इनका निर्माण बौद्ध विहास शैली तथा चैत्‍यों के अनुसार किया गया है अपरिष्‍कृत तीन मंजिल वाले धर्मराज रथ का आकार सबसे बड़ा है। द्रौपदी का रथ सबसे छोटा है और यह एक मंजिला है और इसमें फूस जैसी छत है। अर्जुन और द्रौपदी के रथ क्रमश: शिव और दुर्गा को समर्पित हैं।

PC:Jean-Pierre Dalbéra

कृष्ण मंडपम

कृष्ण मंडपम

कृष्ण मंडपम मंदिर में कृष्ण की कथाओं को पूर्णरूप से चित्रित किया गया है। यहाँ का जादूगरी वातावरण किसी भी पर्यटक को सम्मोहित कर लेता है। यहाँ आकर पर्यटक सुकून महसूस करते हैं।PC:Mahesh B

गुफाएं

गुफाएं

महाबलीपुरम में चट्टानों को काटकर बनाई गई 9 मंदिर गुफा देखने योग्य है। यहाँ पर्यटक आकर अद्भुत कलात्मक गुफाओं के दर्शन कर पाते हैं जो कि मंदिरों में स्थित हैं। इन गुफाओं में से महिषासुरमर्दिनी गुफा सबसे अधिक देखने योग्य है।PC: wikimedia.org

क्रोकोडाइल बैंक

क्रोकोडाइल बैंक

क्रोकोडाइल बैंक जैसा की इसके नाम से ही आभास होता है कि यह किस लिए दर्शनीय है। महाबलीपुरम के क्रोकोडाइल बैंक में लगभग 5000 मगरमच्छ हैं जो कि अन्य प्रजाति के हैं।PC: Kmanoj

कोवलोंग

कोवलोंग

महाबलिपुरम से 19 किलोमीटर दूर कोवलोंग का खूबसूरत बीच रिजॉर्ट स्थित है। इस शांत फिशिंग विलेज में एक किले के अवशेष देखे जा सकते हैं। यहां तैराकी, विंडसफिइर्ग और वाटर स्पोट्र्स की तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं।PC:Kmanoj

मुथकडु

मुथकडु

मुथकडु कोवलम के उत्तर में स्थित है। यह स्थल बोटिंग और वाटर स्पॉट्स के लिए बनाया गया है। यहां पर्यटकों को बोटिंग का आनंद ले सकते है। यहां शंख, सीपियों और पत्थर का बना विभिन्न सामान ख़ास प्रसिद्ध है।

शोर टेम्पल

शोर टेम्पल

शोर मंदिर ऐतिहासिक और खूबसूरत मंदिरों में से एक है। जिसकी कलात्मक शैली सराहनीये है। बताया जाता है कि यह मंदिर 8 वीं सदी के मंदिरों में शामिल है जो कि द्रविड़ शैली का है। इस मंदिर में भगवान विष्णु और भगवान शिव के चित्र एक चट्टान पर बनाये गए हैं। शोर मंदिर अपनी वास्तुशिल्प कला का अद्भुत नमूना है।PC: Bernard Gagnon

महाबलीपुरम कब जाएँ

महाबलीपुरम कब जाएँ

यहाँ घूमने के लिए अक्टूबर से जनवरी का समय सबसे अच्छा रहता है। वैसे तो यहाँ कभी भी आया जा सकता है।PC:Manishmjoshi

महाबलीपुरम में कहां रुके

महाबलीपुरम में कहां रुके

महाबलीपुरम में ठहरने की भी उचित व्यवस्था है। यहां निजी होटलों के अलावा सरकारी गेस्ट हाउस और लॉज इत्यादि भी हैं जहां आसानी से उचित मूल्य में आपके ठहरने की व्यवस्था हो सकती है। ठहरने की व्यवस्था यहां मौजूद दलालों की मदद लिए बगैर यदि स्वयं ही करें तो ठीक रहेगा। आप चाहें तो होटल में अपने ठहरने की व्यवस्था पहले से ही बुकिंग कर भी करवा सकते हैं।PC:Destination8infinity

कैसे जायें महाबलीपुरम

कैसे जायें महाबलीपुरम

वायु मार्ग द्वारा- महाबलिपुरम से 60 किमी. दूर स्थित चैन्नई निकटतम एयरपोर्ट है। भारत के सभी प्रमुख शहरों से चैन्नई के लिए फ्लाइट्स हैं। यहाँ से आप बस या टैक्सी द्वारा महाबलीपुरम पहुँच सकते हैं।

रेल मार्ग द्वारा- निकटतम रेलवे स्टेशन चेन्नई है, जहाँ से आप बस या टैक्सी द्वारा यहाँ पहुँच सकते हैं। चेन्गलपट्टू महाबलिपुरम का निकटतम रेलवे स्टेशन है जो 29 किमी. की दूरी पर है। चैन्नई और दक्षिण भारत के अनेक शहरों से यहां के लिए रेलगाड़ियों की व्यवस्था है।

सड़क मार्ग द्वारा- दक्षिण भारत के सभी प्रमुख शहरों से यहाँ के लिए सीधी बस सेवायें उपलब्ध हैं।महाबलिपुरम तमिलनाडु के प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग से जुड़ा है। राज्य परिवहन निगम की नियमित बसें अनेक शहरों से महाबलिपुरम के लिए जाती हैं। PC:Arian Zwegers

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