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गर्मी से राहत पहुंचाते अंबाला के नजदीक बसे बेहद खूबसूरत हिल-स्टेशन

By Goldi

अंबाला हरियाणा का एक छोटा सा जिला है, जोकि हरियाणा एंव पंजाब (भारत) राज्यों की सीमा पर स्थित है। अंबाला छावनी देश का प्रमुख सैन्य आगार है। इस शहर का उल्लेख पौराणिक महाभारत में भी है, कहा जाता है कि, अम्बाला नाम की उत्पत्ति शायद महाभारत की अम्बालिका के नाम से हुई होगी। इसके अलावा एक और मत है कि, प्राचीन समय में यह क्षेत्र आम के बागों के लिए प्रसिद्ध था, तब इसे आम वाला शहर कहा जाता है, जिसे बाद में इसे बिगाड़कर अंबाला कर दिया गया।

वर्तमान में अंबाला भारत की विज्ञान सामग्री उत्पादन व मिक्सी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। आपको जानकर हैरानी होगी कि, भारत के वैज्ञानिक उपकरणों का लगभग चालीस प्रतिशत उत्‍पादन अम्‍बाला में ही होता है, जिसके चलते इसे विज्ञान नगरी कह कर भी पुकारा जाता है। इस खूबसूरत शहर की स्थापना 14 वीं शताब्दी में अम्बा नामक राजपूत ने की थी।

हरियाणा-पंजाब की सीमा से लगा अंबाला के आसपास कई खूबसूरत वीकेंड डेस्टिनेशन मौजूद है, जहां सप्ताह के अंत में या कहे मई-जून की छुट्टियों को अच्छे से बिताया जा सकता है। तो अगर आप अंबाला में रहते हैं, और इस शहर के आसपास छुट्टियां मनाने की सोच रहे हैं, तो हमारा ये लेख अवश्य पढ़ें

ऊना

ऊना

Pc: Hasan Zulic

प्राचीन मन्दिरों</a></strong> के लिए प्रसिद्ध है। यह ए‍क जगह है जो चारों तरफ से खुली है और शहर का शानदार नजारा दिखाती है। सोलह सिंधी धर के शीर्ष पर स्थित इस जगह से गोविंद सागर झील का शानदार दृश्‍य देखने को मिलता है। यहां का चिंतपूर्णी मंदिर हिंदू धर्म का पवित्र स्‍थल है। यहां गोविंद सागर झील, सोलह सिंधी धर, भारवेन और <strong><a href=शीतला देवी मंदिर" title="प्राचीन मन्दिरों के लिए प्रसिद्ध है। यह ए‍क जगह है जो चारों तरफ से खुली है और शहर का शानदार नजारा दिखाती है। सोलह सिंधी धर के शीर्ष पर स्थित इस जगह से गोविंद सागर झील का शानदार दृश्‍य देखने को मिलता है। यहां का चिंतपूर्णी मंदिर हिंदू धर्म का पवित्र स्‍थल है। यहां गोविंद सागर झील, सोलह सिंधी धर, भारवेन और शीतला देवी मंदिर" />प्राचीन मन्दिरों के लिए प्रसिद्ध है। यह ए‍क जगह है जो चारों तरफ से खुली है और शहर का शानदार नजारा दिखाती है। सोलह सिंधी धर के शीर्ष पर स्थित इस जगह से गोविंद सागर झील का शानदार दृश्‍य देखने को मिलता है। यहां का चिंतपूर्णी मंदिर हिंदू धर्म का पवित्र स्‍थल है। यहां गोविंद सागर झील, सोलह सिंधी धर, भारवेन और शीतला देवी मंदिर

बड़ोग

बड़ोग

Pc:Anup Sadi

हिमाचल प्रदेश</a></strong> के सोलन जिले में स्थित है। बड़ोग कालका और शिमला रेलवे मार्ग पर पड़ने वाला एक रेलवे स्टेशन भी है। यह स्टेशन इंजीनियर कर्नल बड़ोग की कहानी के लिए जाना जाता है, जिन्हें इस सुरंग को बनाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी थी। यह कहानी कुछ इस प्रकार है:- <strong><a href=बड़ोग " title="हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित है। बड़ोग कालका और शिमला रेलवे मार्ग पर पड़ने वाला एक रेलवे स्टेशन भी है। यह स्टेशन इंजीनियर कर्नल बड़ोग की कहानी के लिए जाना जाता है, जिन्हें इस सुरंग को बनाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी थी। यह कहानी कुछ इस प्रकार है:- बड़ोग " />हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित है। बड़ोग कालका और शिमला रेलवे मार्ग पर पड़ने वाला एक रेलवे स्टेशन भी है। यह स्टेशन इंजीनियर कर्नल बड़ोग की कहानी के लिए जाना जाता है, जिन्हें इस सुरंग को बनाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी थी। यह कहानी कुछ इस प्रकार है:- बड़ोग

अंबाला से बड़ोग की दूरी- 90 किमी ( 2 घंटा)

नालदेहरा

नालदेहरा

Pc:Adam Jones
शिमला से करीबन 25 किमी की दूरी पर स्थित नालदेहरा शहर का नाम दो शब्दों 'नाग' और 'डेहरा' से मिलकर बना है, जिसका मतलब है सांपों के राजा का निवास। बताया जाता है कि, इस हिल स्टेशन की खोज ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड कर्जन ने इस खूबसूरत पहाड़ी स्थान की खोज की थी। वे यहाँ के परिवेश से इतने चकित थे कि उन्होंने क्षेत्र में एक गोल्फ कोर्स बनाने का फैसला किया। यह हिल स्टेशन अपने गोल्फ कोर्स, जो एक सबसे पुराना और भारत में बेहतरीन माना जाता है, के लिए प्रसिद्ध है। पर्यटक यहां गोल्फ कोर्स के अलावा कई प्राचीन मंदिर भी देख सकते हैं, जिनमे चब्बा, टट्टापानी, शैली पीक, महाकाली मंदिर, और कोगी माता मंदिर शामिल हैं।
अंबाला से नालदेहरा की दूरी-166किमी (6 घंटा)

मसूरी

मसूरी

उत्तराखंड </a></strong>का प्रसिद्ध हिलस्टेशन है, जोकि देहरादून से 35 किमी की दूरी पर स्थित है। यह हिल स्‍टेशन अन्य पहाड़ी जगहों से अलग है, क्योंकि यहां एक ओर बर्फ की सफेद चादर ओढ़े भव्य हिमालय प्रहरी की तरह खड़ा है तो दूसरी ओर मैदानों में शीतलता का संचार करती हुई गंगा मंथर गति से बह रही है। गढ़वाल पर्वत श्रृंखला पर समुद्र तल से 2500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मसूरी हनीमून कपल्‍स के लिए वाकई किसी स्‍वर्ग से कम नहीं। यह खूबसूरत हिल स्‍टेशन यहां स्थित प्राचीन मंदिरों, पहाडियों, झरनों, घाटियों, <strong><a href=वन्‍यजीव अभयारण्‍यों" title="उत्तराखंड का प्रसिद्ध हिलस्टेशन है, जोकि देहरादून से 35 किमी की दूरी पर स्थित है। यह हिल स्‍टेशन अन्य पहाड़ी जगहों से अलग है, क्योंकि यहां एक ओर बर्फ की सफेद चादर ओढ़े भव्य हिमालय प्रहरी की तरह खड़ा है तो दूसरी ओर मैदानों में शीतलता का संचार करती हुई गंगा मंथर गति से बह रही है। गढ़वाल पर्वत श्रृंखला पर समुद्र तल से 2500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मसूरी हनीमून कपल्‍स के लिए वाकई किसी स्‍वर्ग से कम नहीं। यह खूबसूरत हिल स्‍टेशन यहां स्थित प्राचीन मंदिरों, पहाडियों, झरनों, घाटियों, वन्‍यजीव अभयारण्‍यों" />उत्तराखंड का प्रसिद्ध हिलस्टेशन है, जोकि देहरादून से 35 किमी की दूरी पर स्थित है। यह हिल स्‍टेशन अन्य पहाड़ी जगहों से अलग है, क्योंकि यहां एक ओर बर्फ की सफेद चादर ओढ़े भव्य हिमालय प्रहरी की तरह खड़ा है तो दूसरी ओर मैदानों में शीतलता का संचार करती हुई गंगा मंथर गति से बह रही है। गढ़वाल पर्वत श्रृंखला पर समुद्र तल से 2500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मसूरी हनीमून कपल्‍स के लिए वाकई किसी स्‍वर्ग से कम नहीं। यह खूबसूरत हिल स्‍टेशन यहां स्थित प्राचीन मंदिरों, पहाडियों, झरनों, घाटियों, वन्‍यजीव अभयारण्‍यों

अंबाला से मसूरी की दूरी- 191 किमी (5 घंटा)

 मशोबरा

मशोबरा

Pc:Harvinder Chandigarh

शिमला शिमला

अंबाला से मसूरी की दूरी- 154 किमी ( 4 घंटे 30 मिनट)

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