
धर्म शास्त्रों में काले जादू को अभिचार के नाम से भी जाना जाता है अर्थात ऐसा तंत्र-मंत्र जिससे नकारात्मक शक्तियों को जागृत किया जाता है।काले जादू अर्थात नकारात्मक तंत्र-मंत्र का मुख्य उद्देश किसी व्यक्ति को उस स्थान से भगाना, उसे परेशान करना या उसे अपने वश में करके उसका इस्तेमाल करना या उसे बर्बाद करना होता है।
लोग अपनी समस्याओं का हल निकालने के लिए इस तरह के जादू पर न सिर्फ यकीन करते है ब्लकि उसकी प्रेक्टिस भी करते हैं। इसी क्रम में आज हम आपको अपने लेख से उन जगहों के बारे में अवगत कराने जा रहें है..जहां आज भी काला जादू किया जाता है। तो अगर आप वहां की यात्रा का रहे हैं तो थोड़ा संभलकर जाये।

मेयोंग, असम
असम का मायोंग गांव ऐसा है जिसे काले जादू का गढ़ माना जाता है। इस गांव का नाम लेने से भी आसपास के गांव वाले डरते हैं। यहां के हर घर में आज भी जादू किया जाता है। मान्यता है कि पूरे विश्व में काले जादू की शुरुआत इसी जगह से हुई है। असम का ये छोटा सा गांव मायोंग गुवाहाटी से लगभग 40 कि.मी. दूर है।

वाराणसी श्मशान घाट
उत्तरप्रदेश के वाराणसी श्मशान घाट पर काला जादू करने वाले तांत्रिक साधुओं को अघोरी कहा जाता है।इस घाट पर तंत्र साधना करनेवाले तांत्रिकों की मानें तो ये लोग भगवान शिव और माता काली को खुश करने के लिए ही यह तंत्र साधना करते है।

उड़ीसा की कुशाभद्रा नदी
उड़ीसा के कुशाभद्रा नदी के किनारे आज भी काले जादू से लोगों पर आघात करने की खबरें आती रहती है। इस बात का अब तक कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है। लेकिन जब शिकायत मिलने पर पुलिस ने इस जगह की तलाशी ली तो वहां से काला जादू करनेवाली कई चीजें भी बरामद हुई।जिससे यह साफ होता है कि रात के अंधेरे में यहां आज भी तंत्र साधना की जाती है।

निमतला घाट, कोलकाता
कोलकाता के निमतला घाट पर अघोरी आकर काले जादू की प्रेक्टिस करते हैं। यहां शमशान में भी अघोरी देर रात को जाकर चिता के जलने के बाद बचे हुए मांस को खाते हैं और इसे शक्तियां पैदा करने के लिए जरूरी बताते हैं।

मोघुलपुरा, छतरिंका और शाहिलबंदा, पुराना हैदाराबाद
पुराने हैदराबाद की ये जगहें अंधविश्वास और काला जादू जैसी इलीगल एक्टिविटीज के लिए जानी जाती हैं। इस जगह लोग काला जादू सीखने भी आते हैं। यहां लोगों की सभी परेशानियों को दूर करने के नाम पर काले जादू के सहारे उनकी भावनाओं से खेलते हैं।

पेरिंगोटुकारा, केरला
केरल के छोटे से गांव पेरिंगोटुकारा में काले जादू किए जाने के प्रमाण मिले हैं। इसके चलते यह गांव लोगो के बीच खासा लोकप्रिय हो गया है, जिसके चलते यहां हर रोज हजारो की तादाद में पर्यटक काला जादू देखने पहुंचते हैं। यहां चट्टान और कुट्टिचट्टन को विष्णु का अवतार मानते हैं जो भैंस की सवारी करते हैं और जीवन की परेशानियों को दूर करते हैं। यहां पुजारी चट्टान को पास रखकर अलग- अलग तरह की पुजाएं करते हैं।

सुल्तानशशी, हैदराबाद
हैदराबाद स्थित सुल्तानशशी काला जादू जैसी एक्टिविटीज का अड्डा है। इस जगह कुछ बाबा रहते हैं...जो शादी के बाद आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए महिलाओं से सेक्स करते हैं। यहां काला जादू करने वाली महिलाएं भी होती है जो परेशानी का सॉल्यूशन के लिए खुद के लड़के से सेक्स करने के लिए कहती हैं। इतना ही नहीं यहां कुछ लॉज भी चलाई जाती हैं जहां लोग काले जादू को सीखते हैं। जहां पूरे भारत में काला जादू बैन है वहीं आंध्रप्रदेश में काला जादू रोकने के लिए कोई कानून नहीं है।
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