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बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप के यहां करे खुद को रिफ्रेश

Written By: Goldi

ब्रेकअप के बाद अक्सर हम काफी गमगीन हो जाते हैं, एक पल को ऐसा लगता है, मानो सब कुछ खत्म ही हो गया..एक पल के लिए खुद को संभालना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। लेकिन इस दर्द से उभरने का बेहद ही आसान सा तरीका है ट्रेवलिंग।

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आप सोच रहें होंगे कैसे, तो जनाब जब आप किसी नई जगह को घूमेंगे.......जानेगें तो दिमाग ब्रेकअप के दर्द से हटकर नई जगह को जानने और समझने में लगेगा। और हां अपनी इस ट्रिप के दौरान सोशल मीडिया से भी थोड़ी दूरी बना कर देखिये कि, आपकी यह छुट्टियाँ कितने अच्छे से बीतती है। तो अगर आप अपनी छुट्टियाँ शांति और खुद के साथ बिताना चाहते हैं, तो हम आपको कुछ ऐसी जगहों की लिस्ट दे रहें है..जहां जाकर आप अपने ब्रेकअप का दर्द भी भूल जायेंगे साथ ही खुद को रिफ्रेश भी कर सकेंगे।

आइस किंगडम, जांस्कर घाटी,जम्मू कश्मीर

आइस किंगडम, जांस्कर घाटी,जम्मू कश्मीर

कश्मीर को भारत का स्वर्ग कहा जाता है...कश्मीर में घूमने के लिए सैकड़ों जगह मौजूद है, जो अहर सीजन में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। इसी के बीच एक ऐसी जगह हैं जहां पर्यटक बार बार जाना पसंद करते हैं....इस जगह का नाम आइस किंगडम। आइस किंगडम में आप चारो और फैली बर्फ की चादर को देख सकते हैं जो आपको फिल्म आइस एज की याद दिला सकती है।

कैसे पहुंचे

कैसे पहुंचे

हवाई सफर- जांस्कर घाटी, का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट लेह है जो जम्मू-कश्मीर, श्रीनगर और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है। एयरपोर्ट से टैक्सी लेकर आराम से यहां तक पहुंचा जा सकता है।

रेल- जम्मू तक की रेल सुविधा जांस्कर घाटी, पहुंचने के लिए लेनी होती है और यहां से बस मिलती है।

रोड- जम्मू-कश्मीर से रोजाना लेह और कारगिल तक के लिए बसें चलती हैं जो सुरु और जांस्कर घाटी, तक पहुंचने के लिए बेस्ट हैं. इसके अलावा मोटरसाइकिल और टैक्सी हायर करके भी यहां तक पहुंच सकते हैं।

चांगलांग, अरुणाचल प्रदेश

चांगलांग, अरुणाचल प्रदेश

पूर्वोत्तर भारत में स्थित अरुणाचल प्रदेश की खूबसूरत जगह चांगलांग पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है..यह जगह चारो ओर से प्राकृतिक नजारों को प्रदान करती है।अगर आप वाकई इस जगह को करब से निहारना चाहते हैं, तो यहां पहुँचने के लिए रोड ट्रिप करें। पर्यटक यहां लेक नो रिर्टन, हेल पास आदि घूम सकते हैं।PC: Rohit Naniwadekar

कैसे पहुंचें

कैसे पहुंचें

हवाई सफर- डिब्रूगढ़, असम एयरपोर्ट से चांगलांग की दूरी महज 136 किमी है।

रेल द्वारा - तिनसुकिया रेलवे स्टेशन यहां पहुचने के लिए सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन है।

रोड द्वारा - डिब्रूगढ़ से 140 किमी, तिनसुकिया से 95 किमी और मार्गरिटा से 44 किमी का सफर तय करके यहां तक पहुंचा जा सकता है।

खीरगंगा, हिमाचल प्रदेश

खीरगंगा, हिमाचल प्रदेश

शहर के कोलाहल से दूर खीरगंगा हिमाचल प्रदेश कि सबसे ऊँची जगहों में से एक है,इस जगह आप एडवेंचर स्पोर्ट्स का भी भरपूर लुत्फ उठा सकते हैं।उपरी चोटी पर पहुँचने के बाद आप वहां के मनोरम नजारों को भी देख सकते हैं। अगर आप वाकई खुद से प्यार करते हैं और फ़ालतू के फोनकॉल्स से बचना चाहते हैं, तो खीरगंगा एक बेस्ट प्लेस है।
PC: Viraj87

कैसे पहुंचें

कैसे पहुंचें

हवाई सफर- खीरगंगा का सबसे निकटतम एयरपोर्ट पंतनगर है जो लगभग 235 किमी दूर है. जहां से आप टैक्सी और बस भी ले सकते हैं।

रेल द्वारा - खीरगंगा के सबसे पास का रेलवे स्टेशन काठगोदाम है जो महज 198 किमी दूर है. यहां से बस और टेक्सी लेकर बारशैनी पहुंचा जा सकता है जो खीरगंगा से 11 किमी दूर है।

रोड द्वारा - खीरगंगा तक पहुंचने के लिए बारशैनी तक बस की सुविधा भी मिलती है।PC: Captainplanetreborn

चितकुल, हिमाचल प्रदेश

चितकुल, हिमाचल प्रदेश

चितकुल सबसे अंत में बसा चितकुल गाँव इंडो-चाइना सीमा पर स्थित है। बसपा नदी के तट पर बने इस गाँव में पर्यटकों के लिए बहुत सारी चीज़ें हैं। यहाँ के कग्यूपा मंदिर(मठ) के प्राकृतिक दृश्य की सैर आपकी यात्रा को एक यादगार यात्रा में शुमार कर देगी।PC: Sukanya Ray

कैसे पहुंचे

कैसे पहुंचे

हवाई सफर- चितकुल का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट भुंतर है जो दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है। एयरपोर्ट से टैक्सी लेकर आराम से यहां तक पहुंचा जा सकता है।

रेल द्वारा -चितकुल का नजदीकी रेलवे स्टेशन कालका है...यहां से चितकुल जाने के लिए पर्यटक बस ले सकते हैं।

रोड द्वारा - दिल्ली,चंडीगढ़,स हिमला से चितकुल के लिए बसें चलती हैं। इसके अलावा मोटरसाइकिल और टैक्सी हायर करके भी यहां तक पहुंच सकते हैं। PC:Vachadave

लंगथुंग-धुपीधारा, सिक्किम

लंगथुंग-धुपीधारा, सिक्किम

पूर्वोत्तर राज्य में स्थित सिक्किम हर सीजन में पर्यटकों को अपनी और रिझाता है.सिक्किम में कई ऐसी जगह हैं जहां हर सीजन में पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहता है। लेकिन ऐसी भी जगह है पर्यटकों की नजर अभी भी दूर है, यह जगह है लंगथंग-धुपीधारा, यहां जाना बहुत ही अच्छा एक्सपीरियंस साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां से कंचनजंगा की ऊंची-ऊंची, बर्फ से ढ़की चोटियों को देख सकते हैं और लगभग पूरा सिक्किम भी यहां से साफ नजर आता है।

कैसे पहुंचे

कैसे पहुंचे

हवाई सफर- यहां कोई एयरपोर्ट नहीं है. गंगटोक से 124 किमी दूर पश्चिम बंगाल के बागडोरा में एयरपोर्ट है. जहां से पूरे 5 घंटे लगते हैं यहां तक पहुंचने के लिए. वैसे बागडोरा से गंगटोक तक हेलीकॉप्टर की सुविधा भी मिलती है।
रेल द्वारा - न्यू जलपाईगुड़ी यहां का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है।
रोड द्वारा - सिलीगुड़ी, दार्जिलिंग इन जगहों से टैक्सी लेकर यहां तक पहुंचा जा सकता है।

अगुंबे, कर्नाटक

अगुंबे, कर्नाटक

अगुंबे को किंग कोबरा का घर कहा जाता है। यूनेस्को ने इसे अपने वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में शामिल किया हुआ है। यह प्रदेश अपनी हरियाली और झरनों के लिए प्रसिद्ध है। यह दक्षिण भारत का एक मात्र स्थान है जहाँ वर्षा सब से अधिक होती है।अगुम्बे में देखने लायक कई झरने है, जैसे कि बरकना झरना,कुंचिकल झरना,ओनांक अबी झरना, जोगीगुंडी झरना और कोडलु तीर्था झरना।PC:ಪ್ರಶಾಂತ ಸೊರಟೂರ

कैसे पहुंचे

कैसे पहुंचे

हवाई सफर- मैंगलोर एयरपोर्ट यहां का नजदीकी एयरपोर्ट है. जहां से दिनभर टैक्सी और ऑटोरिक्शा मिलते हैं।

रेल द्वारा- शिमोगा रेलवे स्टेशन की दूरी 90 किमी और उडुपी की 55 किमी है।दोनों ही जगहों से अगुंबे के लिए टैक्सी मिलती है।

रोड द्वार- बेंगलुरु से यहां कई सारी बसें डायरेक्ट अगुंबे के लिए चलती हैं।PC:Mylittlefinger

स्वर्गारोहिणी, उत्तराखंड

स्वर्गारोहिणी, उत्तराखंड

स्वर्गारोहिणी उत्‍तराखंड के चमोली जनपद में स्थित है। मान्यता है कि स्वर्गारोहिणी के रास्ते ही पांडव स्वर्ग के लिए गए थे, लेकिन स्वर्गारोहिणी तक सिर्फ युधिष्ठिर ही पहुंच पाए।स्वर्गारोहिणी से कई नदियां निकलती हैं। जिनमें सिन्धु, गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और यांगत्सी बड़ी नदियां शामिल हैं।ऊपर बादल और नीचे साफ मैदान एक अलग ही सुकून का अहसास दिलाते हैं।जहां आप सुकून भरे पल बिता सकते हैं।
PC: Paul Hamilton

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