गुजरात और राजस्थान...हमारे देश में ऐसे दो राज्य हैं जिनकी संस्कृति और सभ्यता दूर देशों में बैठे पर्यटकों तक को आकर्षित करती है। अगर आप भी राजस्थान की संस्कृति, यहां की मेहमानवाजी, राजस्थान का राजसी परिवेश और यहां के लोगों से प्रभावित होकर घूमने आने का प्लान बना रहे हैं तो यह एकदम सही मौका है। सर्दियों की दस्तक त्योहारों और मेलों का संदेशा लेकर आती है।
इसी क्रम में राजस्थान के प्रसिद्ध पुष्कर ऊंट मेले की तारीखों की घोषणा भी हो चुकी है। अगर आप भी इस साल नवंबर के दूसरे सप्ताह में शुरू होने वाले इस मेले और राजस्थान की खूबसूरती को करीब से महसूस करना चाहते हैं तो बिना कोई भी पल गंवाए जल्दी से होटल की बुकिंग कर लें।

कब से शुरू होने वाला पुष्कर ऊंट मेला?
NDTV राजस्थान की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार 2 नवंबर को श्री पुष्कर पशु मेला कार्यालय की स्थापना के साथ ही इस मेले का आधिकारिक रूप से आगाज हो जाएगा। हालांकि 2 से लेकर 8 नवंबर तक कई मेला परिसर में कई तरह के आधिकारिक काम-काज होते रहेंगे।
9 नवंबर को मेला के ध्वजारोहण के साथ ही पुष्कर पशु मेले की शुरुआत हो जाएगी। हर साल की तरह इस साल इस मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ-साथ राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को करीब से महसूस करने के लिए पुष्कर आने वाले विदेशी पर्यटकों के भी आने की संभावना जतायी गयी है।
शुरू हो चुकी है होटल-होम स्टे की बुकिंग

मिली जानकारी के अनुसार खासतौर पर पुष्कर मेले के दौरान राजस्थान आने वाले पर्यटकों ने मेला कार्यक्रमों का कैलेंडर जारी करने के साथ-साथ ही होटल व होमस्टे की बुकिंग शुरू कर दी है। मीडिया से बात करते हुए होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि होटल की बुकिंग के लिए बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक ऑनलाइन संपर्क कर रहे हैं। होटल प्रबंधन की तरफ से पर्यटकों को पुष्कर मेले के दौरान होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी ब्यौरा मांगने के साथ-साथ खाने-पीने और अन्य जानकारियां दी जा रही है।
कब तक चलेगा पुष्कर मेला और क्या-क्या होंगे आकर्षण?
स्थानीय लोगों के अनुसार पुष्कर मेले का आयोजन पिछले करीब 100 सालों से होता आ रहा है। इस मेले का महत्व पर्यटकों के लिए जितना ज्यादा है, उतना ही इस मेले का धार्मिक महत्व भी माना जाता है। पुष्कर की सीमा के बाद से ही रेगिस्तान के शुरू होने की वजह से यहां ऊंटों की बिक्री सर्वाधिक होती है। व्यापारी अपने ऊंटों को रंग-बिरंगे कपड़ों, घंटियों और अन्य सजावटी सामानों से सजाकर मेले में लाते हैं।

सिर्फ मेले में लाना और ऊंटों की बिक्री ही इस मेले का मुख्य उद्देश्य नहीं होता है। पुष्कर के ऊंट मेला में आपको कई तरह की रोचक प्रतियोगिताएं भी देखने को मिलेंगी जिन्हें खास तौर पर ऊंटों के लिए ही आयोजित किया जाता है। इतना ही नहीं, इन प्रतियोगिताओं में विजेता बनने वाले ऊंट को पर्यटन विभाग की ओर से सम्मानित भी किया जाता है और उन्हें पुरस्कार भी दिया जाता है। इस साल पुष्कर पशु मेला 17 नवंबर 2024 तक चलेगा।
तगड़ी होगी कानून व्यवस्था
पुष्कर मेले की प्रसिद्धि देश-विदेशों में भी फैली हुई है। इसलिए यहां बड़ी संख्या में देसी व विदेशी पर्यटक आते रहते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार की ओर से पुष्कर मेले में हजारों की संख्या में पुलिस जवानों को तैनात किया जाएगा। ताकि मेला परिसर में होने वाली भीड़ का फायदा उठा कर कोई चोर-उचक्का अथवा जेब कतरा सक्रिय न हो जाए। पुलिस बड़ी ही मुस्तैदी के साथ मेला परिसर पर अपनी नजरें बना कर रखेगी।



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