कभी किसी ऐसी दीवार को देखा है जिसमें दरवाजा तो नहीं है लेकिन उसे द्वार कहा जाता है? कभी किसी ऐसी दीवार को देखा है जिसमें बस जालियां ही जालियां हो? अगर ऐसी किसी संरचना को देखनी है तो आपको चले आना होगा राजा-रजवाड़ों के शहर...जयपुर में।
राजस्थान की राजधानी और राजस्थान का सबसे बड़ा शहर जयपुर हवा महल, आमेरा का किला, जंतर-मंतर, बिड़ला मंदिर और न जाने ऐसी कई संरचनाओं की वजह से सालों से पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है। लेकिन हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बता रहे हैं, जिसकी तस्वीर अगर आपके जयपुर एलबम में नहीं रही तो जयपुर की आपकी ट्रिप को ही अधूरी मानी जाएगी।

हम बात कर रहे हैं जयपुर के तोरण द्वार की। जी हां, यह ऐसा द्वार है, जिसमें कोई दरवाजा ही नहीं है। तोरण द्वार जयपुर में कोई पुराना महल या किला नहीं बल्कि हाल ही बनायी गयी एक संरचना है। तोरण द्वार जयपुर एयरपोर्ट के पास जवाहर सर्कल के पास मौजूद है। दूर से देखने पर यह सफेद रंग का खिड़कीनुमा एक संरचना दिखाई देता है। देखने में यह काफी हद तक हवा महल जैसा ही लगता है लेकिन यह कोई महल नहीं बल्कि इसकी मोटाई किसी दीवार जितनी ही बस है।
तोरण द्वार का निर्माण एयरपोर्ट से आने वाले पर्यटकों के स्वागत के लिए किया गया है। एयरपोर्ट से जयपुर शहर में प्रवेश करते समय करीब 1 किमी दूर से ही यह द्वार नजर आने लगता है। पर इस संरचना का नाम 'तोरण द्वार' ही क्यों रखा गया? नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट में इसकी दिलचस्प वजह के बारे में स्पष्ट किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान की परंपरा के अनुसार जब भी किसी की शादी होती है और दुल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर जाता है तो घर में प्रवेश करने से पहले वह तोरण को प्रवेश करता है और जैसा कि हम सभी जानते हैं, हमारे देश में दामाद को मेहमान कहने का प्रचलन है। इसलिए जयपुर में प्रवेश करने वाले सभी मेहमानों का स्वागत करने के लिए ही एयरपोर्ट के पास इस तोरण द्वार का निर्माण किया गया अथवा इस संरचना का नाम तोरण द्वार रखा गया।
कहीं भी घूमने जाने पर फोटो क्लीक करना तो अनिवार्य सा बन गया है। जयपुर का तोरण द्वार भी फोटोग्राफी के शौकिनों के लिए बेस्ट जगह है। यहां न सिर्फ लोग विभिन्न एंगल से तोरण द्वार के कई फोटोज क्लीक कर सकते हैं, बल्कि तोरण द्वार को बैकग्राउंड में रखकर भी इसके सामने खूबसूरत फोटो क्लीक कर सकते हैं।

अगर आप तोरण द्वार के सामने या तोरण द्वार की शानदार फोटो क्लीक करना चाहते हैं तो सुबह या फिर शाम के वक्त जाएं। इस समय सूर्य की हल्की रोशनी में फोटो काफी अच्छी आती है। तोरण द्वार को राजस्थान का गेटवे भी कहा जाता है। इस संरचना की ऊंचाई करीब 104 फीट है।
यह दिन के 24 घंटे खुला रहता है और गर्मियों में यहां आने का बेस्ट समय सुबह 6 से 10 बजे तक और शाम को 5 से रात 10 बजे तक होता है।



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