Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »जैसलमेर का 'सोनार किला', रेगिस्तान का है सबसे चमकता हीरा

जैसलमेर का 'सोनार किला', रेगिस्तान का है सबसे चमकता हीरा

राजस्थान के जैसलमेर का किला, जिसे स्थानीय लोग 'सोनार किला' भी कहते हैं। इसकी गिनती दुनिया के सबसे बड़े किलो में होती है। पीले थार रेगिस्तान में गर्व से अपना सिर ऊंचा किये खड़े इस किले को अपने रंग की वजह से सोने का किला यानी 'सोनार किला' का नाम दिया गया है।

हर साल लाखों की संख्या में राजस्थान आने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों की Itinerary में सबसे ऊपर जैसलमेर का किला ही होता है। इस किले का निर्माण वर्ष 1156 में किया गया था।

jaisalmer fort rajasthan

किसने करवाया था किले का निर्माण

जैसलमेर किले का निर्माण भाटी राजपूत वंश के शासक रावल जैसल ने करवाया था। थार मरुस्थल की रेत पर जब सूर्य की रोशनी पड़ती है तो यह किला भी रेगिस्तान में सोने की तरह चमकने लगता है। रेगिस्तान के कठिन परिवेश को एक तरह से नजरंदाज करते हुए सैंकड़ों सालों से यह किला ज्यों का त्यों खड़ा है। जैसलमेर किला एक हिल फोर्ट है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल हो चुका है। राजस्थान के दूसरे किलो की तरह ही जैसलमेर के इस किले ने भी न जाने कितनी लड़ाईयां देखी हैं।

jharokha in jaisalmer fort

क्यों खास है जैसलमेर का किला

जैसलमेर का किला करीब 1500 फीट लंबा और 750 फीट चौड़ा है। किले के चारो तरफ पीले बलुआ पत्थर से 250 फीट लंबी दिवार बनायी गयी है। खास बात है कि जैसलमेर के किले की वास्तुकला राजपूती शैली के साथ-साथ इस्लामी शैली का भी मिश्रण है। किले के अंदर पर्यटकों के लिए कई खास चीजें जैसे महल, राजनिवास, मंदिर आदि होती हैं, जिनकी वास्तुकला को देखकर आंखे ही मानों चौंधिया जाती हैं। पूरे किले के निर्माण में अधिकांश पीले बलुआ पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है जो सूर्यास्त के समय रेगिस्तान में इसे एक अलग ही चमक देती है।

art in jaisalmer sonar quila fort rajasthan

किले के मुख्य आकर्षण

जैसलमेर किले का मुख्य आकर्षण महारावल पैलेस, 5 मंजिला ताजिया टावर और जवाहर पैलेस है। इसके अलावा यहां राजमहल, जैन मंदिर, लक्ष्मीकांत मंदिर और भी कई जगहें हैं, जिन्हें घूमकर जरूर देखना चाहिए। हर जगह का अपना अलग इतिहास है, जो इसे कई मायनो में खास बना देती है। जैसलमेर का किला कई इस्लामिक शासकों जैसे अलाउद्दीन-खिलजी और हुमायूं ने भी आक्रमण झेलने के बावजूद आज भी सीधा तनकर खड़ा है।

किले के कई प्रवेश द्वार हैं, जिन्हें गणेश पोल, रंग पोल, भूता पोल और हवा पोल आदि के नाम से जाना जाता है। हर द्वार पर शिल्पकारी का शानदार नमूना उकेरा गया है।

नोट : जैसलमेर किला पर्यटकों के लिए सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है।

artwork inside jaisalmer fort rajasthan

कैसे पहुंचे जैसलमेर

देश के कई शहरों से जैसलमेर के लिए सीधी ट्रेन या फ्लाइट मिल जाएगी। स्टेशन या एयरपोर्ट से जैसलमेर किले तक पहुंचने के लिए आप ऑटो रिक्शा ले सकते हैं। मुख्य शहर से जैसलमेर का किला आप पैदर ही बड़ी आसानी से तय कर सकते हैं। जैसलमेर राजधानी जयपुर से करीब 620 किमी और नयी दिल्ली से 921 किमी की दूरी पर मौजूद है। यह शहर सड़क मार्ग से देश के सभी प्रमुख शहरों से बहुत अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

More News

Read more about: rajasthan jaisalmer fort history
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+