अपनी ऐतिहासिकता और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए मशहूर रामकृष्ण मिशन की दिल्ली शाखा में पहली बार दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। ऐसा रामकृष्ण मिशन, दिल्ली के 96 सालों के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब वहां धुमधाम के साथ मां दुर्गा की आराधना का आयोजन हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार इस पूजा का आयोजन दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में रामकृष्ण आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन के करीब ही किया जाएगा।

रामकृष्ण मिशन की दुर्गा पूजा के लिए विशेष तौर पर यहां संगमरमर का मंच तैयार किया गया है, जिस पर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा। इस बारे में रामकृष्ण मिशन, दिल्ली की मैनेजिंग कमेटी के वाइस-प्रेसिडेंट भाष्कर रॉय का कहना है कि भक्तों व सेवकों की संख्या में वृद्धि होने के कारण ही इस साल दुर्गा पूजा का आयोजन संभव हो सका है। हम पारंपरिक रूप से शास्त्रों के अनुसार ही दुर्गा पूजा का आयोजन करेंगे। बता दें, भाष्कर रॉय पिछले 60 सालों से रामकृष्ण मिशन से जुड़े हुए हैं।

जानकारी के अनुसार दुर्गा पूजा से काफी पहले सितंबर माह से ही इस पूजा को लेकर तैयारियां शुरू हो गयी थी, जिसमें संबंधित सभी अधिकारियों से अनुमति लेना और मुख्य रूप से कोलकाता के बेलुर मठ स्थित रामकृष्ण मिशन के मठ व मुख्यालय से इस पूजा की अनुमति लेना शामिल है। इस दुर्गा पूजा की सबसे बड़ी खासियतों में, यहां कोलकाता के तर्ज पर ही अष्टमी के दिन कुमारी पूजन का आयोजन होगा।

कुमारी पूजन के दिन 108 कुमारी कन्याओं को देवी के रूप में सजाकर उनकी पूजा करना ही बेलुर मठ स्थित रामकृष्ण मिशन की सबसे बड़ी खासियत है। इसके अलावा दिल्ली रामकृष्ण मिशन ने कोलकाता के उपनगर बोलपुर से 6 ढाकियों (विशेष वाद्य यंत्र बजाने वाले, जिसे पश्चिम बंगाल में पूजा के समय बजाया जाता है) को बुलाया गया है। पूजा पंडाल में आने वाले भक्तों को भोग वितरण की व्यवस्था भी होगी।
गौरतलब है कि बेलुर मठ में रामकृष्ण मिशन की स्थापना स्वामी विवेकानंद ने की थी, जो रामकृष्ण परमहंस के प्रमुख शिष्य थे। हुगली नदी के किनारे पर स्थित बेलुर मठ सिर्फ भारतीय भक्तों ही नहीं बल्कि विदेशों से भी आने वाले रामकृष्ण परमहंस के अनुयायियों का पसंदीदा आश्रम है।



Click it and Unblock the Notifications














