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भगवान बुद्ध के प्रमुख उपदेशों को बताते हैं ओडिशा के ये पवित्र बौद्ध स्थल

By Syedbelal

बौद्ध अवशेष सघनता में तीन जगहों पर पाये जा सकते हैं- रत्नागिरी, उदयगिरी और ललितगिरी जिनको 'डायमंड ट्रायंगल' के नाम से भी जाना जाता है। इन जगहों पर कई मठ, मंदिर, स्तूप और सुन्दर मूर्तियां हैं जो बौद्ध धर्म की प्रतीक हैं। उनका ग्रामीण वातावरण जो उपजाऊ हिल और धान के खेत के बीच बसा है देखने में सुन्दर भी है और शांत भी।

ओडिशा के रत्नागिरी में जिसे 'हिल ऑफ़ ज्वेल्स' भी कहते हैं व्यापक रूप से बौद्ध अवशेष पाये जा सकते हैं। एक बौद्ध स्थल की तरह यह काफी महत्व्पूर्ण है क्योंकि यहाँ पर सुन्दर मूर्तियां तो हैं हीं साथ ही साथ यह बौद्ध शिक्षण का केंद्र है। विश्व का पहला बौद्ध विश्वविध्यालय जिसकी प्रतिस्पर्धा बिहार के नालंदा से है, रत्नागिरी में स्थित है। भगवान् बुद्ध के सर की पत्थर की विशाल मूर्ती आपको विश्मय में डाल सकती है। यहाँ पर भगवान बुद्ध के दो दर्जन से भी ज्यादा कई आकार के सर पाये जा सकते हैं जिनमें उनके शांत और ध्यान में लीन हावभाव हैं और इनको खुदाई के दौरान पाया गया था। यह कला का अद्भुत नमूना पेश करते हैं।

ओडिशा के उदयागिरी में जिसे 'सनराइज हिल' भी कहते हैं, एक बड़ा बौद्ध काम्प्लेक्स है। यहाँ पर ईंटे का स्तूप, दो ईंटे के मठ, एक पत्थर जिसमें अभिलेख हैं और कई पत्थर से कटे बौद्ध मूर्तियां हैं। उदयागिरी का दूसरा आकर्षण है एक गैलरी जिसमें पत्थर से कटे बौद्ध मूर्तियां हैं जिसके ऊपर से बिरूपा नदी दिखती है। यहाँ पर पांच मूर्तियां हैं जिसमें एक बड़े आकार के खड़े बोधिसत्व हैं, एक खड़े बुद्ध की मूर्ती है, एक स्तूप पर बैठी देवी की मूर्ती है, एक और खड़े बोधिसत्व और एक बैठे हुए बोधिसत्व की मूर्ती है।

ओडिशा के पवित्र बौद्ध स्थल

ललितगिरी के अवशेष रत्नागिरी और उदयागिरी जैसे व्यापक नहीं हैं पर ओडिशा के पुराने बौद्ध बस्ती से हैं। 1985 से 1992 में जब खुदाई हुई तो यह पता चला कि इसे 2 सेंचुरी बीसी से13 वीं शताब्दी तक लगातार अधिकृत किया गया।

ओडिशा के प्रमुख बौद्ध स्थल पर कैसे जाएँ?

ओडिशा का बौद्ध स्थलों का 'डायमंड ट्रायंगल' (रत्नागिरी, उदयागिरी और ललितगिरी) एशिया हिल में बसा है जो भुवनेश्वर से उत्तर दिशा की ओर दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। निकटतम हवाई अड्डा भुवनेश्वर में है जबकि निकटतम ट्रेन स्टेशन कटक में है। जो पर्यटक खुद से यहाँ आना चाहते हैं वह रत्नागिरी के तोशाली होटल में रुक सकते हैं। यह पुरातत्विक संग्रहालय के दूसरी ओर है और रत्नागिरी के बौद्ध आकर्षण से काफी पास है। रत्नागिरी से 10 किलोमीटर से भी कम की दूरी पर बसा है उदयागिरी जबकि ललितगिरी करीबन 20 किलोमीटर दूर है।

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सबसे उचित समय:

यहाँ जाने का सबसे सही समय अक्टूबर से मार्च के बीच का है क्योंकि इस समय मौसम काफी सुहाना रहता है। अप्रैल और मई के दौरान मौसम काफी गर्म हो जाता है और इस समय ओडिशा जाना उचित नहीं है।

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