जिन्दगी में हमेशा कुछ ना कुछ नया करना चाहिए जैसे कुछ नया घूमना चाहिए।लेकिन जब बात होती है हिल स्टेशन की तो हम मनाली, शिमला, मुन्नार,मसूरी के बीच में ही गोल गोल घूमकर रह जाते है। जबकि इन हिलस्टेशन के बीच गोल गोल घूमने से बेहतर है कोई नई जगह घूमने की। लेकिन अब सवाल आता है कौन सी नई जगह या कौन सा हिल स्टेशन। तो आज हम आपको बताने जा रहें है गुजरात का एक ऐसा छुपा हुआ हिल स्टेशन जो शायद ही लोगो को पता हो। इस हिल स्टेशन का नाम है सपुतारा।

सापूतारा समुद्री उंचाई से लगभाग 1000 फीट की उंचाई पर स्थित है। इस हिल स्टेशन से आप सनसेट और सन राइज के बेहद अद्भुत नजारा देख सकते हैं। यहां के मनोरम द्रश्य पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करते हैं। यकीन मानिए हमारा लेख पढने के बाद आप एक बार तो इस हिल स्टेशन को घूमने का प्लान तो जरुर बनायेंगे।
कहा जाता है कि,भगवान राम ने अपने बनवास के दौरान यहां अपने 11 वर्षो का निर्वहन किया था। इस जंगल में यहां के जंगलों में तरह-तरह के सांप पाये जाते हैं। यहां सर्पगंगा नदी के किनारे बने सांप की आकृति की पूजा यहां के स्थानीय आदिवासियों द्वारा की जाती है। यह पूजा होली के मौके पर और भी खास हो जाती है।

कैसे पहुंचे
सापुतारा का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन वघई है जोकि सापूतारा से करीबन 50 किमी की दूरी पर स्थित है ।इस स्टेशन से पर्यटकों को मुंबई दिल्ली बाकि और भी जगहों के लिए आसानी से ट्रेन मिलती है।
सापुतारा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। इसलिए राज्य परिवहन निगम की बसों के साथ ही प्राइवेट लक्जरी कोच बस से भी आसानी से पहुंच सकते हैं। बता दें, सापूतारा मुंबई से 250 किमी की दूरी पर स्थित है तो सूरत से सापूतारा की दूरी 160 किमी है।
कहां घूमे
सनराइज पॉइंट- सापूतारा में सूर्योदय और सूर्यास्त देखना बेहद ही रूमानी होता है। सूर्योदय के देखने के लिए आपको यहां बने हुए सन पॉइंट जाना होगा। वाकई में यहां से उगते हुए सूरज को देखने काफी दिलचस्प है।

सूर्यास्त प्वाइंट- सापूतारा में सूर्यास्त प्वाइंट गांधी शिखर के नाम से जाना जाता है और आगंतुकयहां से सापूतारा हिल स्टेशन के एक लुभावने दृश्य का आनंद ले सकते हैं। शहर के दिल से सूर्यास्त बिन्दु पैदल जा सकते हैं।
सपुतारा झील- सापूतारा हिल स्टेशन अपने आप में एक आकर्षक पर्यटन स्थल है, वहीं झील इसकी खूबसूरती बढ़ाती है। सापूतारा झील एक शांत जलाशय बनाती है, जहां आप नाव की सवारी का आनंद ले सकते हैं, वहीं इसके चारों तरफ सुंदर हरियाली इसकी रौनक बढ़ाती है।
सापूतारा म्यूजियम- सापूतारा में, डांग नामक जनजातीय लोगों की आबादी काफी अधिक है। यह म्यूजियम पर्यटकों को नृत्य, उनकी वेशभूषा, पारिस्थितिकी, उनकी जीवन शैली को दर्शाते हैं। इसके अलावा, इस जगह पर ढेर सारे पक्षी, मिट्टी के उत्पाद और डांग द्वारा प्रयोग किए गए शरीर के टैटू प्रदर्शित हैं।

बंसदा नेशनल पार्क- सपुतारा का यह नेशनल पार्क 24 किमी क्षेत्र में फैला हुआ है और मूल रूप से यह वंसदा महाराजा के निजी जंगल हुआ करता था।यहां शेर, चीते, साप, अजगर, पैंगोलिन, स्पॉटेड कैट्स और बड़े आकार की गिलहरियां देखने को मिलती हैं
पूर्णा वन्यजीव अभयारण्य- पूर्णा वन्यजीव अभयारण्य 160 किलोमीटर के एक विशाल क्षेत्र में फैला है और गुजरात में सबसे घना जंगल है। आप यहां 700 से ज्यादा पौधों की प्रजातियों को देख सकते है।
गिर वाटर फॉल- वाघई नगर से 3 किमी की दूरी पर स्थित, गीरा झरना 30 मीटर की ऊंचाई से गिरते हुए अंबिका नदी में मिलता है।

आर्टिस्ट विलेज- यहा जगह उन लोगो के लिए बेहद ही खास जो कला प्रेमी हैं। यह पूरा गांव सुंदर कलाकृतियों से युक्त एक सुंदर जगह, कलाकार गांव आगंतुकों के लियेहै, जहां आने वाले लोग न केवल कलाकृतियों का आनंद उठा सकते हैं,और खरीद सकते हैं बल्कि वहां की कुछ कारीगरी पर हाथ भी आजमा सकते हैं। इसके अलावा, उचित दाम पर गांव में ठहरने की भी व्यवस्था हो सकती है।
कहां ठहरे -सापूतारा में ठहरने के लिए कई सारे रिसोर्ट बने हुए है, जो आपको वाजिब दामों पर मिल जायेंगे। सपुतारा में आप नार्थ इंडियन खाने के साथ साथ गुजराती खाना ट्राई कर सकते हैं।



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