
PC:Ashwin Kumar
सराफा बाजार की भीड़ भाड़ के चलते यहां रात में दुकाने खोली गयी जिससे धीरे धीरे यह सराफा बाजार लोगो के बीच विख्यात हो गया।जब पूरा शहर सोता है तो यह जगह जागती है..यहां रात के अँधेरे में करीबन हर रोज 3000 से भी ज्यादा लोग खाना खाने पहुंचते हैं जिनमे शहरी पर्यटक के साथ साथ विदेशी भी शमिल होते हैं।

यहां आने वाले लोग मार्केट घूमते हुए मुंह में पानी ले आने वाले व्यंजनों का स्वाद चख सकते हैं। रात के अँधेरे में बल्ब की रौशनी से जगमगाते इस मार्केट में थोड़ी सावधानी बरतनी होती है..क्योंकि जगह जगह लगी दुकानों पर तेल से भरी कढाई होती है, जिसे देखते हुए चलना होता है। सराफा बाजार खाने के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है..यहां का खाना खाने के बाद आप भी समझ जायेंगे कि आखिर यह जगह खाने के शौकीनों के लिए जन्नत क्यों है?
सरफा बाज़ार में लगभग 50 अलग-अलग व्यंजन पाए जाते हैं। यहां आप इन्दौरी खाने का भी स्वाद ले सकते हैं..इस मार्केट में मिलने वाली पोहा जलेबी यहां की सिग्नेचर डिश है जोकि महाराष्ट्रीयन और अरबी शैली से बनती है। इस जलेबी को हल्के कुरकुरे मसाले के साथ परोसा जाता है।

साबूदाना खिचड़ी उपवास के दिनों में खायी जाती है...जिसका लुत्फ इंदौर के गलियों यानी सराफा मार्केट में भी उठाया जा सकता हैं।इस डिश को इस मार्केट में एक अलग ही प्रकार से बनाया जाता है जो खाने के शौकिनो को अपनी और आकर्षित करती है।

सराफा मार्केट एक ऐसी जगह है,जहां खाने के शौक़ीन ही नहीं बल्कि हर कोई बार बार यहां के खाने का स्वाद चखने चला आता है। रात में लगने वाले इस बाजार में आप बूढों से लेकर जवां बच्चों को यहां के खाने का स्वाद लेते हुए देख सकते हैं।



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