गुजरात का ऐतिहासिक शहर बड़ोदरा बेहद आकर्षक और प्राचीन शहर है। इसे 'बड़ौदा' के नाम से भी जाना जाता है। वड़ोदरा शब्द की उत्पत्ति वटोदर से हुई है, जिसका अर्थ होता है- बरगद के पेड़ का पेट। इस ऐतिहासिक शहर को 'महलों का शहर' भी कहा जाता है। यहाँ पुरानी खूबसूरत हवेलियां, महल, बगीचे, मंदिर, मस्जिद व अनेक बाज़ार दर्शनीय है। पूरे गुजरात में वड़ोदरा गरबा मनाने के लिए बहुत प्रसिद्ध है।
वड़ोदरा ऐतिहासिक महत्व के स्थलों से भरा पड़ा है। आप यहां कडिया डूंगर की गुफाएं, लक्ष्मी विलास महल, नजरबाग महल, मकरपुरा महल, श्री अरविंदो निवास, अंकोत्तका, सयाजी बाग, सुरसागर तालाब, दभोई और छोटाउदयपुर में घूमने का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा यहां के वधवाना वेटलैंड एंड ईको कैंपसाइट जैसे प्राकृतिक पार्क प्रवासी पक्षियों को देखने का बेहतरीन विकल्प मुहैया कराते हैं।
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लक्ष्मी विलास पैलेस
वड़ोदरा के राजमहल 1890 में महाराजा सयाजीराव के समय में बनवाए गए थे। इंडो-सारासेनिक परंपरा से बने इन महलों में आप भारत, इस्लामिक और यूरोपीय वास्तुशिल्प का मेल देख सकते हैं। राजमहल घूमते समय आप पच्चीकारी टाइल्स, बहुरंगी संगमरमर, कई तरह की चित्रकला, प्रांगण में लगे ढेरों ताड़ के पेड़ और प्रवेश द्वार पर लगे फव्वारों का आनंद उठा सकते हैं।
Image courtesy:Natraj Ramangupta

प्रताप विलास पैलेस
प्रताप विलास पैलेस स्थापत्य कला का बेहद आकर्षक जीता जागता नमूना है। इस महल में आप संगमरमर, टेराकोटा के सुन्दर शिल्पों एवं प्राचीन शास्त्रों का अदुितीये समन्वय आदि को देख सकते हैं।

लाल बाग
बड़ोदरा का लाल बाग़ बेहद आकर्षक और खूबसूरत बागों में से एक है। अगर आप बड़ोदरा आना चाहते हैं तो यहाँ अवश्य आइयेगा। यहाँ का वातावरण आपको पसंद आएगा।

सयाजी बाग
सयाजी बाग़ में आप फ्लावर क्लॉक, दो म्यूजियम, एक तारामंडल, एक चिड़ियाघर और एक टॉय ट्रेन आदि देख सकते हैं। इसी पार्क में एक तारामंडल के ठीक बगल में एस्ट्रोनॉमी पार्क भी है, जहां आप प्रचीन भारत के एस्ट्रोनॉमिकल उपकरण देख सकते हैं। इस पार्क को कमाती बाग के नाम से भी जाना जाता है।
Image Courtesy:Deadstar

मकरपुरा पैलेस
मकरपुरा पैलेस महाराजा खंडेराव ने अपने रहने के लिए बनवाया था। यह माइल्स बड़ोदरा के दर्शनीय स्थलों में से एक है।
Image Courtesy:Co9man

महाराजा फतेहसिंह म्यूज़ियम
इस संग्राहलय में प्राचीन कलाकृतियों का अद्भुत संग्रह देखने योग्य है। इस म्यूजियम में मुलग लघुचित्र, मूर्ति और टेक्सटाइल से लेकर जापान, तिब्बत और नेपाल की वस्तुओं का विशाल संकलन देखा जा सकता है।
image courtesy:Nathan Huahes Hamilton

वडोदरा म्यूज़ियम और आर्ट गैलेरी
सयाजीबाग के दो म्यूजियम में से एक वड़ोदरा म्यूजियम है। इस म्यूजियम का निर्माण महाराजा सयाजीराव तृतीय के संरक्षण में मेजर चार्ल्स मंट और आरएफ चिसोल्म ने 1894 में करवाया था। सिक्के, विभिन्न भारतीय वाद्य यंत्र, यूरोप के अलग-अलग चित्रकारों की पेंटिंग, ब्लू व्हेल का कंकाल, भू विज्ञान की चीजें, प्राकृति इतिहास और जीव विज्ञान की प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाता है।
image courtesy:Emmanuel DYAN



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