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भारत के इन स्‍थानों पर देवी-देवताओं के साथ भूत-प्रेत भी करते हैं वास

आप मानें या ना मानें लेकिन हमारे आसपास कहीं ना कहीं और किसी ना किसी रूप में अलौकिक शक्‍तियां मौजूद होती हैं। इन्‍हें आप आत्‍मा, भूत्र, दैत्‍य और चुड़ैल कह सकते हैं। कुछ लोग अपनी मुश्किलों और समस्‍याओं से छुटकारा पाने के लिए अलौकिक शक्‍तियों की मदद लेते हैं।

अगर नहीं है भूतों में यकीन..तो एकबार जरुर जायें मेहंदीपुर बालाजी

भारत में कई ऐसे देवी देवतायों के मंदिर हैं, जहां बुरी आत्मायों से पीछा छुडाने के लिया(उनसे सुरक्षा पाने के लिए) पूजा की जाती है। कुछ जगहों पर तो भूत-प्रेतों से छुटकारा पाने और उनकी आत्‍मा की शांति के लिए अनुष्‍ठान किया जाता है। आइए जानते हैं भारत की ऐसी ही कुछ जगहों के बारे में।

संत शबीर शाह दरगाह : चैनपुर

संत शबीर शाह दरगाह : चैनपुर

प्रेतात्‍माओं से पीडित लोग इस दरगाह में शरण लेने आते हैं। जिन लोगों के शरीर पर कोई भूत-प्रेत अपना कब्‍जा कर लेता है उन्‍हें इस दरगाह में आकर मुक्‍ति मिलती है। रूहानी ताकतों से परेशान लोग इस दरगाह में कुछ समय के लिए रहने आते हैं।

कहा जाता है कि यहां पर प्रेतात्‍माओं का इलाज किया जाता है और जिस मनुष्‍य के शरीर में आत्‍मा का वास होता है वो यहां आने के बाद उससे मुक्‍ति पाकर ही वापस घर लौटता है। यहां आने वाले लोग आत्‍माओं से मुक्‍ति पाने की आस लेकर आते हैं। यहां पर आत्‍माओं के द्वारा प्रताडित किए गए लोगों को जंजीरों से बांधकर रखा जाता है।

चंडी देवी मंदिर - हरिद्वार

चंडी देवी मंदिर - हरिद्वार

मां दुर्गा के सात स्‍वरूपों में से एक है चंडी देवी जोकि अपने प्रचंड और उग्र रूप के लिए जानी जाती हैं। प्रेतात्‍माओं से छुटकारा दिलाने के लिए हरिद्वार का ये चंडी मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। अगर आपके या आपके किसी रिश्‍तेदार के शरीर में भूत-प्रेत या आत्‍मा घुस गई है तो उसे इस स्‍थान पर आकर उस पीड़ा से मुक्‍ति मिल सकती है।

मान्‍यता है कि नवरात्रि के दौरान इस मंदिर में चंडी देवी की शक्‍तियां कई गुना बढ़ जाती हैं और इस दौरान देवी की शक्‍ति से लोगों को प्रेतात्‍माओं से मुक्‍ति पाने में मदद मिलती है। PC:World8115

दत्तात्रेय मंदिर - गंगापुर

दत्तात्रेय मंदिर - गंगापुर

कर्नाटक के गुलबर्ग जिले में दत्तात्रेय का मंदिर स्थित है। यह मंदिर अपनी दिव्‍य शक्‍तियों के कारण प्रसिद्ध है। पूर्णिमा और अमावस्‍या के दिन इस मंदिर में भारी संख्‍या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

महामंगला आरती के दौरान आपको लोगों के चिल्‍लाने, रोने और भगवान को अपशब्‍द कहने की आवाज़ें साफ सुनाई दे सकती हैं। इन लोगों के शरीर में आत्‍मा का वास होता है जिसके कारण ये पेड़ों और खंभों पर चढ़ जाते हैं।

हरसु ब्रह्म मंदिर - बिहार

हरसु ब्रह्म मंदिर - बिहार

बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा पर एक ऐसा पवित्र तीर्थस्‍थल बना है जहां एक नाखुश ब्राह्मण की पूजा की जाती है। इस स्‍थान पर लोग बुरी आत्‍माओं, चुडैलों और अलौकि‍क शक्‍तियों से छुटकारा पाने के लिए आते हैं।

कष्‍टभंजन हुनमान मंदिर - गुजरात

कष्‍टभंजन हुनमान मंदिर - गुजरात

गुजरात का ये पवित्र मंदिर हुनमान जी को समर्पित है। हुनमान जी की पूजा करने से भूत-प्रेतों और बुरी आत्‍माओं से छुटकारा मिलता है। इसी तरह हनुमान जी के इस तीर्थस्‍थल में आकर बुरी आत्‍माओं और प्रेतों और ऐसी बुरी शक्‍तियों से छुटकारा मिलता है। इस मंदिर में बाधाओं और परेशानियों से छुटकारा पाने हेतु हनुमान जी की पूजा की जाती है। अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु बड़ी संख्‍या में श्रद्धालु आते हैं।

pc:Kaushik Patel

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर - राजस्‍थान

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर - राजस्‍थान

भारत में मेहंदीपुर बालाजी एक ऐसा धार्मिक स्‍थल है जहां काली शक्‍तियों का अभ्‍यास किया जाता है। इस जगह पर बड़ी संख्‍या में तांत्रिक अपनी शक्‍तियां बढ़ाने के लिए तंत्र-मंत्र का प्रयोग करते हैं। यहां पर हर रोज़ हज़ारों की संख्‍या में श्रद्धालु देवी के दर्शन के लिए यहां आते हैं।

यहां पर प्रेतात्‍मओं से पीडित लोगों पर गर्म पानी डाला जाता है और उन्‍हें दीवारों से जंजीरों के सहारे बांधा जाता है। माना जाता है कि इस स्‍थान पर आने से बुरी आत्‍माओं से रक्षा मिलती है। यहां पर आत्‍माओं से मुक्‍ति दिलाने के लिए अत्‍यंत कठोर तरीकों का इस्‍तेमाल किया जाता है।

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