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गर्मी में भी भारत की इस खास जगह पड़ती है कंपा देने वाली सर्दी, एक बार जायें जरुर

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गर्मियां शुरू हुई नहीं कि हमे घूमने फिरने का एक बहाना मिल जाता है, तो क्यों इन गर्मियों की छुट्टियों भारत कि सबसे ठंडी जगह घूमकर आया जाये। घूमने फिरने से हम रिफ्रेश भी होते हैं, और काफी कुछ नया सीखते भी हैं। भारत में कई ऐसी जगहें मौजूद है, जहां आप अपनी छुट्टियां मनाने पहुंच सकते हैं, जो आपको चिलचिलाती गर्मी में ठंडक का एहसास दिलाती है।

आज हम अपने लेख से आपको एक ऐसी ही ठंडी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि जम्मू-कश्मीर के कारगिल जिले में स्थित है, जी हां हम बात कर रहे हैं द्रास की।

द्रास समुद्र तल से 3280 मीटर की ऊंचाई पर स्थित 'लदाख का प्रवेश द्वार' है। यह शहर पर्यटकों के बीच अपने उबड़ खाबड़ प्राकृतिक दृश्य के लिए मशहूर है, जो उन्हें जोखिम भरे काम करने में मदद करती है। जो पर्यटक द्रास देखना चाहते हैं वह सुरु वैली में ट्रेक्किंग कर सकते हैं जो शहर के पास ही है। इसके साथ ही पर्यटक अमरनाथ गुफा वाला ट्रेक रुट ले सकते हैं, जहाँ लोगों को 5200 मीटर ऊँचे रास्ते को पार करना होगा। आइये इसी क्रम में जानते हैं इन गर्मियों द्रास घूमने के पांच ख़ास कारण

भारत का सबसे ठंडा शहर

भारत का सबसे ठंडा शहर

Pc:Narender9
जम्मू कश्मीर के कारगिल जिले में स्थित द्रास भारत का सबसे ठंडा क्षेत्र है, जहां सर्दियों में तापमान -45 डिग्री और गर्मियों में यहां का तापमान न्यूनतम 5 से 6 के बीच ही रहता है। इस खूबसूरत जगह रहने वाले लोग दर्द कहा जाता है, क्योंकि यहां दर्दिक भाषा बोली जाती है। दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी जगह और भारत की पहली ठंडी जगह पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है।

प्राकृतिक नजारे

प्राकृतिक नजारे

द्रास एक गांव है, जहां ना ऊँची ऊँची बिल्डिंग है, ना ही शोर करते हुए वाहन, अगर है तो सिर्फ बर्फ से ढके पहाड़, और बर्फीले रेगिस्तान जो आँखों के साथ साथ मन को शांति और ठंडक पहुंचाते हैं।

लद्दाख घूमे

लद्दाख घूमे

द्रास श्रीनगर और लेह के रास्ते मे पड़ने वाली जगह है, इसलिए इसे लद्दाख का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। द्रास घूमने आने वाले पर्यटक यहां लद्दाख भी घूम सकते हैं। यह जगह अपने प्राचीन मठों, अन्य धार्मिक स्थलों , रॉयल्टी के महलों , विभिन्न गोमपास , पर्वत चोटियों , वन्यजीव सफारी , साहसिक गतिविधि के धब्बे और के समावेशी के लिए प्रसिद्ध है। लद्दाख भारतीय , तिब्बती और साथ ही बौद्ध धर्म का एक मिश्रण है जो लद्दाख की विशेषता को दर्शाता है।

कारगिल वॉर मेमोरियल

कारगिल वॉर मेमोरियल

Pc:Mail2arunjith

कारगिल वॉर मेमोरियल को बिम्बत वार मेमोरिअल भी कहते हैं, द्रास का मुख्य आकर्षण है। यह मेमोरिअल सिटी सेंटर से, टाईगर हिल की तरफ से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है। इस मेमोरिअल के प्रवेश द्वार पर महान हिंदी फ़िल्म अभिनेता, अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय बच्चन की कविता अंकित है।

द्रास वार मेमोरिअल से जुड़ा संग्रहालय, जिसको 'ऑपरेशन विजय' की सफलता को मानाने के लिए बनाया गया था, यहाँ पर भारतीय सैनिकों की तस्वीरें, महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और रिकॉर्डिंग, पाकिस्तानी युद्ध के औज़ार और कपड़े और कारगिल युद्ध से आर्मी का सरकारी चिन्ह मौजूद है। 'ऑपरेशन विजय', जिसका मतलब हिंदी में सफलता है, इस ऑपरेशन का नाम कारगिल से दुश्मन सैनिकों को निकालने के लिए रखा गया था।

सुरु घाटी में ले ट्रैकिंग का मजा

सुरु घाटी में ले ट्रैकिंग का मजा

Pc: Narender9
अगर आप किसी भी परिस्थिति में एडवेंचर का मजा लेने में सक्षम हैं, तो आपको द्रास में सुरु घाटी में ट्रेकिंग का मजा जरुर लेना चाहिए। इस ट्रेक के दौरान पर्यटक ऊँची जगह पर स्थित गाँव और उम्बाला पास के दोनों तरफ सुन्दर चारागाह को देख सकते हैं जो 4500 मीटर पर है। यहाँ से पर्यटक अमरनाथ गुफा के लिए जाने वाली ट्रेक रूट भी ले सकते हैं। ज़ोजिला के नीचे मिनामर्ग से शुरू हो कर, ट्रेक ३ दिनों का होता है जहाँ 5200 मीटर की ऊँची पास को पार करना होता है। द्रास टाउन में आप छोटी पदयात्रा और ऊंचाई पर स्थित गाँव देखने के लिए ट्रेक के लिए जा सकते हैं।

कब जायें द्रास

कब जायें द्रास

द्रास भारत का सबसे ठंडा क्षेत्र है, तो बेहतर होगा कि, आप मै से लेकर अक्टूबर के बीच यात्रा करें, सर्दियों के दौरान यहां ठंडी भी बहुत होती है,भारी बर्फबारी के कारण यहां के रास्ते भी बंद कर दिए जाते हैं।

कैसे जायें द्रास

कैसे जायें द्रास

हवाई जहाज द्वारा
द्रास का नजदीकी हवाई अड्डा लेह है, जोकि करीबन 280 किमी की दूरी पर स्थित है, पर्यटक लेह से द्रास तक बस द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं।

ट्रेन द्वारा
द्रास का नजदीकी रेलवे स्टेशन श्रीनगर हैं, जोकि द्रास से करीबन 442किमी की दूरी पर स्थित है, पर्यटक श्रीनगर से द्रास तक बस या कैब द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं।

सड़क द्वारा
अगर आप सड़क द्वारा आना चाहते हैं, तो आप मनाली और श्रीनगर के रास्ते यहां आसानी से पहुंच सकते हैं।

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