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राजस्थान मंदिर! कहीं चूहे देते हैं आशीर्वाद, तो कहीं कुंड में डुबकी लगाने से धुल जाते हैं पाप

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इसमें कोई दो राय नहीं है कि, राजस्थान भव्य महल, हवेलियां और किलों के लिए जाना जाता है। जब भी बात भारत के इतिहास के आती है, तो उसमे गौरव से राजस्थान का शामिल जरुर किया जाता है। लेकिन क्या आप राजस्थान के किलों ,महलों के अलावा यहां के खूबसूरत और प्रसिद्ध मन्दिरों से वाकिफ है, जिनके दर्शन करने हर रोज हजारों की तादाद में भक्त पहुंचते हैं।

खास बात यह है कि, आप राजस्थान के बेहद खूबसूरत मन्दिरों के सैर करते हुए यहां की यहां के विविध संस्कृति को भी देख सकेंगे।

अम्बिका माता मंदिर, उदयपुर

अम्बिका माता मंदिर, उदयपुर

उदयपुर से करीबन 50 किमी की दूरी पर स्थित अंबिका माता का मंदिर राजस्थान के पुराने मन्दिरों में श्रेणी में आता है, जिसका निर्माण करीबन दसवीं शताब्दी के दौरान सम्पन्न हुआ था। इस मंदिर में दुर्गा मां के रूप अंबिका माता की पूजा की जाती है। यह मंदिर आज भी यहां के हिन्दू श्रधालुयों के बीच उतना लोकप्रिय नहीं है, जितना की पर्यटकों के बीच है, पर्यटक इस मंदिर की अविश्वसनीय वास्तुकला को देख आश्चर्यचकित रह जाते हैं। मंदिर की दीवारों और छतों पर कई मूर्तियों के चित्रण के कारण अंबिका माता मंदिर को मेवाड़ के खजुराहो के रूप में भी जाना जाता है।Pc:Michael Gunther

करणी माता मंदिर, बीकानेर

करणी माता मंदिर, बीकानेर

करणी माता मंदिर की जो कि राजस्‍थान के बीकानेर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर देशनोक गांव की सीमा में स्थित है। यह मंदिर चूहे वाले मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। करनी देवी साक्षात मां जगदम्बा की अवतार थीं। अब से लगभग साढ़े छह सौ वर्ष पूर्व जिस स्थान पर यह भव्य मंदिर है, वहां एक गुफा में रह कर मां अपने इष्ट देव की पूजा अर्चना किया करती थीं। यह गुफा आज भी मंदिर परिसर में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण बीमानेर के राजा गंगा सिंह द्वारा 20वीं शताब्‍दी में करवाया था। यह मंदिर काफी बड़ा और सुंदर है। यहां चूहों के अलावा, चांदी के बडे़-बड़े किवाड़, माता के सोने के छत्र और संगमरमर पर सुन्दर नक्काशियों को दर्शाया गया है ।
Pc:Jean-Pierre Dalbéra

भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर जहां लगता है चूहों का दरबार

बिरला मंदिर, जयपुर

बिरला मंदिर, जयपुर

जयपुर में अन्य खूबसूरत आकर्षणों के साथ बिरला मंदिर, जयपुर के अन्य चकित कर देने वाले मंदिरों में से एक है। मोती डंगरी पहाड़ के नीचे स्थापित यह मंदिर मुख्यतः देवी लक्ष्मी नारायण को समर्पित है। इस मंदिर की खास बात यह है कि इस मंदिर की दीवारों पर भगवन बुद्धा, क्राइस्ट, सुकरात और ऐसे ही कई ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की छवि उकेरी गयी हैं। बिरला मंदिरों को आधुनिक दृष्टिकोण की तर्ज़ पर बनवाया गया है और ये कई शहरों के मुख्य आकर्षण केंद्रों की तरह प्रसिद्ध हैं।Pc:Arjuncm3

24 घंटों में जयपुर की यादगार यात्रा!

गलता धाम

गलता धाम

पूर्वी अरावली पहाडियों में स्थित पवित्र तीर्थ गलता जयपुर की पहचान है। यह स्थान सात कुण्ड और अनेक मंदिरों के साथ प्राकृतिक खूबसूरती के लिए पहचाना जाता है। यहां एक प्राकृतिक जलधारा गोमुख से सूरज कुंड में गिरती है। इस पवित्र कुंड में स्नान करने के लिए दूर-दराज से लोग यहां आते है।Pc:China Crisis

 ब्रह्मा मंदिर

ब्रह्मा मंदिर

पुष्कर में स्थित ब्रह्मा जी का इकलौता मंदिर भगवान ब्रह्मा को समर्पित हैं। बताया जाता है कि, इस मंदिर का निर्माण 14 वीं शताब्दी के दौरान ऋषि विश्वामित्र ने कराया था। मुख्य रूप से यह मंदिर संगमरमर के पत्थरों से निर्मित है। कार्तिक पूर्णिमा त्योहार के दौरान यहां मन्दिर में हजारों की संख्या में भक्तजन आते रहते हैं।Pc:V.Vasant

भाव-भक्ति में लीन उत्तरभारत के ये प्रसिद्ध मंदिर

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