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बीते-काल को दर्शाते भारत के समर्द्ध किले

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बीते कई वर्षों में भारत में कई शक्तिशाली राजवंशो का शासन रहा है, जिसे हम आज भी संस्कृति और विरासत में देख सकते हैं। भारत में उनके शासन का उत्कृष्ट उदाहरण है। हम भाग्यशाली है कि आज भी हम उस कला को देख सकते हैं। 

पूरे भारत में शक्तिशाली साम्राज्यों के शाही निवासों को सम्पूर्ण देश में भलीभांति देखा जा सकता है, जो आज के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में शुमार हो चुके हैं।

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इन महलों को सरकार द्वारा सरंक्षित किया गया है, जो हमे बीते युग की झलक को दर्शाते हैं। तो आइये इसी क्रम में आज हम अपने लेख से आपको रूबरू कराने जा रहे हैं, भारत के कुछ बेहद ही खूबसूरत महलों से जिन्हें आपको जीवन में एकबार जरुर देखना चाहिए

मैसूर पैलेस

मैसूर पैलेस

14 वीं शताब्दी में वास्तुकला के इंडो-सरैसेनिक शैली में निर्मित, मैसूर पैलेस को अम्बा विलास पैलेस भी कहा जाता है। कर्नाटक के मैसूर शहर का सबसे लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है। यह शानदार महल 1399 से 1950 तक वाडीयार राजवंश के शाही निवास के रूप में था।

मैसूर के प्रसिद्ध त्यौहार दसहरा के दौरान इस महल को करीबन 1000 बल्बों से सजाया जाता है, जोकि एक बेहद ही मनोरम नजारा होता है। इस पर्व के दौरान पर्यटक इस महल की भव्यता का दीदार सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5:30 तक कर सकते हैं।

मेहरानगढ़ किला

मेहरानगढ़ किला

राजस्थान की नीली नगरी में स्थित मेहरानगढ़ किला एक उच्च ऊंचाई पर स्थित है, जहाँ से पूर्ण जोधपुर को निहारा जा सकता है। इस किले का निर्माण वर्ष 1460 के दौरान राठौर कबीले के प्रमुख राव जोधा द्वारा किया गया था।

किले के भीतर, आप मोती महल, फूल महल और एक म्यूजियम जैसे कई खूबसूरत इमारतों को देख सकते हैं।Pc:Jmacleantaylor

हवा महल

हवा महल

राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित हवा महल, एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है, जोकि लाल और गुलाबी पत्थरों से निर्मित है। इस किले का बनाने का उद्देश्य, राजपूत परिवार की महिलाएं खिड़कियों से बिना किसी रोक-टोक या हिचकिचाहट के शहर की रोज़मर्रा ज़िन्दगी को देख सकें। हवा महल का यह नाम यहाँ के पांचवे मंज़िल से पड़ा, जिसे हवा मंदिर कहते हैं।Pc:Aarshi Joshi

ग्वालियर किला

ग्वालियर किला

ग्वालियर स्थित ग्वालियर किले का निर्माण 8 वीं सदी मान सिंह तोमर ने कराया था। इस किले में दो खास महल हैं, एक है गुजारी महल, और दूसरा मान मंदिर, जो कि किले के रक्षात्मक संरचनाओं से सुरक्षित था।

रानी से संबंधित गुजरी महल अब एक पुरातात्विक संग्रहालय में बदल गया है। ग्वालियर, मध्य प्रदेश के मुख्य पर्यटक आकर्षण में से एक है।पर्यटक इस खास किले का दीदार 9 बजे से शाम 6 बजे तक कर सकते हैं। किले को देखने के लिए व्यस्क को 75 और बच्चो को 40 रूपये का भुगतान करना होता है।Pc:Kmohankar

कूच बिहार पैलेस

कूच बिहार पैलेस

लंदन के विश्व प्रसिद्ध बकिंघम पैलेस की तर्ज पर बना पश्चिम बंगाल स्थित कूचबिहार महल शहर का मुख्य आकर्षण है। यह महल पश्चिमी शैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे टों का उपयोग कर बनाया गया है।51,000 वर्ग फुट में फैली यह इमारत दो मंजिला है, जिसमे विभिन्न कमरें, जैसे बिलियर्ड हॉल, भोजन कक्ष, ड्रेसिंग रूम, आदि शामिल हैं। पर्यटक इस पैलेस में संग्रहालय की सैर कर सकते हैं और बीते जमाने के कलाकारों द्वारा बनाई गयी तस्वीरों को सराहा सकते हैं।Pc:Bornav27may

सिटी पैलेस, उदयपुर

सिटी पैलेस, उदयपुर

उदयपुर स्थित सिटी पैलेस में खूबसूरत झील पिछोला के पूर्वी तट पर स्थित है। मेवाड़ राजवंश के कई शासकों के साथ इस संरचना को पूरा करने में 400 साल का समय लगा। राजस्थानी और मुगल शैली की वास्तुकला के संलयन के साथ निर्मित, उदयपुर सिटी पैलेस कई अन्य शानदार महलों से घिरा हुआ है, जिनमें से कुछ झील पिछोला में स्थित हैं। महल 9.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक दर्शकों के लिए खुला रहता है।Pc:Dennis Jarvis

उमैद भवन

उमैद भवन

दुनिया के सबसे बड़े निजी घरों में से एक उमैद भवन का एक हिस्सा ताज ग्रुप्स ऑफ़ होटल को दे दिया गया है। चित्तर महल के नाम से लोकप्रिय उमैद भवन 1943 में बनाकर पूरा हुआ था।

इस महल का निर्माण काल से भयभीत जोधपुर को रोजगार मुहैया कराने के लिए कराया गया था। महल के एक भाग को अब संग्रहालय में परवर्तित कर दिया गया है। उमैद भवन पैलेस एक भव्य वास्तुशिल्प का चमत्कार है, जिसे जोधपुर की ट्रिप के दौरान अवश्य देखना चाहिए।

Pc:Deepak Bansi

जोधाबाई महल

जोधाबाई महल

मुगलवंश की राजधानी रह चुका शहर आगरा कई खूबसूरत स्मारकों का घर हैं। इस शहर में आज भी समृद्ध मुगल संस्कृति और वास्तुकला, महल, किलों और मस्जिदों से स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।इन्ही में से एक है, जोधाबाई महल, जो प्रिय मुगल रानी जोधा के क्वार्टर के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।Pc:Pratyusha chokkasamudra

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