वाराणसी एयरपोर्ट के रनवे के नीचे से गुजरेगी गाड़ियां क्योंकि वाराणसी एयरपोर्ट के रनवे के नीचे बनायी जाएगी सुरंग जिससे होकर गुजरेगा नेशनल हाईवे - 31 (वाराणसी-लखनऊ हाईवे)। ऐसा करने वाला देश का पहला एयरपोर्ट बन जाएगा वाराणसी का लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट जहां एयरपोर्ट के नीचे से हाईवे गुजरेगी।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार वाराणसी एयरपोर्ट के रनवे के नीचे इस सुरंग का निर्माण नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) करने वाली है, जो एयरपोर्ट पर रनवे का विस्तार भी करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इस सुरंग का शिलान्यास किया।

क्यों है देश में अपनी तरह का पहला टनल रोड?
वाराणसी एयरपोर्ट के रनवे के नीचे बनने जा रहा सुरंग या यूं कहें टनल रोड, देशभर में अपनी तरह का पहला है। दरअसल, अब तक देश के किसी भी एयरपोर्ट पर रनवे के नीचे से कोई सड़क नहीं गुजरी है, जहां से होकर गाड़ियां आवाजाही करती हो। लेकिन वाराणसी में ऐसा होने जा रहा है।
वाराणसी में एयरपोर्ट के विस्तृत रनवे के नीचे से होकर नेशनल हाईवे गुजरेगी। इस वजह से ही कहा जा रहा है कि यह अपनी तरह का देश में पहला टनल रोड होने वाला है। उम्मीद की जा रही है कि इस टनल रोड का निर्माण पूरा हो जाने से वाराणसी को नई रफ्तार मिलेगी।
क्यों पड़ी रनवे के नीचे सुरंग बनाने की जरूरत?
वाराणसी एयरपोर्ट के रनवे का विस्तार किया जाने वाला है। विस्तृत रनवे की वजह से बाबतपुर के पास जहां से होकर वर्तमान समय में नेशनल हाईवे 31 गुजरता है, वहां का ट्रैफिक प्रभावित होगा। बताया जाता है कि इस वजह से ही यहां अंडरपास टनल रोड बनाने का फैसला लिया गया। इस सुरंग के बन जाने के बाद रनवे के नीचे से होकर गाड़ियां सुरक्षित तरीके से और कम समय से बिना किसी बाधा के आसानी से आवाजाही कर सकेंगी।
Times of India की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने IIT दिल्ली की मदद से इस अंडरपास को आधुनिक तरीके से डिजाइन किया है। सुरंग और इससे होकर गुजरने वाले यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सुरंग में 24/7 वीडियो सर्विलेंस की व्यवस्था की जाएगी। अगर किसी भी यात्री को जरूरत होती है तो रूट पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस या आपातकालिन मदद तुरंत मुहैया करवायी जाएगी। सुरंग के दोनों सिरों पर CRPF कर्मियों को तैनात किया जाएगा।

क्या होगी इस सुरंग की विशेषताएं?
वाराणसी एयरपोर्ट के रनवे के नीचे से होकर गुजरने वाला यह सुरंग लगभग 2.89 किमी लंबा होगा। इस सुरंग को बनाने की लागत लगभग ₹652.54 करोड़ हो सकती है। इस सुरंग का शिलान्यास हो चुका है और जल्द से जल्द इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बता दें, रनवे के नीचे अंडरपास से होकर NH-31 को गुजारने की जरूरत तभी महसूस हुई थी जब जून 2024 में मोदी सरकार ने वाराणसी एयरपोर्ट के विस्तार को मंजूरी दे दी थी। इस एयरपोर्ट की तत्कालीन क्षमता से दोगुनी क्षमता वाली नए टर्मिनल और रनवे के विस्तार करने की योजना बनायी गयी थी जिसकी लागत लगभग ₹2870 करोड़ बतायी गयी थी।
20 अक्तूबर 2024 को पीएम मोदी ने एयरपोर्ट विस्तार का शिलान्यास किया था। बताया जाता है कि एयरपोर्ट विस्तार का दूसरा चरण जुलाई 2025 से शुरू होने वाला है, जब रनवे का विस्तार किया जाएगा। संभावना जतायी जा रही है कि यह परियोजना वर्ष 2027 में पूरी कर ली जाएगी।
वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी एयरपोर्ट के वर्तमान परिसर का लगभग 774 एकड़ में विस्तार किया जाएगा, जिसमें से 639 एकड़ परिसर के अंदर और 135 एकड़ परिसर से बाहर विस्तृत किया जाएगा। वर्तमान में रनवे की लंबाई 2745 मीटर है, जिसे बढ़ाकर 4075 मीटर किया जाएगा। इसके साथ ही एप्रन में बे की संख्या को 11 से बढ़ा कर 20 किया जाएगा।
वर्तमान समय में एयरपोर्ट टर्मिनल 24500 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसे बढ़ाकर 99,500 वर्ग मीटर किया जाएगा। पीक आवर के दौरान अभी जहां 1050 यात्री इस एयरपोर्ट से होकर आवाजाही कर सकते हैं, वहीं विस्तार के बाद यात्रियों की संख्या बढ़कर 6050 हो जाएगी। इसके साथ ही वार्षिक तौर पर भी 39 लाख यात्रियों को हैंडल करने की वाराणसी एयरपोर्ट की क्षमता बढ़कर 1 करोड़ प्रति वर्ष हो जाएगी।



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